बैडमिन्टन खेल - सुविधाओं के अभाव के चलते युवाओं के प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं।


ग़ीर ए खाकसार

बढ़नी,सिद्धार्थनगर।भारत नेपाल के सीमावर्ती कस्बा कृष्णा नगर और बढ़नी में बैडमिंटन को लेकर युवाओं में उत्साह है।सानिया नेहवाल,पीवी सिंधू और ज्वाला गट्टा जैसी नामचीन खिलाड़ियों से प्रभावित युवा खिलाड़ियों में बैडमिंटन खेल के प्रति रुचि बढ़ रही है।बैडमिन्टन खेल के प्रति लोपकप्रियता तो दिनोंदिन बढ़ रही है।लेकिन सुविधाओं के अभाव के चलते युवाओं के सपने तार तार हो रहे है और प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं।

हालांकि सीमावर्ती क्षेत्र में बैडमिंटन का इतिहास काफी पुराना है।इस खेल के प्रति युवाओं की दीवानगी और लगन को समझने के लिए आप को फ़्लैश बैक में जाना पड़ेगा। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इस सरज़मींन पर सैयद मोदी के भी कदम पड़े हैं और उन्हें हार का सामना भी करना पड़ा था।बात 1970 और 1980 के दशक की है ।बढ़नी के अमर स्कूल में हुए टूर्नामेंट में नेपाल के तत्कालीन नेशनल चैंपियन प्रकाश उदय (पाल्पा)और सय्यद मोदी के बीच शो मैच खेला गया था।जिसमें प्रकाश उदय विजयी हुए थे।उस टूर्नामेंट में सय्यद मोदी के बड़े भाई आबिद हैदर और मदन चरण जैसे बड़े खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था जिसमें आबिद हैदर विजयी रहे थे। कृष्णनगर में बैडमिंटन के भीष्मपितामह कहे जाने वाले मशहूर खिलाड़ी वकील अहमद बताते हैं कि उस वक़्त हम लोग बहुत छोटे थे जब सय्यद मोदी और प्रकाश उदय के बीच शो मैच खेला गया था इन्हीं महान खिलाड़ियों से प्रभावित हो कर बैडमिंटन की शुरआत हम लोगों ने की थी। आप को बतादें कि वकील अहमद का सेलेक्शन नेपाल की नेशनल जूनियर बॉयज टीम में पोखरा में लुम्बिनी अंचल की टीम में भी हुआ था लेकिन परिवार की खराब आर्थिक स्थिति और सुविधाओं की कमी की वजह से वो आगे खेल नहीं पाए।लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र में बैडमिन्टन के एक अच्छे खिलाड़ी के रूप में लोग उन्हें आज भी जानते हैं।वकील अहमद बताते हैं कि कृष्ण नगर में बैडमिंटन की शुरआत करीब 70 के दशक की है जब एम आर एम (भंसार आवास) में तत्कलीन इंजीनिअर राघवेन्द्र और उद्योगपति विजय केडिया बैडमिन्टन खेला करते थे।सिटी चैंपियन रहे संजय गुप्ता कहते हैं कि वकील अहमद जैसे गुरु के चरणों मे ही हम लोगों ने बैडमिन्टन खेलना शुरू किया था।संजय गुप्ता कहते हैं कि गुर वकील अहमद की प्रतिभा को सबसे पहले राघवेन्द्र जी ने ही पहचाना था और उनके खेल की बचपन मे प्रशंशा की थी।बाद में मैं उनका पार्टनर भी डबल्स में रहा।

कृष्णनगर के प्रतिभावान खिलाड़ियों में माता प्रसाद गुप्ता,सरदार रवींद्र पाल,विजय गुप्ता,रणवीर सिंह,शमसाद अहमद,जयप्रकाश गुप्ता,हबीबुल्लाह,अजय गुप्ता,संतोष गुप्ता, श्याम नारायण और चिनकू,आदि ऐसे खिलाड़ी थे जिन्हें अगर उचित मार्गदर्शन और सुविधाएं मिली होती तो निश्चित रूप से ये सभी आज राष्ट्रीय फलक पर चमक रहे होते।इंडो नेपाल विकास मंच के अध्यक्ष और इंडो नेपाल फ्रेंडशिप टूर्नामेंट के संयोजक अकरम पठान ने कहा कि स्थानीय खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के मकसद से ही इस बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है।जिसमे करीब 16 टीमें सीमाई इलाके के दोनों तरफ की हिस्सा ले रही हैं।उदीयमान खिलाड़ियों के लिए यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा।अकरम कहते हैं अपने यहां खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है बस उन्हें उचित मार्गदर्शन और सुविधा मुहैय्या कराने की ज़रूरत है ,मंच सुविधा और गरीबी के अभाव में प्रतिभाओं को मरने नहीं देगा।जनप्रतिनिधियों की खेल के प्रति उदासीनता भी चिंता का सबब है।अभी तक किसी भी प्रतिनिधि ने इस और ध्यान नहीं दिया।हालांकि नेपाल में अब संघीयता है और अब सांसद के अलावा विधयाक भी चुने जाने लगे हैं।स्थानीय निकाय को भी काफी अधिकार और विस्तार तथा बजट दिया जाने लगा है।ऐसे में खेल और खिलाड़ियों की यह स्थिति चिंता का विषय है। नेपाल के कपिलवस्तु से लगातार कई बार सांसद रहे अभिषेक प्रताप शाह ने देर से ही सही खिलाड़ियों की सुधि ली है और उन्होंने कहा कि सुविधाओं के अभाव में खेल प्रतिभाओं को अब दम नहीं तोड़ने दिया जाएगा।कृष्ण नगर में इंडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।सांसद शाह के इस ऐलान से बैडमिंटन खिलाड़ियों में एक उम्मीद जगी है।
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