छ साल से भटकता शहीद हेमराज का परिवार


डॉ कुणाल सिंह 
आज छब्बीस जनवरी है।आज हम गणतंत्र दिवस का पर्व बड़े उत्साह से मना रहे हैं।लेकिन लगता है कि शहीदों को,उनके बलिदानों को भूलते जा रहें हैं। लांस नायक हेमराज जम्मू एवं काश्मीर में नियंत्रण रेखा के निकट कृष्णा घाटी में पाकिस्तानी हमले में शहीद हो गए। यह घटना आठ जनवरी सन 2013 की है। बरबर पाकिस्तानी सैनिक शहीद हेमराज का सर कलम कर साथ ले गए थे। 

तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और विपक्ष में भाजपा खूब राजनीतिक बयान बाजी की गयी और शहीद हेमराज का नाम भी खूब घसिटा गया। भाजपा के मोदी तब कहा करते थे कि हमारी सरकार बनी तो हम हेमराज के एक सर के बदले दस सर लायेंगे।इस सियासी ड्रामे से भाजापा को भरपूर फायदा मिला। 2014 में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बन गयी। अब मोदी जी प्रधान मंत्री है। 
सियासी हंगामें के बाद तब की केंद्र सरकार ने शहीद की पत्नी धर्मवती को सरकारी नौकरी और पेट्रौल पम्प देने का वादा किया था।परन्तु वो वादा पूरा नहीं कर सके। सन 2014 में मोदी सरकार आई। इस सरकार के भी पांच साल बीत चूके हैं।सता में आते ही मोदी भी शहीद हेमराज को भूल गए। शहीद की पत्नी पिछले 6 साल से दरबदर दफ्तर दफ्तर घूम रहीं हैं परन्तु उन्हें अब तक आश्वासनों के अलावा कुछ न मिल सका।अपने को राष्ट्रवादी सरकार कहाने वाली मोदी सरकार के गृहमंत्री राजनाथ से भी वह मिल चुकी हैं। फिर चुनाव का वक्त आ चुका है।राजनितिक राष्ट्रीयता शुन्य।
सरकार भले ही शहीद हेमराज को भूल गयी हो परन्तु सेना नहीं भूली है।शहीद हेमराज के घर मथुरा से 60 किलोमीटर दूर शेरनगर नगर गाँव इसी जनवरी माह में पहुँच कर सेना प्रमुख जनरल विक्रम सिंह ने शहीद की पत्नी को ढाढस दिया है। उनहोंने कहा कि वह सैन्य परिवार का हिस्सा है,और वादा किया है की सेना सरकार के सभी वादे खुद पूरा करेगी।
Reactions:

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget