ऑपरेशन पाकिस्तान नहीं आतंकवाद के खिलाफ था-सुषमा स्वराज

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज(फाइल फोटो)
नई दिल्ली।। भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान में घुसकर मंगलवार की कार्यवाई को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सभी विपक्षी दलों ने सरकार का समर्थन किया है और सरकार का साथ देने व सेना के साथ होने की बात कही है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सर्वदलीय बैठक के बाद जानकारी दी कि सभी दलों ने एक साथ सुरक्षा बलों की कार्यवाई की प्रशंसा की है और सरकार के आतंक विरोधी ऑपरेशन के साथ हैं। 
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बैठक में नेताओं को बताया कि उन्होंने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर भारतीय हवाई हमले को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के अलावा कई देशों के विदेश मंत्रियों से बात की. यह सैन्य ऑपरेशन नहीं, बल्कि आतंक विरोधी ऑपरेशन था।
सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद, तृणमूल कांग्रेस से डेरेक ओ ब्रायन, माकपा नेता सीताराम येचुरी, बीजद के भर्तहरि महताब, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला सहित कई अन्य नेतओं ने बैठक में हिस्सा लिया।

भारत के विदेश सचिव के मुताबिक, "इस बात की खुफिया जानकारी थी कि जैश ए मुहम्मद देश के कई हिस्सों में एक और आत्मघाती हमले की तैयारी कर रहा था, और इसके लिए फिदाईन जिहादियों को प्रशिक्षित किया जा रहा था।"
पी-5 देशों को हवाई ऑपरेशन की जानकारी दी

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों को भी जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकवादी शिविर पर भारतीय वायुसेना के गैर पूर्वनियोजित सैन्य कार्रवाई की संक्षिप्त जानकारी दी। जैश ने पुलवामा में हुए हवाई हमले की जिम्मेदारी ली थी। सूत्रों ने बताया कि विदेश सचिव विजय के.गोखले और विदेश मंत्रालय के सचिवों ने विदेशी राजदूतों को हमले की संक्षिप्त जानकारी दी। इनमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पी-5- अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन भी शामिल हैं।
गोखले से मुलाकात के बाद डीन ऑफ डिप्लोमैटिक कॉर्प्स इन इंडिया हेन्स डैननबर्ग कैस्टेल्लानोस ने कहा, “हमें खुशी है कि भारतीय सरकार ने हमें जो हुआ उसके बारे में त्वरित और सुविज्ञ तरीके से जानकारी दी। हम अपनी राजधानियों को इस बारे में जानकारी दे रहे हैं और हमारी राजधानी तय करेंगी कि इस पर क्या राय बनानी है।” उन्होंने कहा, “जानकारी है कि उन्होंने नागरिकों या पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को प्रभावित नहीं किया।”
गोखले पुलवामा हमले के अगले दिन पी-5 राजदूतों समेत लगभग 25 राजदूतों से मिले थे। पुलवामा में हुए हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। विदेश सचिव ने मंगलवार को इससे पहले घोषणा की थी कि भारत ने खुफिया नेतृत्व में अभियान करते हुए मंगलवार तड़के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर को ध्वस्त कर दिया था, जिसमें बड़ी संख्या में जैश के वरिष्ठ कमांडरों, प्रशिक्षकों और फिदाईन हमले के लिए तैयार किए जा रहे जेहादियों को मार गिराया था।

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