एक चाय वाला,जिसने दर्जनों देशों की यात्रा की !


ब्दुल रशीद
हम हिन्दुस्तानियों से बेहतर चाय और चाय बेचने वाले को कौन समझ सकता है? सच कहा न ?क्योंकि दिन की शुरुआत ही चाय से होती? चाय वाले भईया तो हर गली मोहल्ले के नुक्कड़ पर गुमटी में चाय को उबालते और उनकी गुमटी पर चाय की चुश्की के साथ चर्चा करते लोग दिख ही जाते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोंचा है चाय बेचने वाला एक नहीं बल्कि 23 देशों की यात्रा कर सकता है? जी नहीं मैं मोदी जी की बात नहीं कर रहा हूँ,मै तो उस चाय बेचने वाले की बात कर रहा हूँ,जो आज भी चाय ही बेचता है और एक नए देश को घुमने की तैयारी में है। उनका नाम है विजयन और उनकी धर्मपत्नी का नाम है मोहाना जिनके साथ वो विदेश यात्रा पर जाते हैं। 

विजयन को अपनी ज़िन्दगी में दो चीजों से बेहद लगाव है। पहला घूमना और दूसरा चाय। चाय की दुकान खोलने से पहले विजयन अपने घर का अनाज चुरा कर बेच डालते थे और उन पैसों को जमा कर कहीं घूमने निकल जाया करते थे।चाय की दूकान खोलने के बाद घूमने के सिलसिला बढ़ गया और अब तक विजयन अपनी पत्नी के साथ 23 देश घूम चुके हैं।


70 साल को पार कर चुके विजयन अपनी पत्नी मोहाना के साथ कोच्ची में छोटी-सी चाय की दुकान श्रीबालाजी कॉफी हाउस चलाते हैं, इनके दूकान में दुनिया जहान के नक्शे और अलग-अलग देशों की कुछ चुनिंदा निशानियां, जैसे पेरिस का एफिल टावर ग्राहकों को आकर्षित करता है साथ ही उत्साहित भी करता है के कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है यदि ठान लिया जाय 

छोटी बचत से हुआ पूरा सपना

साल 1963 से चाय की दुकान चलाने वाले विजयन और मोहाना अपनी दुकान से रोज के 300 रुपये बचा लेते हैं।इन रुपयों को जमा करने का एक ही मकसद होता है।आज भी हर रोज वो पैसे बचाते हैं ताकि दोनों कहीं घूमने जा सके। क्या महज़ 300 रुपये रोज के बचा कर विजयन और मोहना कितना ही घूम लेते होंगे? रोजाना 300 रुपये की बचत से जब कुछ पैसा जमा हो जाता है तो वह घूमने के लिए बैंक से लोन लेते हैं।लोन लेने के लिए वह अपनी दुकान को बैंक गिरवी रखते हैं।यात्रा से आने के बाद वह रोजना की बचत से अपना लोन चुकाते हैं।और जब लोन पूरा हो जाता है तो अगली यात्रा की तैयारी शुरू कर देते हैं। विजयन बताते हैं कि जब भी वह घूमने जाते हैं तो अपने खर्चों पर बहुत कंट्रोल रखते हैं। 5 या 10 डॉलर से ज्यादा का सामान नहीं खरीदते हैं।अन्य लोग जब 100 या 500 डॉलर एक्सचेंज कराते हैं तो वह 5 या 10 डॉलर ही एक्सचेंज कराते हैं।इसी तरीके से अभी तक विजयन और मोहाना ने सिंगापुर,अर्जेंटीना,पेरू, स्विट्जरलैंड,ब्राजील जैसे कई देश घूम लिए हैं।


इस जोड़े को अपने घुमक्कड़ी और मिलनसार व्यवहार की वज़ह से स्थानीय और विदेशियों से भी ढेर सारा प्यार मिलता है। विजयन और मोहाना काफी लोकप्रिय हैं और उनकी छोटी-सी दुकान में दिन रात चाय पीने वालों की भीड़ रहती है।

किसने कहा चाय वाले को दुनिया का सबसे अमीर आदमी!

विजयन और मोहाना के घूमने के इस जज़्बे की वजह से वो इन्टरनेट सेंसेशन बन चुके हैं और काफी लोगों ने उन्हें मदद की पेशकश की है। इस लिस्ट में सबसे पहला नाममहिंद्रा समूह के प्रबन्ध निदेशक एवं अध्यक्ष आनंद महिंद्रा का आता है।उन्होंने अपने एक ट्वीट में इस चाय वाले को दुनिया का सबसे अमीर आदमी कहकर संबोधित किया है। वह कहते हैं कि कोच्चि का यह शख्स भले ही Forbes Rich लिस्ट में न हो, लेकिन उनकी नजर में यह दुनिया का सबसे अमीर आदमी है
आखिर हम आप पैसे कमा कर,पैसे से क्या खरीदना चाहते हैं,बेहतर और खुशियों से भरा जिंदगी ही न?विजयन और मोहाना के पास  पैसे ज्यादा नहीं है,लेकिन उनके पास खुशियां कम नहीं। 
ख़्वाजा मीर 'दर्द' ने घुमक्कड़ी पर लिखा है, 'सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहां, ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहां।'
तो क्या अब भी आप दौलत के लिए खुशियों को कुर्बान करोगे या फिर खुशियों के लिए ..........?

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