मेडिकेयर स्कीम का कोल इंडिया के 80% कर्मचारी कर रहे हैं विरोध ।

मेडिकेयर

  • एनसीएल के कई परियोजनाओं में विरोध चालू कर्मचारियों का कहना है कि मेडिकेयर के नाम पर लूटा जा रहा है कर्मचारियों को।
  • जब मेडिकेयर स्कीम का 80% से ज्यादा कर्मचारी कर रहे है विरोध तो यूनियन नेताओं ने समझौता किसके लिए किया है।

विनोद सिंह।।सुंदरम सिंह
सिंगरौली, मध्यप्रदेश,उर्जांचल टाईगर 

सिंगरौली।। एनसीएल के केंद्रीय कर्मशाला परियोजना में कार्यरत 50% से ज्यादा कर्मचारियों ने परियोजना महाप्रबंधक को मेडिकेयर स्कीम का विरोध करते हुए पत्र सौंपा। सीटिया ने पहले ही मेडिकेयर का विरोध पत्र दे दिया है जिसके विरोध में 26/09/2018 को धरना धरना प्रदर्शन होगा। जिसमें सभी यूनियन और एसोसिएशन के नेताओं ने भी हस्ताक्षर किए है।

कर्मचारियों की मांगे हैं की मेेडिकेयर स्कीम को पहले की तरह ही चलाई जाए नई स्कीम को तत्काल बंद करते हुए अगस्त माह के काटे हुए पैसे को तत्काल वापस कराया जाए जिन कर्मचारियों की सर्विस 2 साल या उससे कम बची हुई है जिनको यह मेडिकेयर स्कीम लेना है उनके पैसे काटे जाएं बाकी लोगों के पैसे तत्काल वापस करवाया जाए।
जब सभी कर्मचारी विरोध में हैं तो जेबीसीसीआई के बैठक में नेताओं ने फैसला किसके लिए किया।
एनसीएल में जब से मेडिकेयर की नई स्कीम लागू की गई है एनसीएल के सभी परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों को पैसे कटौती का डर सताने लगा है जिससे उत्पादकता प्रभावित हो रही है

प्रबंधन को इस विषय पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए तत्काल कुछ कदम उठाए जाएं ताकि देश हित में कोयले का उत्पादन प्रभावित ना हो और कर्मचारियों में रोष व्याप्त न हो अगर *इस विषय पर किसी भी यूनियन द्वरा कोई कदम नही उठाया तो दिसम्बर में सभी कर्मी सारी यूनियन से रिजाइन की मुहिम चलाएंगे।

जब हमारी टीम ने यूनियन नेताओं से मेडिकल के नए स्कीम के बारे में जानकारी चाही गई तो उनका कहना था मेडिकल का जो पुराना स्कीम है उसमें जो कर्मचारी रिटायर होते हैं तो अगर वह मेडिकल का लाभ लेना चाहते हैं तो उन्हें ₹40000 देना पड़ेगा जिससे वह 1साल में 5 लाख तक की दवाई एन.सी.एल के द्वारा कराई जाएगी लेकिन जो नई मेडिकल स्कीम आई है उसमें सभी कर्मचारियों का ₹2000 प्रति महीने काटा जा रहा हैं जो गलत है जिनकी नौकरी 2 साल या 2 साल से कम बची हुई है जो मेडिकल स्कीम का लाभ लेना चाहते हैं उनके लिए ठीक है लेकिन जिनकी नौकरी अभी 20 साल या 25 साल बची हुई है उनके भी पैसे काटे जा रहे है जो बिलकुल सही नहीं है मेडिकल के नाम पर उन कर्मचारियों का पैसा काटना गलत है यानी कि देखा जाए तो महीने में एनसीएल कर्मचारियों से एनसीएल को 60 करोड़ रुपए के आसपास फायदा हो रहा है इस हिसाब से साल भर में अरबों रुपए एनसीएल मेडिकल के नाम पर कर्मचारियों से ले रहा है एन सी एल इन पैसों का क्या करेगा यह कोई नहीं जानता इसलिए आज हमने अपने परियोजना प्रबंधक को लिखित पत्र देते हुए मांग किया है कि इस विषय पर जल्द से जल्द उचित कार्यवाही करवाई जाए।
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