दिवाली के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में वेतन को तरसते संविदा कर्मचारी

वाराणासी समाचार


फोटो -उर्जांचल टाइगर 
अजीत नारायण सिंह 
दिवाली के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के अल्पवेतनधारी निविदा कर्मचारियों को वेतन का भुगतान जो 6-8 महीनों से बकाया है नही मिला। 

बताया गया कि,विधुत मज़दूर पंचायत के सभी पदाधिकारी और सदस्य अधीक्षण अभियंतायों द्वारा 2 महीने पूर्व कर्मचारी समस्याओ पर सभी अधिशासी अभियंता की मौजूदगी में हुये समझौते का पालन न होने, नियमित कर्मचारियों के बोनस का आदेश होने के वावजूद बोनस न मिलने से दीपावली के दिन घर पर रौनक नहीं रहेगा। अपने बच्चों के चेहरे पर मायूसी और बेरंग घर को देख कर दुःखी इन लोगों को सुनने वाला कोई नहीं।

वेतन न पाने से परेशान कर्मचारियों ने तारीख़ 06.11.2018 को सुबह 11 बजे से शाम 4:15 तक अधीक्षण अभियंता कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया।

मंण्डल मंत्री अंकुर पांडेय ने बताया कि 2 महीने पूर्व दोनों अधीक्षण अभियंता से कर्मचारी समस्याओं पर वार्ता एवं समझौते हुआ था एवं उस समय कर्मचारियों के जो वेतन 10 महीने से बाकी थे उनको 2 महीनों का भुगतान कराया गया था बाकी का अगले महीने (सितम्बर) तक कराने का वादा था किंतु बड़े खेद का विषय है कि अधीक्षण अभियंता द्वारा हुए समझौते का किसी भी अधिशासी अभियंता द्वारा पालन नही कराया गया।

नगरीय विद्युत वितरण मंडल के चंद्रिका नगर कॉलोनी, सिगरा, वाराणसी स्थित कार्यालय पर विद्युत मज़दूर पंचायत के सदस्यों ने निविदा कार्मिकों के लंबित मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन किया तथा कार्यालय का मुख्य द्वार बंद कर समस्त कार्मिको एवं जनता की आवाजाही बन्द करा दी। प्रदर्शन के दौरान नगरीय विद्युत वितरण मंडल-प्रथम एवं द्वितीय के अधीक्षण अभियंता नगरीय क्षेत्र के समस्त अधिशाषी अभियंता, सहित कार्यालय के कर्मी कार्यालय में असहाय बैठ कर मूक दर्शक बने रहे। इस दौरान कार्यालय के समस्त कर्मियों एवं जनता की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।

प्रदर्शनकारी दोनों अधीक्षण अभियंताओं को धरना स्थल पर ही दरी पर बैठकर वार्ता हेतु बुलाने पर अड़े रहे। प्रदर्शन में शामिल कुछ नियमित विद्युत कार्मिक अपने ही अधिकारियों के लिए मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए उनके विरुद्ध अपशब्दों का भी प्रयोग कर रहे थे। खुले-आम सरकारी कार्यालय में ताला-बंदी कर गुंडा-गर्दी करने वाले इन प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध अधिकारियों का मौन आश्चर्यजनक है।


आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि अधिकारियों ने इस अनैतिक प्रदर्शन एवं ताला-बंदी की खबर पुलिस-प्रशासन को नही दी न ही अपने उच्चाधिकारियों को। वहीं प्रवन्ध निदेशक पूर्वांचल विधुत वितरण निगम से इस वावत बात करने पर उन्होंने बताया कि इस संबंध मे उन्हें कोई जानकारी नहीं है।अधीक्षण अभियंता द्वारा अपने उच्चाधिकारियों को सूचित न करना कहीं न कहीं दाल में कुछ काला अवश्य है।

अधीक्षण अभियंता नगरीय विद्युत वितरण मंडल-प्रथम से धरना के सम्बंध मे जब उर्जान्चल टाईगर के प्रतिनिधि ने पूछा।

प्रश्न - धरनारत निविदा कर्मचारियों को वेतन का भुगतान जो 6-8 महीनों से बकाया हैं कब तक होगा।
उत्तर - अधीक्षण अभियंता ने बताया कि उन सभी का भुगतान कर दिया गया है।
प्रशन - यदि सभी का कर दिया गया है तो सरकारी कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला बंद कर धरना प्रदर्शन क्यों
उत्तर - नगरीय क्षेत्र के अधिशाषी अभियंता चौकाघाट एवं षटम ने बताया कि वह हमारे परिवार के सदस्य हैं उनका काम हैं कि अपने समस्याओं के लिए धरना प्रदर्शन करें और हम मैनेजमेंट की ओर से सुने।

लगभग 4:15 शाम पर अधीक्षण अभियंता के बुलाने पर विद्युत मज़दूर पंचायत के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्य अधीक्षण अभियंता के कक्ष मे वार्ता हेतु इकट्ठा हुए वार्ता के दौरान विद्युत मज़दूर पंचायत के कुछ सदस्यों द्वारा एक ठेकेदार को दौडा कर मार पिट भी किया मार पिटके बाद डायल100 एवं थाना सिगरा की फोर्स पहुंच कर मामले को शांत किया समाचार देने तक किसी की ओर से कोई FIR दर्ज नहीं कराया गया था।

मार पिट की घटना का विधुत मज़दूर पंचायत के मंण्डल मंत्री अंकुर पांडेय ने घटना के प्रति निंदा एवं खेद व्यक्त किया और शामिल कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही का आश्वासन दिया।

मंण्डल मंत्री अंकुर पांडेय ने बताया कि अधीक्षण अभियंता द्वारा देर रात तक सभी के खाते में भेजवाया गया वेतन मिलने पर ही माने कर्मचारी, सभी निविदा कर्मियों के खाते में देर रात तक पहुंचा पैसा बाकि सभी बिंदु पर विस्तृत चर्चा दिनाँक 15.11.2018 को 3 बजे से होगी।

सफल वार्ता और सभी निविदा कर्मियों के खाते में पैसा भेजवाने के लिए संगठन ने दोनों अधीक्षण अभियंता को बधाई देते हुए अपना धरना समाप्त किया।
अधीक्षण अभियंता नगरीय विद्युत वितरण मंडल-प्रथम यदि कर्मचारियों का समस्त भुगतान कर चुके थे तो देर रात कौन सा भुगतान किया गया।
यदि भुगतान नहीं किया गया था तो उर्जान्चल टाईगर के प्रतिनिधि को गलत जानकारी क्यो दिया गया यह भी विचारणीय प्रश्न है।
वार्ता में अधीक्षण अभियंता ई0आर.डी. सिंह, आशीष अष्थाना, समस्त अधिशासी अभियंता, आर.के.वाही, विजय सिंह, जीउत लाल, अंकुर पाण्डेय, राघवेंद्र गोस्वामी ,संतोष कुमार, तपन चटर्जी आदि लोग उपस्थित रहे।

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