पढ़िए ,क्यों खादी पर भारी पड़ी खाकी

राजनीति


शक्तिनगर थाना क्षेत्र के एक नेता के व्यवसायिक पार्टनर की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश तक पुलिस दे रही है दविस, किसी भी समय हो सकती है गिरफ्तारी

शक्तिनगर (सोनभद्र)।सोनभद्र जिले के शक्तिनगर थाने में कुछ महीने पहिले एक प्राथमिकी न्यायालय के आदेश पर एक नेता के खिलाफ दर्ज हुई थी ।जिसकी बिबेचना पुलिस उपाधीक्षक पिपरी द्वारा की जा जा रही थी।

सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि उक्त प्रकरण में बिबेचना के दौरान नेता जी के बयान के आधार उनके बिजनस पार्टनर भी अभियुक्त बन चुके हैं । जिनके गिरफरी की कोशिश  पिछले एक सप्ताह से शक्तिनगर पुलिस कर रही है ।

पर सूत्र बताते है उक्त नेता ने ही अपने सहयोगी पार्टनर को भूमिगत कर दिया है। जिसके चलते नटवर लाल पुलिस के हत्थे नही चढ़ रहा है ।परेसान ,हलकान पुलिस अब 182 यानी कुर्की की कार्यवाही करने का आदेश न्यायालय से लेने की तैयारी भी पता चला है कर चुकी है ।

नेता जी अपने स्वभाव के अनुसार चुपके से उच्च न्यायालय पहुच और गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश अपने लिए तो लेलिये ,लेकिन वह यहा भी अपने पार्टनर को अपने फितरती दिमाग से गच्चा दे दिये और पार्टनर का गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश नही लिए ,जिसके चलते गिरफ्तारी के लिए पुलिस को दविस देना पड़ रहा है और वह पुलिस से भागता फिर रहा है।

दूसरी तरफ सूत्रों से पता चला है कि विवेचना पूरी होचुकी हैं ।आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अब आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल करने वाली है ।

सूत्रों की माने तो "बकरे कीमाँ कितने दिन खैर मनाएगी" की कहावत चरित्रार्थ होने वाली है ।

हमेसा पुलिस ,प्रशासन,प्रवंधन पर रौब झाड़ कर अपनी जेब गर्म करने वाले नेता जी और उनके पार्टनर को गिरफ्तार कर जेल का हवा खिलाने का मन पुलिस भी बना चुकी हैं ।इसीलिए उक्त नेता पर पुलिस ने दूर से नजर रखना शुरू कर दिया है ।क्यो की जैसे ही आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल होगा ,गिरफ्तारी के लिए मिला स्थगन आदेश समाप्त हो जाएगा।ऐसी स्थिति में नेता जी भूमिगत न होजाये तो पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने में किरकिरी का सामना न करना पड़े। खैर, नेता जी को पुलिस से टकराना तो बेचारे को महंगा पड़ ही गया ।यहा "खादी पर खाखी भारी पड़ी"।

पुलिस भी अब गुप् चुप तरीके से पता चला है आरोप पत्र किसी भी समय दाखिल कर देने वाली है । इसके बाद तो फिर गिरफ्तरी की तलवार उनके सिर पर लटक ही जाएगी। क्योकी यह "अरेस्ट स्टे" चारसीट दाखिल होने तक के लिए ही मिला हुवा है ।सूत्र बताते है कि पुलिस लम्बे समय से लंबित इस मामले की बिबेचना का निस्तारण कर जांच रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल करने की तैयारी कर चुकी है ।लेकिन सैकड़ो लोगों से जुड़ा लाखो के हेरा फेरी के मामले में एफ. आर. नही लगवा सके नेता जी अब हैरान परेसान है और पानी पी पी कर अपने ही पार्टी के नेताओ को दबी जुबान से गाली देते ,कोसते फिर रहे है और अपने साथ धोखा हुवा लोगो को बता के अपने मन की भड़ास निकाल रहे है ।

दूसरी तरफ चार सीट दाखिल होने वाली है कि खबर से योगी सरकार और उनके पुलिस की साख व विश्वसिनीयता आम जनता में बढ़ गयी है।इस घटना में नया मोड़ तब आया जब नेता जी अपने सहयोगियों के साथ अपने ही अनुसांगिक संगठन के एक पदाधिकारी से अपनी हनक दिखाने और नेतागिरी चमकाने के लिए टकरा गए ,फिर क्या हुवा उक्त पदाधिकारी ने अंदर खाने से अपनी राजनैतिक रसूख दिखा कर चारो खाने चित्त कर दिया । 

राजनीति के नौसिखिया ,अनुभवहीन नेता जी धोबिया पाट दाव के शिकार हो गए । इस प्रकरण में तब नया मोड़ आया जब रात में नेता जी खुद ही थाना क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ वाहन चेकिंग के लिए निकल पड़े और एक बार फिर पुलिस से टकरा गए और यही से फिर एक नया मोड़ आगया और पुलिस ने भी अपना रुख बदल दिया ।परिणाम सामने है ।अब आप ही तय करे कि खादी पर खाखी भारी पड़ गयी कि नही?
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