भीमा कोरेगांव मामला-पुलिस कौन होती है सुप्रीम कोर्ट को रोकने वाली।

भीमा कोरेगांव मामला

न्यूज डेस्क
डिजिटल टीम उर्जांचल टाइगर 
भीमा कोरेगांव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गरूवार को अहम फैसला सुनाया है।मुख न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वा पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि पुलिस कौन होती है,यह कहने वाली की सुप्रीम कोर्ट दख़ल न दें।

कोर्ट ने सरकार को आदेश देते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी,लेकिन आरोपियों  की घर में नज़रबंदी जारी रहेगी। उच्चतम न्यायालय ने कोरेगांव-भीमा मामले में पांच कार्यकर्ताओ की नजरबंदी को 12सितंबर तक आगे बढ़ाने का आदेश दिया है।

उच्चतम न्यायालय ने पुणे पुलिस अधीक्षक के बयानों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा अदालत पर आक्षेप लगा रहें हैं,जब मामले की सुनवाई अदालत में हो रही हो तो महाराष्ट्र सरकार अपनी पुलिस को ज्यादा जिम्मेदार होने का निर्देश दें।

महाराष्ट्र सरकार ने उच्चतम न्यालय से कहा की इन कार्यकताओं को नज़रबंद रखने से मामले की जांच प्रभावित होगी।

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