PM मोदी ने कहा - संसद में आकर ही पहली बार गले मिलने और गले पड़ने में फर्क पता चला


बुधवार को16 वीं लोकसभा के आखिरी दिन संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषण दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने जहां अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया, वहीं विपक्ष को निशाना बनाने से नहीं चूके। पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर सदन में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर तंज कसे।ये तंज कुछ महीने पहले लोकसभा की कार्यवाही के दौरान राहुल के पीएम मोदी से गले मिलने और उसके बाद अपनी सीट पर आकर आंख दबाने के वाकये से जुड़ा है।

16 वीं लोकसभा के आखिरी दिन संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषण अपने भाषण में क्या कहा?
  • मैं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को लोकसभा की कार्यवाही चलाने के लिए धन्यवाद देता हूं।
  • इस बार लोकसभा में सबसे ज्यादा महिला सांसद चुनकर आईं, लोकसभा की स्पीकर भी एक महिला ही हैं।
  • भारत छठे नंबर की अर्थव्यवस्था बन गया है, आज देश का आत्मविश्वास बढ़ा है।
  • भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर है, ग्लोबल वॉर्मिंग के खिलाफ भारत ने बड़ी लड़ाई लड़ी।
  • देश ने डिजिटल दुनिया में अपनी जगह बनाई, अंतरिक्ष की दुनिया में भारत को बड़ी कामयाबी मिली।
  • नेपाल में भूंकप की आपदा हो, मालदीव में पानी का संकट हो, श्री लंका में चक्रवात हो, भारत ने मानवता के सभी कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
  • कालेधन के खिलाफ कानून इसी सदन में बना, बेनामी संपत्ति, दिवालिया कानून आदि इसी सदन में बने।
  • 5 साल में 203 बिल हमने पास किए, शत्रु संपत्ति पर कानून, सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए आरक्षण, ओबीसी कमिशन का निर्माण आदि काम इसी सदन ने किया है।
  • इस सदन ने 1400 से ज्यादा कानून खत्म भी किया है। एक जंगल जैसा बन गया था कानून का। यह शुभ शुरुआत हुई है।
  • मुलायम सिंह यादव जी ने कामों के लिए मुझे आशीर्वाद दिया।
लोकसभा में पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर कसे तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा-
‘हम कभी-कभी सुनते थे कि 'भूकंप' आएगा, लेकिन पांच साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है, कोई 'भूकंप' नहीं आया...’
‘कभी हवाई जहाज उड़े... बड़े-बड़े लोगों ने हवाई जहाज उड़ाए, लेकिन लोकसभा की मर्यादा इतनी ऊंची है, कि कोई हवाई जहाज उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया’
‘संसद में आकर ही मुझे पहली बार पता चला कि 'गले मिलने' और 'गले पड़ने' में क्या फर्क होता है...’
‘पहली बार मुझे पता चला कि सदन में आंखों से गुस्ताखियां होती हैं,ये आंखों से गुस्ताखियों का खेल भी पहली बार सदन में ही देखने को मिला’
नेता प्रतिपक्ष खड़गे पर भी कसा तंज
मल्लिकार्जुन से हमारा भी थोड़ा-बहुत रहता था, अच्छा होता कि आज उनका गला ठीक होता तो आज भी कुछ लाभ मिलता।
मेरी विचार चेतना को जगाने के लिए उनकी बातें बहुत काम आती थीं,एक प्रकार से मेरे भाषण को खाद-पानी उन्हीं से मिल जाता था, उसके लिए भी मैं खड़गे जी का आभारी हूं।
मल्लिकार्जुन खड़गे की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा,‘किसी समय हम देखते थे, कि आडवाणी जी सदन का पूरा समय बैठते थे और खडगेजी भी पूरा समय सदन में बैठते हैं। सभी सांसदों को उनसे ये सीखना चाहिए। एक जनप्रतिनिधि के तौर पर खड़गे जी ने जिस तरह से जिम्मेदारी को निभाया है, उसके लिए मैं उनका बहुत आदर करता हूं।’
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