PM बोले- भोले बाबा जकड़े हुए थे, पर किसी ने चिंता नहीं की


जीत नारायण सिंह 
वाराणसी।। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वाराणसी के काशी विश्‍वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की और एक परियोजना के सांकेतिक शिलान्‍यास के बाद वहां उपस्थित लोगों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि काशी विश्‍वनाथ धाम परियोजना से जुड़ना उनके लिए ईश्‍वर का आर्शिवाद है। उन्‍होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को पूरे समर्पण के साथ अपना कार्य करने के लिए बधाई दी। इसके साथ ही उन्‍होंने उनलोगों को बधाई भी दी जिन्‍होंने मंदिर के आसपास स्थिति अपनी जमीन परियोजना के लिए अधिकृत करने की अनुमति दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी विश्‍वनाथ मंदिर ने कई सदियों तक अन्‍याय झेलने के बावजूद अपना अस्तित्‍व बनाए रखा है। उन्‍होंने दो सदी से भी ज्‍यादा समय पहले काशी विश्‍वनाथ मंदिर के पुनरूद्धार के लिए किए गए कार्यों के संदर्भ में रानी अहिल्‍याबाई होल्‍कर का स्‍मरण किया है और उनकी सराहना की।
उन्‍होंने कहा कि पिछले कई समय से काशी विश्‍वनाथ मंदिर के आसपास स्थित करीब 40 मंदिरों में अवैध अतिक्रमण हुआ था लेकिन अब इन सबको अतिक्रमण से मुक्‍त करा लिया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब गंगा नदी और काशी विश्‍वनाथ मंदिर के बीच सीधा संपर्क बनाने की व्‍यवस्‍था की जा रही है।

उन्‍होंने कहा कि यह परियोजना अन्‍य परियोजनाओ के लिए एक आदर्श मॉडल होगी और काशी को विश्‍व पटल पर एक नयी पहचान दिलाएगी।   
'भोले बाबा की पहले किसी ने इतनी चिंता नहीं की। महात्मा गांधी भी बाबा की इस हालत पर चिंतित थे। 2014 के चुनाव के दौरान मैंने कहा था कि मैं यहां आया नहीं हूं, मुझे यहां बुलाया गया है। शायद मुझे ऐसे ही कामों के लिए बुलाया गया था।' 
पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण कार्य मे हुए विलम्ब पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि,पिछली सरकार का सहयोग प्राप्त हुआ होता तो श्री काशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास नही आज उदघाटन होता 
  • श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण से बाबा को मुक्ति तो मिलेगी ही,बाबा के भक्तों को विशालता की अनुभूति होगी
  • श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर परियोजना का प्रधानमंत्री ने किया शिलान्यास और भूमि पूजन 
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का शिलान्यास किया 
  • मंदिर के सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण पर 380 करोड़ रुपये खर्च होंगे 
  • मंदिर का प्रवेश द्वार 50 फीट से ज्यादा चौड़ा बनाया जाएगा 
  • गलियारे के दोनों तरफ श्रद्धालु के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी 
  • श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रवेश द्वार 50 फीट से ज्यादा चौड़ा बनाया जाएगा 
  • भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान विभिन्न भवनों के अंदर 41 अति प्राचीन मंदिर पाए गए,जिनका उल्लेख वेद-पुराण व धार्मिक पुस्तकों में भी पाया गया है,प्राप्त सभी मंदिर काशी के प्राचीन धरोहर है,मिले मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं सुंदरी करण का भी कार्य कराया जा रहा है। 
  • इन मंदिरों को इस परियोजना का भाग बनाकर इस क्षेत्र को एक अद्भुत संकुल का रूप दिया जाएगा
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