गोधरा कांड में मोदी को क्लीन चीट देने वाले सीबीआई अफ़सर पर घूस लेने का आरोप ?

प्रधानमंत्री के नाक के नीचे सीबीआई के दो आला अधिकारी एक-दूसरे को भ्रष्ट बता रहे हैं।


उर्जान्चल टाइगर न्यूज़ नेटवर्क।।देश के सबसे भरोसेमंद जांच एजेंसी सीबीआई के दो बड़े अधिकायों पर रिश्वतखोरी का आरोप की ख़बर सामने आने से आम जनता स्तब्ध है। यह बात तब सामने आई जब सीबीआई ने सोमवार को अपने ही विभाग में नंबर दो की हैसियत रखने वाले अफ़सर स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ रिश्वतख़ोरी के मामले में एफ़आईआर दर्ज किए, वहीँ डिप्टी एसपी रैंक के देवेंद्र कुमार पर आरोप है कि उसने दस्तावेजों में हेराफेरी की जिसके आधार पर स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने अपने ही डायरेक्टर आलोक वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप जड़ दिए। 

खबर है कि दोनों अफसरों के इस तरह सरेआम झगड़े से किरकिरी के देखते हुए पीएमओ ने डायरेक्टर आलोक वर्मा और दूसरे नंबर के अधिकारी स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को तलब किया है। 

ये मामला इसलिए भी ज्यादा महत्त्वपूर्ण है कि सीबीआई कार्मिक विभाग (डीओपीटी) के तहत आता है जिसका प्रभार स्वयं प्रधानमंत्री के पास है, यानी उनकी नाक के नीचे सीबीआई के दो शीर्ष अफ़सर एक-दूसरे को भ्रष्ट बता रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी तक इस मामले में चुप्पी साधे हुए है।

कौन हैं सीबाआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा 

एजीएमयूटी कैडर के 1979 बैच के अधिकारी आलोक वर्मा तिहाड़ जेल के महानिदेशक के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर के अलावा दिल्ली पुलिस में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इनमें डीसीपी (साउथ), जेसीपी (क्राइम ब्रांच), जेसीपी (नई दिल्ली रेंज), स्पेशल पुलिस कमिश्नर (इंटेलिजेंस) और स्पेशल पुलिस कमिश्नर (विजिलेंस) शामिल हैं। जनवरी 2017 में सीबीआई के डायरेक्टर बनाए गए तब यह सवाल उठा था की जब इन्हें सीबीआई में काम करने का अनुभव ही नहीं है?

क्या है  घूस का आरोप 

  • मोइन कुरैशी के खिलाफ चल रही जांच में आरोपी हैदराबाद के कारोबारी साना सतीश बाबू ने सीबीआई की कार्रवाई से बचने के लिए सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को दो करोड़ रुपये की घूस दी थी। 
  • 20 फरवरी को सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा ने टेलीफोन पर साना सतीश बाबू की जांच न करने का निर्देश दिया था। 
  • खुफिया एजेंसियों ने सीबीआई डायरेक्टर को सूचित किया था कि सीबीआई केस का सामना करने वाले दो कारोबारी सेंट किट्स की नागरिकता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन एजेंसी ने उनके पासपोर्ट रद्द करने या लुक आउट नोटिस जारी करने जैसी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की। इनमें से एक कारोबारी कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में नामित है, जबकि दूसरे के खिलाफ 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की जा रही है। 
  • हरियाणा भूमि अधिग्रहण मामले में प्रारंभिक जांच के रजिस्ट्रेशन के बाद राज्य के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिकारियों के साथ-साथ रियल एस्टेट एजेंटों की रिपोर्टें सीबीआई के ज्वॉइंट डायरेक्टर अरुण कुमार शर्मा और वर्मा के साथ जुड़ी हुई थीं। इस मामले में अस्थाना ने शिकायत में जांच बंद करने के लिए 36 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया है।

कौन हैं सीबाआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना 

राकेश अस्थाना को मूल रूप से लालू से पूछताछ के लिए ही जाना जाता है। 1997 को उन्होंने चारा घोटाले में लालू से 6 घंटे तक पूछताछ की थी। गोधरा कांड की भी की थी जांच,आसाराम संबंधी जांच पुरलिया आर्म्स मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अस्थाना अब सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर हैं और रिश्वतखोरी के आरोप के कारण चर्चा में हैं। 

राकेश अस्थाना पर 3 करोड़ रुपए की घूस का आरोप 

  • मोइन कुरैशी के खिलाफ चल रही जांच में आरोपी हैदराबाद के कारोबारी साना सतीश बाबू के मामले को खत्म करने के लिए 3 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। 
  • दुबई के कारोबारी मनोज और सोमेश ने सतीश बाबू को बताया कि वे सीबीआई अधिकारी की मदद से केस खत्म करा देंगे।सतीश का आरोप है कि सोमेश ने एक अधिकारी को फोन किया जिसने दावा किया कि वो 5 करोड़ रुपये में मामले को खत्म करा देगा लेकिन 3 करोड़ रुपये एडवांस में देने होंगे. जिसके बाद सोमेश ने सतीश को बताया कि जिस अधिकारी से उसने बात की वो राकेश अस्थाना थे और इसकी पुष्टि के लिए उसने Whats App की प्रोफाइल पिक्चर भी दिखाई। 
  • सतीश साना ने सीबीआई को बताया है कि उन पर विश्वास करके, सीबीआई जांच से बचने के लिए उसने एक करोड़ रुपये का जुगाड़ कर मनोज प्रसाद को उसके दुबई स्थित दफ्तर में दिए।जिसके बाद सोमेश प्रसाद के कहने पर उसने सुनील मित्तल नाम के एक शख्स को दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की पार्किंग में 13 दिसंबर 2017 को 1.95 करोड़ रुपये अपने कर्मचारी पुनीत के जरिए दिए। 
  • साना के आरोप के मुताबिक,2.95 करोड़ रुपये देने के बाद इस साल फरवरी के महीने में सतीश को सीआरपीसी की धारा 160 के तहत सीबीआई का नोटिस मिला. जिसके बाद मनोज ने सतीश साना को कहा कि नोटिस से बचने के लिए उसे बचे हुए 2 करोड़ रुपये देने होंगे। 
  • सतीश साना की शिकायत के मुताबिक, मुकेश ने बातचीत के दौरान उसे दुबई में कहा था कि राकेश अस्थाना उसका काम जरूर करेंगे, क्योंकि वो कई साल से दुबई और लंदन में उनका इन्वेस्टमेंट मैनेज करता है। मुकेश ने यह भी बताया कि राकेश अस्थाना उसके लंदन स्थित आवास पर भी ठहरे थे।

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