जानिए,उर्जान्चल में होने वाले काले सोने के काले खेल का काला सच!

उर्जांचल टाइगर विशेष


उर्जांचल में कोयला का काला खेल शुरू,पढ़िए कैसे होता है यह पूरा खेल !

के सी शर्मा 
उर्जान्चल में यू पी, एम पी के सिंगरौली परिक्षेत्र में एन सी एल की दर्जनों कोयला खदाने संचालित है।इन्ही कोयला खदानों के कोयले की चोरी में कोल माफियाओ का एक बड़ा रैकेट दशको से जुटा हुवा है जो कोयला चोरी से देश को अरबो रूपये का हर वर्ष छति पहुचा कर देश को खोखला करने में लगा हुआ है।

जनपद सोनभद्र का उर्जान्चल (C.K.D.)कोयला,कबाड़,डीजल,के काले कारोबार के चलते हमेसा सुर्खियों में रहता है।कुछ वर्ष पहले सी बी आई ने कोयला के काले कारोबारियों के अड्डे पर छापे मारी कर बड़ी कार्यवाही की थी। इसके बाद इस कर्यवाही की हनक लगभग एक वर्ष के करीब रही ,इस दौरान कोयले का काला कारोबार बन्द रहा और कोल माफिया भूमिगत होगये थे और सूबे की निजाम बदलने के बाद कुछ महीने उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले क्षेत्र सोनभद्र के उर्जान्चल में इधर भी नये निजाम के हनक के चलते यह रात के अंधेरे का काला कारोबार बन्द था। सूत्रों केमाने  जो अब कुछ महीनों से फिर शुरू हो चूका है ।

सुर्खियां बटोर रहा कोल माफिया 

इस समय शक्तिनगर का एक कोल माफिया इस कारोबार को लेकर काफी सुर्खियों में है। शक्तिनगर थाने से चंद कदमो की दूरी पर स्थित एन सी एल के नए बने वर्कशाप व सीएचपी एरिया में इस कोल माफिया का अड्डा है।जो रात भर गुलजार रहता है। सूत्रों की माने तो स्थानीय पुलिसिया संरक्ष्ण में चलने वाला यह काले सोने का काला कारोबार रात के अंधेरे में धड़ल्ले से वेख़ौफ़ जारी है।

काली रात में होता है काला खेल

रेलवे ट्रेक और पहाड़ियों के समीप आम आदमी के आँखों से दूर यह काला कारोबार, रात का अंधेरा शुरू होते ही शुरू होता हैं और अंधेरा छटने व सूरज की लालिमा आसमान में झलके उसके पहले ही इस काले कारोबार के सबूत मिटा दिए जाते हैं।यह काली रात का काला खेल पिछले कई महीने से शुरू है।

कैसे होता है यह खेल 

इस काले खेल से एनसीएल को हर रात लाखो रुपये और महीने में करोड़ो का नुकसान पहुचाया जा रहा है।कोयला माफिया के अलावा इस खेल में एक खाखीधारी का नाम भी खूब चर्चा में है।एनसीएल के सीएचपी के शैलो से जैसे ही रैक लोड कर थर्मल प्लांटों की ओर धीरे धीरे आगे बढ़ता है।वैसे ही पहले से घात लगाए सैकड़ो की संख्या में टिड्डी दल रैक पर चढ़ जाता है और देखते देखते ही कई ट्रक कोयला नीचे यह टिड्डी दल गिरा देते हैं और यही कोयला फिर इकठ्ठा कर एक जगह जमा कर दिया जाता है। फिर जेसीबी मशीन द्वारा ट्रकॉ पर लोड कर वाराणसी स्थित चंदासीआदि के कोयला मंडी में रात में ही भेज दिया जाता है।

इसके अतिरिक्त कोयला खदानों से कोयला लदे ट्रेलर आते हैं और वही पलटी कर चले जाते हैं।आधे घण्टे के अंदर ही वह कोयला लोड कर वहा से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो जाते हैं।आश्चर्य तो यह हैं कि इन ट्रकों के पास पलटी होने के पेपर का भी होना बताया जाता है।

कोयला की कमाई के लिए  सफ़ेद पोश भी हांथ कर रहें हैं काला  

इस खेल में सभी सम्बन्धित विभागों की सेटिंग होती है।जिनका महीना समय से कोल माफिया द्वारा पहुचा दिया जाता है।इस काले कारोबार को सफेद पोशों,कलमकारों सहित सभी सम्बन्धितों का संरक्ष्ण होता हैं।तभी तो कभी साइकल पर चलने वाला अदना व्यक्ति इस समय कोल माफिया बन अकूत सम्पत्ति का मालिक कुछ ही सालों में बन बैठा है।जहाँ खाकी,खादी, कलम,आदि चौबीसों घण्टे उस माफिया के दरबार मे दुम हिलाते देखे जा सकते हैं।

खाकी की हनक और सिक्कों की खनक धो देता है काले कारोबार का कलंक 

इसकी हनक इतनी है कि क्या मजाल कोईं इसके खिलाफ जुबान खोल सके।यदि किसी ने हिमाकत कि तो उसके गुर्गे उस आदमी के पीछे लग जाते हैं और दहसत पैदा करने लगते हैं।इससे काम नही चला तो खाखी बाकी सब काम कर देती है।इस तरह यह कला कारोबार वर्षो से चल रहा है। जिससे देश को करोड़ो,अरबो की क्षति हो चुकी है जिसका अंतहीन सिलसिला अभी भी जारी है ।

जिसे भी देखनी हो यह मंजर तो रात के अंधेरे में वहा स्थित पहाड़ियों के झड़ी में जाके रात के अंधेरे में छिप के बैठ जाये सच हकीकत के आईने में नजर आजायेगा।पर यहा रात के अंधेरे में जाना जान को जोखिम में डालने जैसा है।इस लिए सतर्कता बरतनी होगी ।क्यो की इनके गुर्गे आसपास चक्रमण करते रहते हैं ।

भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा भी कोयले का काला खेल नहीं रोक सका 

ज्ञात हो कि सोनभद्र जिले के उर्जान्चल में पिछले कुछ महीने से निजाम बदलने के बाद भूमिगत हुए कोल माफियाओ की धमाचौकड़ी फिर दिखने लगी है। इनके बन्द पड़े अड्डे अब फिर धीरे-धीरे गुलजार होने लगे है और जमने लगी है इनके अड्डो पर अब रात की महफिले। अब आप इनके गुर्गो को थाने,चौकियो पर तथा उर्जान्चल के सफेदपोशो व कलमकारों के कार्यालयों के इर्दगिर्द मंडराते कभी भी अक्सर देख सकते है ।

हनक और खनक के प्रभाव और आभाव के आगे सब मौन हैं।

आपको बता दे की उर्जान्चल से महीने में करोड़ो और साल भर में अरबो रूपये का कोयला चोरी कर ये कोल माफिया हाकीमो के संरक्ष्ण में वर्षो से देश को भारी क्षति पहुचा रहे है ।

आम जनता यह बात समझ में यह नही आरहा है कि सत्ता पक्ष के नेता यह सब जानते हुए भी "आँख मूदे,कान में तेल डालें"हुए क्यों है ? दबी जुबान ही सही आम आदमी का तो कहना है कि कोल माफिया सभी को ऊपर से नीचे तक मैनेज कर के ही इस काले कारोबार को काली रात के अंधेरे में बेधड़क,बेख़ौफ़ और निडर हो केअंजाम देते है।

सबसे अहम सवाल है इस समय जनपद सोनभद्र के उर्जान्चल में स्थित दो थाने और दो चौकीया (C.K.D)को लेकर खूब चर्चा में है।क्या यह जिले के हाकीमो को पता नही है? चर्चा तो यह भी है की सब को सब कुछ मालूम है,लेकिन हनक और खनक के प्रभाव और आभाव के आगे मौन हैं।

इन माफियाओं के चमक दमक देख युवाओं में बढ़ते आकर्षण को देख कर स्थानीय नागरिक बेहद चिंतित हैं,अतः उन्होंने पुलिस अधीक्षक सोनभद्र और सिंगरौली का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कोल माफियायो के खिलाफ ठोस कर्यवाही करने की मांग की है क्योंकि कार्यवाही नहीं होने से क्षेत्र में अवैध कारोबार की स्वीकारिता  बढ़ रही ।

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget