शक्तिनगर - बेख़ौफ़ संचालित शराब,शबाब,और कबाब में पड़ा पुलिसिया खलल!

ढाबे के आड़ में शराब,शबाब,कबाब, का यह धंधा वर्षो से पुलिसिया संरक्ष्ण में चला आरहा था।


  • पुलिस के औचक निरीक्षण से ढाबा संचालको में मची खलबली!
  • प्रभारी निरीक्षक राजीव मिश्र में दी सख्त हिदायत!
 के सी शर्मा 
जनपद सोनभद्र के शक्तिनगर थाने के नाक के नीचे थाने से चंद कदम दूरी पर स्थित पी डव्लू डी तिराहे पे सन्चालित दुकानों ,ढाबो ,होटलों पर आज अचानक शक्तिनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजीव मिश्र मय पुलिस बल रात के लगभग 8 बजे आधमके,जिसे देख लोग कुछ समझ पाते उसके पहले ही ढाबो में अफरा तफरी मच गई।कुछ लोग ढाबे के पीछे से रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए खिसकने में ही अपनी भलाई समझी ।

प्रभारी निरीक्षक ने ढाबो के कोने कोने का नीरक्षण किया और ढाबा संचालको को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए सख्त हिदायतें दी।इस दौरान कोई संदिग्ध चीज तो नही मिली पर अचानक हुए इस पुलिसिया औचक कार्यवाही से ढाबा व होटल संचालको में हड़कम्प मच गया ।

ज्ञात हो कि कल इन्ही ढाबो पर भाजपा के पूर्व मण्डल अध्यक्ष वृजेश सिंह तोमर को इन्ही ढाबा संचालको में से एक मनबढू ढाबा संचालक ने अचानक उन।पर हमला कर उन्हें बुरी तरह जख्मी बना दिया था।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुच हमलावर को धर दबोचा और प्राथमिकी दर्ज कर तत्काल जेल भेज दिया।

अचानक हुए इस घटना की पीछे के मूल कारणों की अभी तो पूरी तरह सही जानकारी हासिल नही होसकी है, जीतनी मुँह उतनी बाते हो रही है।पर घटना दुस्साहसिक तो थी ही क्यो कि थाने से चंद कदमो की दूरी पर सरे चौराहे दिन के 12 बजे गुंडई और सरहंगई की यह घटना पुलिस को ही नागवार नही लगी ,बल्कि आम जन सब को नागवार लगी ।

ढाबे के आड़ में शराब,शबाब,कबाब, का यह धंधा वर्षो से पुलिसिया संरक्ष्ण में चला आरहा था।इसीलिए इन्हें किसी का भय नही था ये वेख़ौफ़ अपने काले धंधे को ढाबा की आड़ में सन्चालित करते चले आरहे थे ।ऊपर से जिस्म फरोशी के धंधे में लिप्त गर्म गोश्तो का एक लंबा रैकेट हरदम इनके पास होता है,जिसे ये रोजगार और हथियार दोनो के रूप में इस्तेमाल करते रहते हैं।

कहते हैं कि भाजपा नेता पर हमला करने से पहले हमलावर कई अन्य पर इसके पहले हमला कर चुका था ।इसी लिए उसका मन बढ़ा हुआ था।क्योकी हमला करने के बाद यह हमलावर गर्म गोश्तो को आगे कर दिया करता था ।इतना ही नही बाद में वह पुलिस बुलाने का धौस दिखा ब्लैक मेल कर समझौते के नाम पर धन भी ऐठता था,जो इसकी आदत में शुमार हो चुका था।
ढाबे की आड़ में शराब,शबाब,कबाब की एक कि एक संचालिका का तो यहा इस कदर दहशत था कि सभी उससे ख़ौफ खाते थे, कोईं शरीफ उसके ढाबे पर जाने की हिमाकत करना तो दूर वहा जाने के नाम के कल्पना से ही काप उठता था।
इन्ही गर्म गोश्तो की फौज रखने वाली जिस्मफरोशी के रैकेट संचालन की यह सरगना धीरे धीरे ,"लेडी डॉन''के रूप में कुख्यात हो चुकी है। सब मे ख़ौफ पैदा करने वाली यह लेडी डान अब पुलिस का बदला रुख देख खुद ख़ौफ जदा हो इलाके के कई सफेद पोशों के पास संरक्ष्ण मागती उनका चौखट खट खटा रही है । पर रात के अंधेरे में अपनी आगोश में लेकर खेलने वाले खिलाड़ी भी खुल कर सामने आने से कतराते फिर रहे हैं।हा कुछ कथित सफेद पोश पर्दे के पीछे रह कर सलाहकार व सहयोगी भूमिका निभा रहे हैं ।यदि सूत्रों पर भरोसा करें तो यह कहना अतिश्योक्ति नही होगी कि उक्त भाजपा नेता को किसी महिला के द्वारा फसाये जाने चक्रविह रचने की रणनीति लेडी डॉन ने बना ली है ।घटना के दिन भी उक्त लेडी डॉन भाजपा नेता को बेइज्जत करने का असफल प्रयास कर चुकी है।जिससे अंदर अंदर तनाव की भी स्थिति देखी जारही हैं।यदि समय रहते पुलिस ने कोई उपयुक्त कार्यवाही नही की तो भविष्य के गर्भ में पलने वाला बदले की आग कण प्रज्ज्वलित हो जाये यह सहज अंदाजा लगाना सम्भव नही है।क्यो की इस समय तूफान आने के पहले की खामोशी जैसी स्थिति बनी हुई ।पर यही स्थिति ही तो कई तरह के शंकाओं को जन्म देरही है न।

स्थानीय अखबारों में समय समय पर इनके काले कारनामों को उजागर भी कलमकार करते रहे हैं।इन ढाबो पर दिन हो या रात यह ओद्योगिक क्षेत्र होने के नाते शराब,शबाब,कबाब के शौकीनों की हमेशा भीड़ लगी ही रहती थी ।

इसी लिए अक्सर यहा विवाद की स्थिति बनते देखी जाती रही है,और हो भी क्यों न?क्योकि शराब,शबाब,कबाब ही तो इसका मूल जड़ होता हैं।जो वहा खुले आम परोसा जाता है।इसीलिए हरदम वहां कीच कीच होती ही रहती थीं।

इसी को देख स्थानिय कलमकारों ने अपने पत्रकारिता धर्म का निर्वहन करते हुए वर्षो से उपरोक्त स्थिति का आंकलन कर किसी बड़े अप्रिय घटना घटने की आशंका का इजहार करा जनता,पुलिस,प्रशासन को समय समय पर सचेष्ट करते रहे हैं।

कल भाजपा नेता के साथ घटी घटना ने पत्रकारों की आशंका को सच सावित कर दिया है। इस घटना के बाद भाजपाईयों में भी काफी नाराजगी देखी जारही है।

यदि इन ढाबो की आड़ में चलने वाले काले कारनामे निर्वाध गति से चलते रहे तो आमजन और भाजपाईयों की नाराजगी भविष्य में कभी भी आक्रोश के रूप में भी प्रस्फुटित हो सकती थी कि सम्भावना से भी इंकार नही किया जा सकता था ।लगता है कल इन्ही सब को ताड़ते हुए प्रभारी निरीक्षक राजीव मिश्र ने समय रहते उक्त कार्यवाही कर ढाबा संचालको को सख्त हिदायत देते हुए चेता दिया है कि भविष्य में यदि फिर शिकायत मिली तो कठोर कार्यवाही की जाएगी और किसी को बक्सा नही जाएगा।

पुलिस के रौद्र रूप और तनी भृकुटि देख ढाबा संचालको व शराब,शबाब,कबाब के शौकीनों के होश उड़े हुए हैं और उनमें अब पुलिसिया दहशत व्याप्त है।
प्रभारी निरीक्षक राजीव मिश्र की समय से की गई इस कार्यवाही को स्थानीय नागरिकों ने खूब सराहा है और इसे एक सूझ बूझ वाली समय से पहले की जाने वाली कार्यवाही कहा है।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक सोनभद्र का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए ढाबे के आड़ में चलने वाले काले धंधे शराब,शबाब,कबाब( चकला घर) को पूरी तरह शीघ्र बन्द कराने की मांग की है।

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