पढ़िए,क्या होता है मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा

मोस्ट फेवर्ड नेशन हटाने के मायने क्या है ?

उर्जांचल टाइगर 
डिजिटल टीम‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ सुनकर लगता है कि पाकिस्तान, भारत के लिये स्पेशल है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। मोस्ट फेवर्ड नेशन विश्व व्यापार से जुड़ा है जो एक देश दूसरे देश को देता है। भारत ने ये दर्जा दिया था लेकिन पाकिस्तान ने भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन कभी नहीं माना। अब भारत ने भी वो दर्जा हटा लिया है।
दो देशों के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौते के लिए मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया जाता है। एमएफएन एक आर्थिक दर्जा है जो एक देश दूसरे देशों को देता है। कोई देश जिन किन्हीं देशों को यह दर्जा देता है, उस देश को उन सभी के साथ व्यापार की शर्तें एक जैसी रखनी होती हैं।

व्यापार पूरे संसार में आराम से चले इसके लिए 1945 में एक संस्था बनी गेट। जिसने व्यापार के लिये कुछ नियम बनाये। 1995 में इसी संस्था का नाम बदलकर डब्लयूटीओ कर दिया गया। इस संगठन की कार्यप्रणाली और नियम बनाये गये। इस संस्था का काम है पूरे देशों में होने वाले व्यापार पर नजर रखना और नियंत्रण करना।

डब्लयूटीओ का ही एक नियम है मोेस्ट फेवर्ड नेशन। ये नियम सभी देशों पर लागू होता है। इसके तहत कोई भी देश व्यापार के लिए किसी भी देश से भेदभाव नहीं करेगा। अपने व्यापार को फायदा पंहुचाने के लिए कोई भी देश न ही टैक्स बढ़ायेगा और न ही घटायेगा।
डब्लयूटीओ के बनने के एक साल बाद ही भारत ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दे दिया। लेकिन पाकिस्तान ने भारत को कभी ये दर्जा नहीं दिया। जब भी भारत-पाकिस्तान में तनातनी होती है। ये मांग उठने लगती कि पाकिस्तान से ये दर्जा हटा लेना चाहिये। इस नियम में अनुच्छेद 21(b) में ये कहा गया है जब देश में लड़ाई जैसे हालात हों तो मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीना जा सकता है। भारत ने उसी आर्टिकल का इस्तेमाल करके भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीना है।
मोस्ट फेवर्ड नेशन हटाने के मायने क्या  है ?

मोस्ट फेवर्ड नेशन के हटने से दोनों देशों के व्यापार पर असर होगा। भारत में पाकिस्तान से कुल 19 उत्पादों का आयात होता है। जबकि 14 उत्पादों का निर्यात किया जाता है। भारत का पाकिस्तान के साथ 2015-16 में व्यापार 2.67 अरब डाॅलर रहा था। भारत के कुल निर्यात में पाकिस्तान का हिस्सा 0.83 है। भारत का आयात 50 करोड़ डाॅलर से भी कम है।

मोस्ट फेवर्ड नेशन के हटने के बाद हो सकता है कि पाकिस्तान अपनी तरफ से भारत के साथ व्यापार ही रोक दे। ऐसे में घाटा भारत को हो सकता है लेकिन पुलवामा के हमले बाद ऐसा लग रहा है कि भारत  आर्थिक नुकसान सहकर पाकिस्तान को बख्शने के मूड में नहीं है

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