शक्तिनगर के भैरवा गांव में "बरम बाबा" के मंदिर की रखी गयी आधार शिला

"बरम बाबा"


"बरम बाबा" के मंदिर के लिए प0 रामकृपाल पांडेय ने दी जमीन,गाँव के पुरोहित ने नारियल तोड़ किया भूमि पूजन

 के सी शर्मा 
वरिष्ठ पत्रकार

शक्तिनगर थाने के भैरवा गांव में पांडेय परिवार के कुल देवता "बरम बाबा" के मंदिर का भूमि पूजन गाँव के पुरोहित ने नारियल तोड़ की ।भूमि पूजन के बाद गांव के वरिष्ठ नागरिक प0 श्याम नरेश शर्मा ने फावड़ा चला मन्दिर के नींव की खुदाई करते हुए उसकी आधार शिला राखी।

मन्दिर के लिए25*25फीट की भूमि प0 राम कृपाल पांडेय ने दी है ।

ज्ञात हो कि इसके पहले "बरम बाबा" खुले आसमान में रिहन्द वाध के निर्माण के बाद से ही एक पेड़ के नीचे चबूतरे पर विराजमान है। जिसे मन्दिर की छत के नीचे स्थापित करने की प्रेरण गाँव के ही एन सी एल से अपर महाप्रबंधक स्तर के सेवा निवृत्त एक अधिकारी श्री बी डी पांडेय ने दी ।जिस पर पूरे गांव ने सहमति की मोहर लगा दी ।

श्री पांडेय सिर्फ प्रेरणा ही नही दिए है ,बल्कि मन्दिर निर्माण भी उनके ही नेतृत्व में होने जा रहा है ,जिसकी वे स्वयं अगुवाई भी कर रहे है । श्री पांडेय स्वयं इस मौके पर भूमि पूजन में शिरकत करने पहुचे हुए थे।बताया गया है कि पूरा गांव उनके पीछे खड़ा है और उनके मार्ग दर्शन में मन्दिर निर्माण के लिए तन, मन, धन, से उनके नेतृत्व में सम्पूर्ण गांव का पांडेय परिवार आस्था व विश्वास व्यक्त करता है।

ज्ञात हो कि यह भैरवा गाँव शक्तिनगर थाना क्षेत्र का एक मात्र ऐसा गाँव है, जहाँ सैकडो साल से एक ही एक ही जाति (ब्रम्हण) उसमे भी पांडेय परिवार ही गांव में निवास रत है ।जहां कोई अन्य जाति, समुदाय का कोई परिवार आज तक इस गांव में नही बसा न उसे बसने की इजाजत दी जाती हैं। इसीलिए इस गांव को लोग पाड़े लोगो का गांव कह सम्बोधित करते है। बइस गांव की विशेषता यह है कि आज तक कोई भी व्यक्ति आपराधिक मामले में थाने नही गया है। इस गांव का पांडेय परिवार परम्परागत तरीके से ज्यादा पुरोहित का कार्य करते हैं,और कर्म कांड ,धर्म ,कर्म,पूजा पाठ में विश्वास करने वाले लोग हैं।

पांडेय परिवार होली के अवसर पर साल में एक बार एक साथ पूरे परिवार सहित "बरम बाबा" के पास एकत्रित होते है और सामूहिक पूजा अर्चना के बाद उस दिन सामूहिक सपरिवार सह भोज भी करते है। गांव की यह एकता और यह परम्परा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आरही हैं जो आज भी जीवन्त है। इसके अतिरिक्त भी साल भर में गांव के लोग व्यक्तिगत यहा धार्मिक अनुष्ठान आयोंजीत करते रहते है। गांव के लोगो को हमेसा अपने" कुल देवता "बरम बाबा" का खुले आसमान के नीचे एक पेड़ की छांव में चबूतरे पर विराजे रहना खटकता था। 

इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गांव के ही सेवा निवृत्त एक अधिकारी श्री बी डी पांडेय ने। जो गांव वालों के प्रेरणास्त्रोत बने।अब गांव के पांडेय परिवार की मुरादे पूरी होने जा रही हैं। उनके कूल देवता "बरम बाबा" अब मन्दिर के छत के नीचे विराज मान होने वाले हैं। जो रिहन्द वाध के निर्माण के समय गांव वालों के साथ डूब के बाद गांव वालों के साथ ही यहा आकर खुले आसमान के नीचे स्थापित है।अब छ दशकों बाद शीघ्र ही मन्दिर बनते ही उसके छत के नीचे सुरक्षित स्थापित हो जाएंगे। इस खबर से पूरे पांडेय परिवार में खुशियों का ठिकाना नही है। पांडेय परिवार के लोग आज बाबा का खूब जयकारा लगाए।

पांडेय परिवर का मानना है कि "बरम बाबा" गांव की रक्षा व गांव वासियों की सुरछा करते है और दुखों संकटो से गांव वालों को बचाते हैं तथा गांव वालों की मनोउती पूरा कर उनकी मुरादे पूरा करते है। !! जय हो बरम बाबा की!!

आज गांव में बाबा के चबूतरे के बगल में राज पुरोहित प0 नरेंद्र पांडेय उर्फ (साहेब पंडित) के नए बने मकान का गृह प्रवेश का अवसर था, जहाँ पूरा गांव प्रीति भोज के लिए जुटा हुवा था।इसी मौके पर मन्दिर निर्माण की नींव भी रक्खी गयी, जिसका पूरा गांव साच्छी बना और लगे जमके जयकारे । हुवा पुरहित द्वारा शंखनाद !, !!जय हो बरम बाबा की!!
Reactions:

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget