…जब पर्रिकर ने कहा था, जोश बहुत ऊंचा है और मैं पूरी तरह से होश में हूं।

मनोहर पर्रिकर


भारत के नामचीन राजनेता होने के बावजूद अपनी सादगीभरी जिंदगी के लिए जीने वाले गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर लम्बी बीमारी के बाद रविवार शाम को इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन पर पार्टी नेताओं के साथ ही विपक्षी नेताओं ने भी दुःख व्यक्त करते हुए देश के लिए बड़ी क्षति बताया है। पर्रीकर लंबे समय से एडवांस्ड पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे। 

राजनीतिक सफ़र 

गोवा के मुख्मयंत्री मनोहर पर्रिकर का जन्म 13 सितंबर 1955 में हुआ था। इनका पूरा नाम मनोहर गोपालकृष्ण प्रभु पर्रिकर था। पर्रिकर ने आईआईटी मुंबई से 1978 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। वे भारत के पहले आईआईटी से स्नातक मुख्यमंत्री थे। पर्रिकर को 2001 में आईआईटी मुंबई ने विशिष्ट भूतपूर्व छात्र की उपाधि भी प्रदान की गयी थी। 
मनोहर गोपालकृष्ण पर्रिकर का जन्म गोवा के मापुसा में 13 दिसंबर 1955 को हुआ था। पर्रिकर स्कूली शिक्षा के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। उन्होंने 1978 में आईआईटी बॉम्बे से मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया था। इसके बाद वे 26 साल की उम्र में मापुसा के संघ चालक बने। 1988 में भाजपा में शामिल हुए। इस दौरान वे राम जन्मभूमि आंदोलन का भी प्रमुख हिस्सा रहे। 
इसके बाद 1994 में गोवा राज्य के विधानसभा के सदस्य चुने गए। 1994 से 2001 तक गोवा राज्य के भाजपा सचिव और प्रवक्ता के रूप में काम किया। 24 अक्टूबर 2000 को पहली बार गोवा के सीएम की ज़िम्मेदारी संभाली पर वे अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। 

उन्होंने 7 फरवरी 2002 को राज्य के सीएम पद से त्यागपत्र दे दिया। 5 जून 2002 को दोबारा राज्य की कमान संभाली, लेकिन चार विधायकों के त्यागपत्र देने के बाद उनके 5 साल का कार्यकाल खतरे में पड़ गया था। 2007 जून में वह राज्य की पांचवी विधानसभा के विपक्ष के नेता चुने गए। मार्च 2012 में उन्हें फिर गोवा का सीएम चुना गया, लेकिन इस बार 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद पर्रिकर ने भारत के रक्षा मंत्री का दायित्व संभाला। 

सादगी ऐसी के हवाई चप्पल और हॉफ शर्ट में विशेष सम्मेलनों में पहुंचते थे

गोवा के मुख्यमंत्री होने के बावजूद पर्रिकर स्कूटर से विधानसभा जाया करते थे। रक्षामंत्री रहने के दौरान भी वे प्लेन में इकोनॉमी क्लॉस में ही सफर करते थे। पर्रिकर की छवि देश के बेदाग नेता वाली थी। किसी भी घोटाले में उनका नाम नहीं आया था। इसी छवि के चलते वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुड लिस्ट में शामिल थे। उनकी सादगी ऐसी थी कि वे बड़े-बड़े सम्मेलनों में हवाई चप्पल और हॉफ शर्ट में भी पहुंच जाते थे। 

पर्रिकर ने कहा था,गुजरात दंगे मोदी के करियर पर एक धब्बा है। 

पर्रिकर ने 2013 में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि गुजरात दंगे मोदी के करियर पर एक धब्बा है। उन्होंने कहा था कि वे मुख्यमंत्री होते तो सुनिश्चित करते की ऐसी घटना न हो। हालांकि, पर्रिकर ने यह भी कहा था कि मोदी व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल नहीं थे और उन्हें जांच में क्लीन चिट मिली है। 

जोश बहुत ऊंचा है और मैं पूरी तरह से होश में हूं। 

पर्रिकर को पैंक्रियाटिक कैंसर था। पिछले साल से उनका गोवा, मुंबई, अमेरिका और दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा था। इसके बाद भी उन्होंने इस बार के बजट सत्र में हिस्सा लिया और 30 जनवरी को बजट पेश किया था। इसके अगले दिन वे इलाज के लिए दिल्ली एम्स चले गए और 5 फरवरी को गोवा लौट आए थे। 
इस साल गोवा विधानसभा में बजट पेश करते हुए मनोहर पर्रिकर ने कहा था,‘अंतिम सांस तक ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ गोवा की सेवा करूंगा। जोश है और बहुत ऊंचा है और मैं पूरी तरह से होश में हूं।’ 
पर्रिकर को पिछले कुछ समय में जब भी किसी योजना का शिलान्यास करते या सार्वजनिक कार्यक्रम में देखा गया, वे चिकित्सीय उपकरणों से लैस ही थे। नासोगेस्ट्रिक ट्यूब उनके चेहरे पर लगी रहती थी। 

पर्रिकर के कार्यकाल में हुई सर्जिकल स्ट्राइक 

पर्रिकर के इसी कार्यकाल के दौरान भारतीय सेना पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक को सफलता पूर्वक अंजाम दिया था। जिसके बाद उनका बीमारी के बाद एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें वो पूछ रहे थे कि,‘हाउ इज द जोश’। उनके इस सवाल का जवाब लोग दे रहे थे ‘हाई सर’ बोलकर। 

क्या होता है पैंक्रियाटिक कैंसर 

हिंदी में पैंक्रियाटिक को अग्नाशय कहते हैं, छोटी आंत का पहला हिस्सा जो खाना पचाने के काम आता है।पैंक्रिएटिक कैंसर अग्नाश्य का कैंसर होता है। इस कैंसर को शांत मृत्यु (साइलेंट किलर) भी कहा जाता है, क्योंकि आरंभ में इस कैंसर को लक्षणों के आधार पर पहचाना जाना मुश्किल होता है और बाद के लक्षण प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग होते हैं। सामान्यत: इस कैंसर के लक्षणों में एबडोमेन के ऊपरी हिस्से में दर्द होता है, भूख कम लगती है, तेजी से वजन कम होने की दिक्कतें, पीलिया, नाक में खून आना, उल्टी होना जैसी शिकायत होती है।
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