जोडियाँ तो ईश्वर बनाते है (व्यंग्य)

इतिहास गवाह है कब किस पति-पत्नी की आपस में पटी बनी है .....एडजस्ट ही तो करना पड़ता है .......


इतिहास गवाह है कब किस पति-पत्नी की आपस में पटी बनी है .....एडजस्ट ही तो करना पड़ता है .......

विनोद कुमार विक्की
"अरे लड़का हीरा है हीरा एक सुपारी तक नहीं खाता हायली एजुकेटेड है भई देखने में तो सुंदर बांका छैला है...... सरकारी कर्मचारी है तीस हजार रूपये महीने की नौकरी टीए डीए एचआरए मिलाकर चालीस के आस पास उठा ही लेता है माँ-पिता के लिए तो श्रवण कुमार है सोचो अपनी बीवी का कितना ख्याल रखेगा.... . " बिचौलिए ने लड़के की फोटो दिखाते हुए लड़की के पिता को कहा। 

"अजी छोडिए सर .....फोटो में क्या रक्खा है हमें तो लड़का पसंद है....बस लेन-देन ओके हो जाता तो.... " बिना फोटो देखे लड़की के पिता ने कहा। 

वो तो आप पर निर्भर करता है जी आप कितना तक कर पाओगे वैसे भी आपकी बेटी लड़के के सामने रंग,कद काठी में थोड़ा दब भी है और आप तो जानते ही है पीएचडी किया हुआ नौकरीशुदा लड़का मैट्रिक पास लड़की से रिश्ता कराना कितना टफ है......" बिचौलिया ने आगाह कराया। 

"अभी आपने कहा न कि लड़का श्रवण कुमार है तो फिर लड़के से क्या बात करनी जी आप तो उसके माता पिता से बात करो जितनी की डिमांड होगी हम करेंगे बस ख्वाहिश है कि दामाद सरकारी नौकरी वाला हो" लड़की की माँ तपाक से बोल पड़ी। 

"हाँ प्रमिला ठीक कहती है आप किसी तरह जुगाड़ लगाओ सर जी" पत्नी की बात का समर्थन करते हुए लड़की का पिता बोला। 

ठीक है रामानंद बाबू मैं प्रयास करता हूँ।बोल कर बिचौलिया लड़के के घर पहुँचा। 

लड़की की फोटो शाप्ड तस्वीर लड़के के पिता को देते हुए बिचौलिया बोला "अरे मैं बड़े करीब से जानता हूँ रामानंद बाबू के परिवार को......लड़की तो गऊ है गऊ..... सारा घर खुद संभालती है बहुत ही सुन्दर आज्ञाकारी लड़की है।फ़ोटोशाप्ड तस्वीर देखकर लड़के के माता-पिता लड़की देखने को राजी हो गए। 

लड़की के घर पर जब एक नाटे कद की भारी भरकम शरीर वाली लड़की बेढंगे तरीके से साड़ी पहन कर चाय देने आई तो लड़का के माता-पिता ने सोचा घर की आया(नौकरानी) होगी।पर जैसे ही लड़की ने चाय थमाकर नमस्ते किया तो समझते देर ना लगी कि लड़की वही है। 

लड़का के माता-पिता को जैसे झटका सा लगा।हाथों में चाय थामे उन लोगों ने शिकायत भरी निगाहों से बिचौलिए की तरफ देखा। 

बिचौलिया झेंपते हुए बोला-"अरे सर आप चाय तो पीजिए....। 

"क्षमा करिएगा रामानंद बाबू पर मै ये रिश्ता नहीं कर सकता ... " हाथ जोड़ लड़के के पिता ने खड़े होते हुए कहा।
"अरे आप चाय तो पीजिए...." बिचौलिया ने लड़के के पिता से पुनः आग्रह किया।किंतु वे लोग रामानंद बाबू के घर से जाना चाह रहे थे। 

मामला बिगड़ता देख बिचौलिया लड़का के पिता को कोने में ले गया और बोला-"अरे बिरजू बाबू जोड़ी तो आसमान में ही बनती है हम आप तो बस माध्यम है..... शादी ब्याह में थोड़ा बहुत तो उनीस-बीस चलता ही है "। 

"तो क्या मै अपने बेटे की जिंदगी बर्बाद कर दूँ...."।बिरजू बाबू दबी जुबान से बोले। 

"ऐसा नहीं है सर..."।बिचौलिया बोला। 

"हम अपने बेटे के साथ अन्याय नहीं कर सकते..... मेरा बेटा और इनकी बेटी की जोड़ी ईश्वर ने नही बनाई है।हर मामले में ये एक दूसरे के विपरीत है और ये तो ज्यादा पढ़ी लिखी भी नहीं है वैसे भी पढ़ी लिखी सुन्दर लड़की वालों के ढेर सारे रिश्ते आए है राजीव के लिए कुछ तो दस लाख तक देने को तैयार भी है"।बीच मे टोकते हुए बिरजू बाबू बोले। 

" सर इतिहास गवाह है कब किस पति-पत्नी की आपस में पटी बनी है .....एडजस्ट ही तो करना पड़ता है ....... वैसे वो भी तो भगवान की बनाई हुई जोड़ी होती है पर अधिकांश में जीवन भर खट पट होती ही रहती है....." बिचौलिया ने धर्म और नैतिकता की दुहाई देते हुए बिरजू बाबू को समझाने की कोशिश की। 

"तो क्या मै जानबूझकर अपने गोरे स्मार्ट एजुकेटेड बेटे का रिश्ता नाटी काली अशिक्षित लड़की से कर दूँ...."।बिरजू बाबू बिफर पड़े और वहां से चल दिए। 

पीछे से बिचौलिया बोला-"सर आप बात तो सुनिए रामानंद बाबू अच्छे इंसान है मनचाहा खर्च करेंगे शादी में....तीस लाख नगद एक आॅल्टो कार देने को तैयार है...."। 

गुस्से से पलटते हुए बिरजू बाबू बोले-"क..क्या कहा आपने...."। 

"सर आप कहेंगे तो पैतीस तक दिला दूंगा" सकुचाते हुए बिचौलिया बोला। 

बिरजू दंपत्ति एक दुसरे का मुंह देखने लगे।फिर मुस्कुरा कर बिरजू बाबू बोले-"ऐसा है भई चालीस से कम मे कम्प्रोमाइज नहीं कर सकता.......क्या कहती हो राजीव की माँ........आखिर बहुत खर्च हुआ है राजीव की पढ़ाई में ऐसे ही थोड़े ना मिल जाती है सरकारी नौकरी आप तो जानते ही हो सबकुछ!" पत्नी की ओर देखते हुए बिरजू बाबू बोले। 

राजीव की माँ ने सहमति में गर्दन हिलाते हुए कहा-"बात तो आप सही ही कह रहे हो राजीव के पापा......."। 

बिचौलिया तेजी से रामानंद बाबू के पास पहुँच कर धीरे से कानों में कुछ फुसफुसाया। 

"लेकिन यदि लड़का ने लड़की को देखकर आपत्ति जताई तो....." रामानंद बाबू धीरे से फुसफुसाए। 

"अरे आप उसकी चिंता ना करो मेरा बेटा श्रवण कुमार है जो मै कहूँगा वही करेगा"। फुसफुसाहट को सुन चुके बिरजू बाबू बोले। 

रिश्ता फाइनल हो गया।समधि-समधन आपस में गले मिलने लगे।एक दूसरे का मुंह मीठा करने लगे। 

इस प्रकार आसमान में ईश्वर द्वारा बनाई गई एक और जोड़ी को नीचे वाले ने मान्यता दे ही दी।
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