धर्मसंसद के आयोजन से काशी को धर्मराजधानी कहना सार्थक हुआ। अविमुक्तेश्वरानंद:


वाराणसी।। 20.11.2018 मध्याह्न 3 बजे विश्वसुंदरी पुल के समीप गढ़वा घाट से कलश यात्रा निकाली गयी सर्वप्रथम स्वामीश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज के सानिध्य में वैदिक विद्वानों ने गंगा पूजन व कलश पूजन किया ततपश्चात 108 मातायें कलश में गंगा जल भर कर सर पर रख कर कलश यात्रा में सम्मलित हुयी इसके अतिरिक्त सैकड़ों की संख्या में बटुक वैदिक ब्राम्हण,सन्त व धर्मप्राण जनता सम्मलित थी कलश यात्रा के आगे 51 बटुक ब्राम्हण शंखनाद करते चल रहे थे साथ ही दर्जनों की संख्या मे बड़ा डमरू वादन करता एक दल, नगाड़ा वादन करता एक दल व घण्टा घड़ियाल बजाते एक दल चल रहा था कलश यात्रा गढ़वाघाट, मलहिया, रमना, लौटूवीर होते सिरगोवर्धन स्थित परम् धर्मसंसद 1008 स्थल पर करीब 2 किलोमीटर की यात्रा कर पहुँचा जहाँ पर होने वाले सप्तदिवसिय पंच देव प्रीतिकर यज्ञ मण्डप में माताओं ने कलश में लाये गंगा जल को स्थापित किया।

कलश यात्रा जिन जिन मार्गों से गुजरा वहाँ के निवासी कौतूहल पूर्वक कलश यात्रा को देख रहे थे व अपना नैतिक समर्थन प्रदान कर रहे थे।

यात्रा के समापन के पश्चात स्वामीश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज ने उपस्थित जन समुदाय को आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा कि ये अभूतपूर्व अवसर है जब धर्म की नगरी कहे जाने वाले काशी में परम् धर्मसंसद का आयोजन हो रहा है काशी को धर्म की राजधानी कहा जाता है और राजधानी में ही संसद का आयोजन होता है और काशी में धर्म संसद का आयोजन होने से काशी धर्म के राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित हो रही है और सन्तों के आगमन व जनसमर्थन से धर्मसंसदमय हो गयी है काशी।

कलशयात्रा में प्रमुख रूप से -ब्रम्हचारी ज्योतिर्मयानंद, ब्रम्हचारी श्री लीलानंद जी, राजमणि सनातन जी, स्वामी योगेश्वरानंद जी, प्रेस प्रभारी संजय पाण्डेय, विजयश्री, नीलम दुबे, कुसुमलता यादव, सावित्री पाण्डेय, प्रतिमा यादव, प्रसंशा सिंह, संगीता जी, प्रियंका सिंह, अनिता सिंह, सोनाली राय, आदि लोग प्रमुख रूप से शामिल थे।

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