वाराणसी ला.ब.शा. अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा को प्रदूषण कम करने के लिए नेशनल एवार्ड मिला।


जीत नारायण सिंह
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा वाराणसी के निदेशक अनिल कुमार राय ने उर्जान्चल टाइगर को बताया कि एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल, एयरपोर्ट कार्बन प्रत्यायन कार्यक्रम के तहत प्रदूषण कम करने के लिए गत 14.12.18 को नेशनल एवार्ड वाराणसी को मिला। साथ ही यह भी बताया कि AAI कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की अपनी प्रतिबद्धता में एक नया मापदंड स्थापित कर रहा है।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) देश भर में हवाई अड्डों का एकमात्र एयर नेविगेशन सेवा (एएनएस) प्रदाता और ऑपरेटर है, जो सत्तत विकास के लिए एजेंडा 2030 का लगातार सम्मान कर रहा है। पर्यावरण के संरक्षण और समाज पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए लागत प्रभावी कार्बन शमन क्रिया को लागू करने से, एएआई ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी) की कटौती के लिए प्रतिबद्ध है।

दुनिया भर के हवाई अड्डों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक गैर-लाभकारी संगठन एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) ने घोषणा किया है कि चार एएआई हवाई अड्डे - नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, कोलकाता, बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, भुवनेश्वर, लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी और त्रिवेंद्रम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने हवाई अड्डा कार्बन प्रत्यायन (ACA) कार्यक्रम के अनुसार पर्यावरण नीति और कार्बन मैपिंग को शुरू करने का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। नीति में उत्सर्जन को कम करने और हवाई अड्डा स्वयं उत्सर्जन के लिए कार्बन फुटप्रिंट मैपिंग विकसित करने के लिए एक रूपरेखा शामिल है जो इसके नियंत्रण में हैं।

राष्ट्रीय और वैश्विक जलवायु परिवर्तन पहलों के अनुरूप, एएआई ने विमानन उद्योग के सतत विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इनमें से चार हवाई अड्डों पर जीएचजी प्रबंधन कार्यक्रम शुरू किया है। एयरपोर्ट कार्बन प्रत्यायन कार्यक्रम को एसीआई द्वारा विकसित और लॉन्च किया गया है। यह हवाई अड्डों के लिए एक स्वैच्छिक वैश्विक कार्बन प्रबंधन मानक है। हवाई अड्डा कार्बन प्रत्यायन का उद्देश्य कार्बन प्रबंधन में अंतिम उद्देश्य के साथ कार्बन प्रबंधन में सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करने के लिए हवाई अड्डों को प्रोत्साहित और सक्षम करना है।

कार्बन मैपिंग के लिए मान्यता प्राप्त करना वास्तव में महान टीम के काम का एक उदाहरण है। इस उपलब्धि के साथ, एएआई ने अपने कार्बन पदचिह्न को कम करके पर्यावरण दायित्वों को पूरा करने की दिशा में एक नया मानदंड स्थापित किया है। आगे जाकर, AAI ऊर्जा संरक्षण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और हरित ऊर्जा पैदा करने के लिए वैकल्पिक समाधान तलाश रहा है। AAI का लक्ष्य 2020 तक अपनी सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता को 68MW तक बढ़ाना है।

साथ ही लालबहादुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा वाराणसी के विस्तार एवं विकास के बारे मे पूछे जाने पर उर्जान्चल टाइगर के ब्यूरो अजीत नारायण सिंह को बताया कि यात्रियों के सुविधा के लिए कैनोपी बनाई गई, यात्री शेड बनाये गए, सुरक्षा की व्यवस्था, चेकिंग काउंटर का विस्तार, एक्सरे मसीन का विस्तार, फ़ूड एन्ड वेवरेज़ रिटेल शॉप का विस्तार, सीटिंग व्यवस्था को अच्छा किया, ट्रॉली व्यवस्था अच्छा किया,आगे इनलाइन बैगेज सुरु होने जा रहा है जिससे यात्रियों को बोडिंग कराने से पहले एक्सरे करने की जरूरत नहीं होगी। टर्मिनल का एंटीरियर डेकोरेशन होने जा रहा है इसके अलावा इंट्रीग्रेटेड कार्गो तैयार कर लिया है। आने वाले समय मे शुरु कर दिया जायेगा साथ ही आने वाले 10 वर्षों के प्लान मे नया टर्मिनल बनाने जा रहे है।
लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा वाराणसी के निदेशक अनिल कुमार राय का उर्जान्चल टाइगर के ब्यूरो अजीत नारायण सिंह ने लिया विशेष इन्टरव्यू।
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