श्रमिक संगठनों की देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल, कुछ श्रमिक नेताओं का दोहरापन हुआ उजागर


के.सी.शर्मा 
शक्तिनगर।।देश के कोयला उद्योग में 8,9 जनवरी को देश व्यापी हड़ताल आहूत थी।इस हड़ताल में कोयला उद्योग में मान्यता प्राप्त पांच यूनियनों में से चार यूनियन एच एम एस,एटक,इंटक,सीटू सयुक्त मोर्चा बना के हड़ताल का आवाहन किया था।इस हड़ताल में बी एम एस बाहर थी।

हड़ताल में श्रमिक नेताओ का दोहरा चरित्र देखनो को मिला ।इनमें कुछ काम बंद कराने और राष्ट्रीय नेतृव के निर्देशन में हड़ताल को सफल बनाने में लगे हुए थे।वही कुछ नेता प्रवंधन की चमचागिरी और संविदाकरो की दलाली में लगे थे।

एनसीएल के खडिया परियोजना में हड़ताल का सबसे कम असर देखा गया, क्यो कि श्रमिको की रहनुमाई करने का दावा करने वाले कथित नेता उनका विश्वास अर्जित कर वर्षो से जो उनके विश्वास का खून पीते रहे हैं।वे अपने को परियोजना का सबसे बड़ा नेता और प्रबन्धन का बड़ा दलाल साबित कर बाहर से आई बड़ी- बड़ी कम्पनियों के नेता कम लाइजनर बन मजदूरों का खुला शोषण करा माला माल बन चुके हैं।
मजदूर और मजदूरों की नेता गिरी करने वाले ये कथित नेता देखते देखते करोड़ो रूपये अर्जित कर अकूत सम्पत्ति के मालिक हो गए हैं।इसी तरह सत्ता पार्टी से अपने को बता इन कम्पनियों में कार्यरत श्रमिको का शोषण करा माला माल होते चले जा रहे हैं।अगर आयकर विभाग से इनकी सम्पत्ति की जांच करा दी जाय तो दुघ का दूध पानी का पैनी का पानी भी हो जाएगा और इनके चेहरे से नकाब भी उतर जाएगा।
जो श्रमिकअसुरक्षित क्षेत्र खदानों में रात दिन ,गर्मी,जाड़ा, वर्षात, हाड़ तोड़ मेहनत कर देश का विकास और कोयला उद्योग का उत्पादन बढ़ाने में लगे हुए हैं। उनका शोषण कही बददुआ में न बदल जाये से भी इन्हें डर नही लगता है।

इस हड़ताल में तब एक नया मोड़ आया जब हड़ताल के प्रथम दिन दोहर के वक्त एक परियोजना के बैरियर पर एक श्रम संगठन के एरिया महामंत्री पहुचे, उसी समय दूसरे पाली की शिफ्ट खदान में जारही थी । उस बस को रोकने पहुचे श्रमिक नेताओ को तो श्रमिको ने बताया कि हमारे कम्पनी में हड़ताल नही है।

इस सूचना पर एक श्रमिक संगठन के पदाधिकारी परियोजना के पदाधिकारियों के साथ जा के काम बंद कराया और मजदूरों के शोषण का मामला उठाया ।जो देर रात तक चला और एनसीएल प्रबन्धन के आश्वासन पर हड़ताल  समाप्त हुआ।

यह कार्य उक्त नेता को नही पचा और वे आग बबूला हो गए।दूसरे संगठन के कथित नेता जो दलाली का ठेका ले रखे थे ,बौखाला गए और परियोजना स्तर के नेता सरे बाजार एरिया स्तर के नेता पर बौखलाते हुए अपशब्दों का बौछार कर माहौल को तल्ख बना दिये।वे और एक कम्पनी का दलाल मिल कर देर रात तक प्रशासनिक दखल करा अपनी हनक बना,श्रमिको को भयभीत करा, काम चालू कर, फिर से अपनी दलाली का रसूख कायम करने में सफल होगये।इस तरह मजदूरों का बदस्तूर शोषण करने के लिए श्रमिको को विवास कर दिये।

इस काम मे श्रमिको के हित मे संघर्ष करने वाले नेता की क्षवि खराब करने के लिए एक पेयी खबरी का इस्तेमाल भी कर डाले ।जो प्रकरण हड़ताल के साथ खत्म हो गया था उसे तल्ख कर निजी कम्पनी और प्रबन्धन की नजर में अपने को उनका खास नुमाईंदा होने का असफल प्रयास कर ,सौहार्द के वतावरण को तल्ख कर दिया।जिसे सब देख रहे हैं।

कहते हैं जनता सब जानती है।समय पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और सब के चेहरे से नकाब भी उतर जाएगा।
क्रमशः 
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