चुनाव लड़ने वालों को बताना होगा अपना आपराधिक रिकार्ड

कलेक्टर अनुराग चौधरी ने आगे कहा कि राजनैतिक दलों द्वारा खड़े किए गए आपराधिक मामलों वाले अभ्यर्थियों के मामले में, चाहे मान्यता प्राप्त दल या पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल हों, ऐसे अभ्यर्थियों को रिटर्निग अधिकारी के समक्ष यह घोषित करना होगा


कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुराग चौधरी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सांसद के दोनो सदनो और राज्य विधान मण्डलों के निर्वाचन में उन अभ्यार्थियों जिनके विरूद्ध आपराधिक मामले लंबित है या पूर्व में दोष सिद्ध के मामले है,के द्वारा तथा उन राजनैतिक दलो को ऐसे अभ्यार्थी खड़े करते है तो इनके द्वारा ऐसे मामलो के बारे में निर्वाचन क्षेत्र में व्यपक वितरण वाले समाचार पत्रो में एक घोषणा व्यापक रूप से प्रकाशित करेगे। 

यह घोषणा निर्धारित प्रपत्र फर्मेट सी-1 एव सी-2 में में अभ्यर्थिता वापस लेने की अन्तिम तारीख के अगले दिन से लेकर मतदान होने की तारीख से दो दिन पहले तक कम से कम तीन अलग-अलग तारीखों में प्रकाशित की जानी होगी। यह सामग्री कम से कम 12 के फोंट आकार में और समाचार-पत्रों में उचित स्थान पर प्रकाशित की जानी चाहिए ताकि व्यापक रूप से प्रचारित किए जाने सम्बन्धी निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होने ने कहा कि आपराधिक मामलों वाले ऐसे सभी अभ्यर्थियों के लिए यह भी अपेक्षित होगा कि वे उपर्युक्त अवधि के दौरान तीन अलग-अलग तारीखों को टीवी चैनलों पर भी उपर्युक्त घोषणा प्रकाशित करेंगे। किन्तु, टीवी चैनलों पर घोषणा के मामलों में इसे मतदान सम्पन्न होने के लिए निर्धारित समय समाप्त होने से 48 घंटे पहले पूरा कर लिया जाना चाहिए।

प्ररूप-26 की मद 5 और 6 में घोषणाओं के अनुसार आपराधिक मामलों वाले सभी अभ्यर्थियों के मामले में, रिटर्निंग अधिकारी, समाचार पत्रों और टीवी चैनलों में व्यापक प्रचार के लिए आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा प्रकाशित करने के लिए इन दिशा निर्देशों के बारें में एक लिखित अनुस्मारक देंगे। अभ्यर्थियों को दिए जाने वाले ऐसे अनुस्मारक के लिए एक मानक फॉर्मेट, फार्मेट सी-3 के रूप में संलग्न है। अभ्यर्थी, जिला निर्वाचन अधिकारी को अपने निर्वाचन व्यय लेखा के साथ उन समाचार पत्रों की प्रतियां जमा करेंगे जिनमें इस संबंध में उनकी घोषणा प्रकाशित की गई थी।

कलेक्टर ने आगे कहा कि राजनैतिक दलों द्वारा खड़े किए गए आपराधिक मामलों वाले अभ्यर्थियों के मामले में, चाहे मान्यता प्राप्त दल या पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल हों, ऐसे अभ्यर्थियों को रिटर्निग अधिकारी के समक्ष यह घोषित करना होगा कि उन्होंने अपने राजनैतिक दल को अपने खिलाफ आपराधिक मामलों के बारे में सूचित कर दिया है। ऐसी घोषणा के लिए प्रावधान प्ररूप-26 में नई जोड़ी गई मद (6क) में किया गया है।

ऐसे सभी राजनैतिक दल संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे जिसमें यह बताया गया हो कि उन्होंने इन दिशा-निर्देशों की अपेक्षाएं पूरी कर ली है और इसके साथ संबंद्ध राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के संबंध में दल द्वारा प्रकाशित की गई घोषणा-पत्रों वाली पेपर कटिंग संलग्न है। यह निर्वाचन के संपन्न होने के 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।
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