NCLनेहरू शताव्दी चिकित्सालय - विशेषज्ञों के अभाव में गलत रिपोर्ट पर मरीजो के साथ हो रहा है जानलेवा खेल

NCL,नेहरू शताव्दी चिकित्सालय

  • अनुसाशनहीन ,गैरजिम्मेदार चिकित्सको से बेबस मरीज अपनी आंसू बहाने को है मजबूर,
  • दो चिकित्सको का मामला पहुचा थाने,
  • विशेषज्ञों के अभाव में गलत रिपोर्ट पर मरीजो के साथ हो रहा है जानलेवा खेल,
के सी शर्मा
वरिष्ठ पत्रकार की विशेष रिपोर्ट

सिंगरौली। एनसीएल के नेहरू शताव्दी चिकित्सालय की हालत दिन पर दिन बद से बदतर होती जा रही है।इस क्षेत्र के सबसे बड़े चिकित्सालय की ख्याति अर्जित करने वाला यह चिकित्सालय विशालकाय भवन में लगभग सभी आधुनिक उपकरणों और लैब आदि से सुसज्जित होने के बाद भी अब अपने दुर्दशाग्रस्त होने के लिए आम जन में खासे चर्चा में है।

जिसका एक ताजा जीता जागता उदाहरण प्रस्तुत करने जारहा हूँ। जिससे पाठक सहज ही समझ जाएंगे नेहरू शताव्दी चिकित्सालय की "हकीकत," "सच के आईनेमे"।तो चलिए हम आपको ले चलते है नेहरू चिकित्सालय के जमीनी हकीकत की ओर जिसे सुन एक बार आप का भी माथा ठनकेगा और दिल की धड़कने भी बढ़ेगी।

क्या है पूरा मामला 

घटना यहा से तब शुरू होती है जब चिकित्सालय का एक चिकित्सक अपने रूटीन वार्ड भ्रमण के दौरान एक मरीज की रिपोर्ट पढ़ कर भड़कता है और वह मरीज की रिपोर्ट सीरियस देख उसे वार्ड में भर्ती किये जाने पर जब सम्बन्धित महिला चिकित्सक को फोन कर अपनी नाराजगी जताते हैं और हुये लापरवाही पर कुछ खरी खोटी सुनाते है, तो वह महिला चिकित्सक उसे गम्भीरता से लेने के बजाय बुरा मान लेती है और आनन फानन में उसी चिकित्सालय में कार्यरत अपने चिकित्सक पति को इसकी बढ़ा चढ़ा जानकारी दे देती है।

पत्नी से मिली जानकारी पर पति चिकित्सक महोदय आग बबूला हो उठते है और "आव देखो न ताव" की तरह वह तुरन्त दूसरे चिकित्सक के कच्छ में पहुच जाते हैं और जमके अपने मन की भड़ास निकाली व जी भर के गली गलौज भी दिये।

हां,वहा कुछ समझदार लोगो थे जो समझा बुझा मामला शांत कराया बरना मारपीट होने की सम्भवना से प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इनकार नही किया जासकता था।

इसके बाद यह मामला एनसीएल और विभागीय उच्चाधिकारियों तक पहुचा,परन्तु सम्बन्धित अधिकारियों ने समय से उपयुक्त कदम नही उठाया तो पीड़ित चिकित्सक यह मामला लेकर स्थानीय थाने चले गए और अपनी शिकायत दर्ज करा दी। जिसकी विवेचना शुरू हो चुकी है।

जब यह रिपोर्टर चिकित्सालय में किसी कार्य से गया था तो देखा कि विवेचक इस प्रकरण से समबन्धित एक प्रत्यक्षदर्शी का बयान ले रहे थे। 

यह घटना इस समय चिकित्सालय में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

इससे अब सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है कि चिकित्सालय,चिकित्सको,जाँच रिपोर्ट,अनुसाशन ,लापरवाही,गैरजिम्मेदाराना ,कितना चरम पर चिकित्सालय में पहुच चुका है। आम जन अपना मरीज लेकर यह मान कर वहा पहुचते है कि वहाँ चिकित्सक के रूप में भगवान मिलेंगे जो जीवन दान देंगे पर वहा का उक्त नजारा तो जिंदगी की जगह मौत परोसने जैसा हालात बया कर रहा हैं जो बेहद ही चिंताजनक है।जिस पर एनसीएल के अध्यक्ष एवं सहप्रबन्ध निदेशक को सज्ञान लेते हुए समय रहते ठोस कार्यवाही करनी चाहिए।

आपको बतादे की इस चिकित्सालय में कोई भी जांच करा लीजिये और फिर वही जाँच बाहर करा लीजिये तो पता चलेगा कि दोनों की रिपोर्ट में जमीन आसमान का अंतर मिलता है। यह बेहद चिंताजनक स्थिति हैं।जो जिंदगी से खिलवाड़ करने जैसे हालात बया कर रहे है। जिसको लेकर एनसीएल के श्रमिकों एवं आमजन में भारी आक्रोश भी व्याप्त है ।

परंतु यह सब पता होते हुये भी विभागीय उवच्चाधिकारी कोई ठोस पहल अभी तक नही कर सके है और नही एनसीएल का उच्च प्रवंधन ही इसको सज्ञान में लिया है।बल्कि कान में तेल डेल,हाथ पर हाथ रखें,आंख मूँदे चुप चाप बैठे हुए है। जो इस चिकित्सालय के साख पर बट्टा लगाने में सहायक बना हुआ है।

रिपोर्ट गलत होने का क्या है कारण 

इस सम्बंध में पता करने पर की रिपोर्ट क्यो गलत आती है तो एक चिकित्सालय का सम्बन्धित कर्मी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मशीन ,(उपकरण)तो है पर विशेषज्ञ नही है जिसके चलते रिपोर्ट तो गलत होना स्वभाविक ही हैं।

हमारा रिपोर्टर जब चिकित्सालय में घूम रहा था तो देखा कि 11बजे तक हजारो मरीज पर्ची कटा चिकित्सक को दिखाने के लिए प्रतिछा में बैठे हुए थे। तब तक अधिकांश चिकित्सक चिकित्सालय के अपने कक्ष हुचे ही नही थे।


वही हालात वार्डो में देखने को मिली ,खास तौर पर प्राइवेट वार्ड की हालत थी जो उपेच्छा का शिकार नजर आया एक पेसेंट ने बताया कि कई कई दिन तक बेड सीट चेंज नही होती है और अन्य तरह की उपेछा व लापरवाही की बात बताइ जो यहा बयां करना जरूरी नही है ।

आज ही भाजपा के एक नेता का पोस्ट भी सोशल मिडिया पर पढ़ने को मिला जो चिकित्सालय की दुर्दशा पर ही असन्तोष और आक्रोश बयां कर रहा है।इस पोस्ट में भी इसका उल्लेख है कि चिकित्सालाय की उक्त समस्या को लेकर शिघ्र ही एक भाजपा का प्रतिनिधिमंडल एन सी एल के सी एम डी से मिलेगा ।

एनसीएल के श्रमिक नेताओ व श्रमिको तथा राजनैतिक दलों के नेताओ सहित आमनागरिकों ने एनसीएल के अध्यक्ष सह प्रबन्ध निदेशक का इस और ध्यान आकृष्ट कराते हुए आवश्यक कार्यवाही किये जाने की मांग की है।देखना है आगे क्या होता हैं?
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