काशी में मन्दिर व मूर्ति तोड़े जा रहे हैं यह प्रमाणित हो गया-अविमुक्तेश्वरानंद:

वाराणसी समाचार


अजीत नारायण सिंह।।
19.12.18 सुबह लंका थानांतर्गत रोहित नगर में नाले के रूप में तब्दील अस्सी नदी के किनारे सैकड़ो की संख्या में मलबे के अंदर शिवलिंग मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गयी आनन फानन में प्रशासन मलबे के अंदर से सैकड़ों की संख्या में बरामद शिवलिंगों को लंका थाने में पहुँचा दिया गया जिसकी सूचना मिलने पर सर्वप्रथम स्वामीश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज रोहित नगर स्थित घटना स्थल पर पहुंचे प्रशासन द्वारा सैकड़ो शिवलिंगों के हटा दिये जाने के बावजूद लोगो ने स्वामी जी के सामने ही लोगो ने भारी संख्या में शिवलिंगों व टूटे विग्रहों को निकाला जिसको स्वामी जी ने एक स्थान पर एकत्र करवाकर माला फूल चढ़ाकर पूजन किया तब तक घटना स्थल पर ए.डी.एम.सिटी,एस.पी.सिटी और सी.ओ. भेलूपुर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर स्वामी जी से विनम्रता पूर्वक वस्तुस्थिति जाननी चाही जिसपर स्वामी जी ने पूरे घटनाक्रम से अधिकारियों को अवगत कराते हुए रोष प्रकट किया और घटनास्थल पर बरामद विग्रहों की सूची सौप कर उपस्तिथ अधिकारियों से हस्ताक्षर कराया सूची पत्र पर गवाह के रूप में कांग्रेस के पूर्व विधायक और अन्य लोगो ने भी हस्ताक्षर किया। तब तक उधर लंका थाने पर पहुंच चुके आप नेता संजीव सिंह,कांग्रेस नेता यतीन्द्र चतुर्वेदी ने स्वामी जी से आग्रह कर उनको लंका थाने पर बुलाया जिस पर स्वामी जी रोहित नगर स्थित घटनास्थल पर पार्षद कमल पटेल तथा कुछ अन्य जिम्मेदार लोगों देख रेख की जिम्मेदारी सौंप कर लंका थाने पर पहुंचे जहाँ पर बरामद कर रखे गये शिवलिंगों को लंका थानाध्यक्ष से कह कर एक स्थान पर क्रम से रखवाकर उसकी गिनती कराई जिसमे 126 शिवलिंग निकले। इस दौरान परमधर्म संसद के प्रेसप्रभारी संजय पाण्डेय,श्री प्रकाश पाण्डेय,सुनील शुक्ला विनीत तिवारी,सतीश अग्रहरि के नेतृत्व में दर्जनों लोग लंका थाने के अंदर ही बैठकर शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। और स्वामी जी के निर्देश पर अजय राय जी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ लंका थाने में एफ.आई.आर. दर्ज कराया। उसके बाद स्वामी जी भारी समर्थकों के साथ लंका थाने से पुनः रोहित नगर पहुंच कर मलबे से शिवलिंगों व टूटे विग्रहों को समर्थकों द्वारा निकलवा रहे थे और निरन्त मलबे से शिवलिंग और टूटे निकल रहे थे सूचना देने तक स्वामी जी रोहित नगर स्थल घटनास्थल पर मौजूद थे और निरंतर विग्रह निकल रहे थे।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट विश्वनाथ कॉरिडोर योजना के लिए विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में मंदिरों और भवनों को गिराया जा रहा है। विश्वनाथ परिक्षेत्र में गिराए जा रहे भवनों व मंदिरों के मलबे को रातों रात ही हटाया जाता है। इसी क्रम में मंगलवार की रात असि नाले के समीप रोहित नगर कॉलोनी के एक प्लाट पर मलबा गिराया गया जिसमें शिवलिंग, नंदी के विग्रह व कुछ अन्य देवी देवताओं के विग्रह दिखाई दिए। घटना की गंभीरता के मद्देनजर पुलिस व सिविल प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से माहौल को संभाला।

स्वामी जी इतने भारी मात्रा में शिवलिंगों व टूटे देवविग्रहों के निकलने ओर काफी मर्माहत थे और उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास नही हो रहा है कि राममन्दिर बनवाने का वादा करने वाले दल के शासन काल मे इतने क्रूरता के साथ मन्दिरों व देवविग्रहों को तोड़ा गया है और स्वामी जी ने बताया कि लगातार मैं कहता रहा हूँ कि विश्व्नाथ कॉरिडोर के नाम पर मन्दिरों व देवविग्रहों को तोड़ा जा रहा है लेकिन शासन प्रशासन संसाधनों के बल पर हमको झूठा साबित करने का कोशिश कर रहा था लेकिन अब प्रमाणित हो गया है कि विश्व्नाथ कॉरिडोर के नाम पर मन्दिरों व देवविग्रहों को तोड़ा गया है यह सहन योग्य नही है कि हमारे आराध्यों के विग्रहों व प्रतिमाओं पर इतने क्रूरता के साथ प्रहार किया जाय और हम देखते रहें यह कार्य हिन्दू तो नहीं कर सकता काशी मे जैसे बाबर,औरंगजेब के समय मंदिरों को तोड़ने का काम किया गया था आज उसी प्रकार का कार्य इस शासन काल मे हो रहा हैं।

घटनास्थल पर अनेक प्रत्यक्षदर्शियों ने भी इस बात की पुष्टि की ये समस्त विग्रह विश्व्नाथ मन्दिर के आसपास के हैं।

वहीं कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा कि काशी का विकास नहीं विनाश हो रहा है। इस संदर्भ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तो पहले से ही आशंका जता रहे थे। हम लोगों ने भी देखा था कि विश्वनाथ मंदिर के आस-पास मंदिर तोड़े जा रहे हैं। अब मलबे के साथ देव विग्रहों के मिलने पर सारी स्थिति साफ हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री से पहले गोरक्षनाथ पीठाधीश्वर भी हैं। गेरुआ वस्त्र धारण करने वाले किसी पीठाधीश्वर के शासनकाल में मंदिरों को तोड़ा जाना जघन्य अपराध है। इसके लिए जनता कभी उन्हें माफ नहीं करेगी। जनता तो क्या भगवान भी उन्हें माफ नहीं करेंगे। राय ने कहा कि वाराणसी विकास प्राधिकरण जिसने असि नदी को अभिलेखों में नाला घोषित कर दिया है अब उस नाले को पाटने के लिए देवी देवताओं के विग्रहों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

घटनास्थल पर स्वामी जी से मिलने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल भी परजनाथ शर्मा आदि समर्थकों के साथ पहुंचे व स्वामी जी से घटनाक्रम की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त की 

समस्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कांग्रेस के अजय राय,आप के संजीव सिंह,राजेन्द्र तिवारी, प्रेसप्रभारी संजय पाण्डेय, कुवँर सुरेश सिंह,राकेश सरावगी,सुनील शुक्ला,सुभाष सिंह,सुनील उपाध्याय,सदानंद तिवारी, त्रिलोचन शर्मा, कृष्ण कुमार शर्मा, शरद पाण्डेय, महादेव विनय, कमलेश तिवारी विनीत, किसन जायसवाल आदि सहित भारी संख्या में लोग उपस्तिथ थे।
Reactions:

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget