स्पार्क योजना के लिए बी.एच.यू. के 8 शिक्षकों का हुआ चयन।


वाराणसी से जीत नारायण सिंह।। अनुसंधान एवं शोध को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा अकादमिक और अनुसंधान सहयोग संवर्धन योजना (SPARC) के तहत बी.एच.यू. के कुल 8 शिक्षकों के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

इस योजना के तहत 600 शोध कार्यों में से 282 शोध कार्यों को मंजूरी दी गई है। 

आपको बता दें योजना के तहत एन.आई.आर.एफ. रैकिंग में उत्कृष्ट स्थान पाने वाले भारतीय संस्थान तथा क्यू.एस. रैकिंग में उत्कृष्ट स्थान पाने वाले विदेशी संस्थानों ने हिस्सा लिया था। इसमें विश्व के 28 देशों के सर्वश्रेष्ठ 200 विश्वविद्यालयों की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है। इसकी प्रत्येक योजना के लिये 50 लाख रूपये से लेकर 1 करोड़ रूपये की धनराशि आवंटित की गई है तथा इस संयुक्त शोध पहल के तहत एक टीम में दो विदेशी और दो भारतीय शिक्षक तथा दो भारतीय एवं दो विदेशी छात्र होंगे। अर्थात एक टीम कुल आठ लोगों की होगी। इसके तहत चुने गए छात्रों को दुनिया की श्रेष्ठ प्रयोगशालाओ में एक वर्ष के लिये पहुंच उपलब्ध करायी जायेगी। 

बी.एच.यू. द्वारा कारवाई उन्मुख अनुसंधान, उभरते क्षेत्र का प्रभाव, समिलन, नवाचार आधारित अनुसंधान जैसे विषय पर शोध कार्य के लिए आवेदन दिया गया था। इसमें आई.आई.टी. बीएचयू से शिक्षक प्रो.राजीव प्रकाश का कम खर्च वाले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के उपयोग के लिए, प्रो.राम शरण सिंह का बेंजीन तथा टोल्यूनि के निष्कासन के लिए, प्रो.प्रदीप श्रीवास्तव का फंक्शनल टिसू के उपयोग के लिए एवं बी.एच.यू. के विभिन्न विभाग से प्रो.ओंकार नाथ श्रीवास्तव का हरित ऊर्जा, प्रो.इडा तिवारी का मानव स्वास्थ्य में इंटेग्रेटेड सेंसर, डॉ वेंकटेश सिंह का न्यूट्रिनो भौतिकी, प्रो.संजय कुमार का डी.एन.ए. बबल फॉर्मेशन, डॉ मनीष अरोड़ा का भारत और यु.एस.ऐ. के सामाजिक प्रारूप के इतिहास का संदर्भ में चयन हुआ है। 

इतनी बड़ी उपलब्धि प्राप्त करने पर बी.एच.यू. के कुलपति, प्रोफेसर, एवं अन्य सभी के बीच खुशी की लहर है।
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