आर्इ0आर्इ0टी (बी0एच0यू0) तकनीकि समस्याओं के समाधान हेतु शुरू करेगा ‘‘सिंगल विन्डोसिस्टम’’

अजीत नारायण सिंह 
ब्यूरो,वाराणसी, उर्जांचल टाइगर 

डॉ पी के मिश्रा, FIE प्रोफेसर और प्रमुख केमिकल इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विभाग समन्वयक: MCIIE भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) वाराणसी, ने बताया कि आर्इ0आर्इ0टी (बी0एच0यू0) तकनीकि समस्याओं के समाधान के लिए शुरू करेगा ‘‘सिंगल विन्डो सिस्टम’’ “इण्डस्ट्री-इन्स्टीट्यूट-सोसार्इटी कानक्लेव” आई.आई.एस.सी- 2018 हेतु सक्रिय भागीदारी के लिए तीन दिवसीय परिचर्चा के आयोजन मे वाराणसी परिक्षेत्र के समस्त औद्योगिक इकाइयो के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करार्इ। 

वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर एवं भदोही के उद्यमियों ने इस कानक्लेव में बढ़ चढ़ कर भाग लिया। प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता श्री उमेश सिंह, संयुक्त निदेशक उद्योग, श्री आर0के0चौधरी, उ0प्र0 उद्योग संगठन, श्री राजेश भाटिया, वाराणसी उद्योग संगठन,अब्दुल हादी, उपाध्यक्ष अखिलभारतीय कालीन संगठन (एक्मा) एवम् राजेश सिंह, लद्यु उद्योग भारती तथा प्रो0 प्रदीप कुमार मिश्र समन्यवक आई.आई.एस.सी- 2018 एवं प्रो0 राजीव प्रकाश अधिश्ठाता शोध एवम् विकास भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान ने सत्र में अपन विचार रखे। 

प्रो0 प्रदीप कुमार मिश्र ने इस तरह के आयोजनो की सार्थकता पर प्रकाश डाला और कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए यह अति आवश्यक है।उमेश सिंह ने उद्यमो के विकास मे सरकारी प्रयासो से सबको अवगत कराया।आर.के. चौधरी ने क्षेत्र के उद्यमो मे आ रही तकनिकी समस्याओ मे प्रकाश डाला साथ ही साथ उद्यमियो द्वारा किये गये प्रयासो की जानकारी दी। अब्दूल हादी ने कालीन उद्योग में पर्यावरण प्रबन्धन के क्षेत्र में आने वाली समस्याओ की ओर ध्यान दिलाया और आर्इ0आर्इ0टी (बी0एच0यू0) से उस क्षेत्र मे सहयोग की मांग की। 

द्वितीय सत्र मे सभी उद्यमियों ने अपने व्यापार में आने वाली चुनौतियो को लिखित रूप से दर्ज कराया। इस सत्र के उपरान्त अलग-अलग श्रेणियों के उद्योग प्रतिनिधियो ने विस्तार से तकनिकी समस्याओं को प्रस्तुत किया। इस परिचर्चा में पालिमर उद्योग, कागज उद्योग, रसायन उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि संयत्र इत्यादि के समस्याओ पर विस्तार से चर्चा हुर्इ। 

तृतीय सत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का0हि0वि0वि के निदेशक, प्रो0 प्रमोद कुमार जैन ने सहभागियो के प्रति आभार जताया तथा उन्हे भरोसा दिलाया कि संस्थान उनके साथ है और हमसब मिल कर सभी तकनीकि समस्याओं का समाधान करेगें, जिससे क्षेत्र का सर्वागिणि विकास किया जा सकेगा। 
संस्थान अपने संसाधनो के बल पर उद्यगों के कच्चे माल, उत्पाद एवमं प्रदूशण प्रबंधन की समस्याओं के समाधान के लिए ‘‘सिंगल विन्डोसिस्टम’’बनाने जा रहा है। 
सत्र प्रोफेसर समापन में तीसरे दिन प्रमोद कुमार जैन, निदेशक II टी (बीएचयू) वाराणसी ने श्रोताओं, एनजीओ और नागरिक समाज के सदस्यों को उनकी पूरी दिल से भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें आश्वासन दिया कि उनके द्वारा साझा की गई समस्याओं का विश्लेषण हमारी कोर टीम द्वारा किया जाएगा और फिर उन्हें संबोधित किया जाएगा प्राथमिकताओं। उन्होंने तीन दिवसीय आयोजन के परिणाम पर संतोष व्यक्त किया जिसमें कृषि उत्पादक कंपनियों, कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प निर्माता, एमएसएमई और गैर सरकारी संगठनों द्वारा अच्छी विचार-विमर्श आयोजित की गई । 

आईआईएससी - 2018 के प्रोफेसर पी.के. मिश्रा संयोजक द्वारा स्वागत पते के साथ तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू हुई । डॉ० अन्नपूर्णा शुक्ला ने अपने संबोधन में व्यावसायिक प्रशिक्षण / शिक्षा की आवश्यकता और आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी में इस प्रकार की बातचीत के लाभ को चिह्नित किया। श्री एस. उभाष मिश्रा, अध्यक्ष, एंबीशन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी को भी इस क्षेत्र के अन्य संगठन के लिए अपनी दीक्षा और निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। श्री सुभाष यादव क्षेत्रीय अधिकारी पुरातत्व ने स्मारकों के संरक्षण में आईआईटी (बीएचयू) के समर्थक आर एंड डी की आवश्यकता पर बल दिया उन्होंने कहा कि पेंट्स / केमिकल्स एफ रोम को हटाना वाराणसी के घाटों को प्राथमिकताओं पर लिया जाना चाहिए जहां में केमिकल इंजीनियरिंग एक सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। 

फिल्मनेट फाउंडेशन के श्री सुरेश शुक्ला ने परियोजना / प्रशिक्षण के रूप में आईआईटी (बीएचयू) छात्रों की सक्रिय भागीदारी के लिए अनुरोध किया ताकि इंटरनेट पर अश्लील साहित्य को रोकने के लिए बेहतर टूल और तकनीकों का विकास किया जा सके। 

श्रीमती जागृति राही ने किशोर घरों में कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया, उनके आईआईटी (बीएचयू) के मुताबिक इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। 

 कालपेन्द्र तिवारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय समर्थन की अपनी इच्छा व्यक्त की। 

देवा फाउंडेशन की ओर से  विजय त्रिपाठी ने कहा कि सस्ता शिक्षा सामग्री के रूप में यह समाज के लिए महान सेवा की हो जाएगा वंचित छात्रों के लिए विकसित किया जाना चाहिए। 
अजय सुमन देशपांडे फाउंडेशन की ओर से शुक्ला युवकों को शामिल क्षेत्र में उद्यमिता विकास के लिए आईआईटी (बीएचयू) के साथ संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। 

श्रीमती जमुना शुक्ला उसे धन्यवाद इस तरह के एक उपन्यास घटना के आर आयोजन के लिए व्यक्त की है। मुकेश उपाध्याय , अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ अवधेश दीक्षित, दिवाकर सिंह अन्य प्रमुख वक्ताओं थे।
Reactions:

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget