BGR दुद्धीचुआ - बढे हुए वेतनमान न मिलने से नाराज़ मजदूर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

बाकी परियोजनाओ मे मिल रहा बढा वेतन,पर BGR देने मे असमर्थता दिखा रहा है-!


सिंगरौली।नार्दन कोल फ़िल्ड्स लिमिटेड के दुद्धीचुआ परियोजना मे कार्यरत आउटसोर्सिन्ग कंपनी BGR द्वारा बढा वेतन लागू ना करने से मजदूरो मे गुस्सा फ़ूट पडा और गुरुवार शाम से मजदूरो ने अनिश्चितकालिन काम रोको आंदोलन प्रारंभ किया है।एनसीएल मे कार्यरत प्राइवेट ओवरबर्डेन कम्पनीयो द्वारा समय समय पर मजदूरो का शोषण व उनके साथ बदसलूकी आम बात है। 

एनसीएल मे कार्यरत दूसरी आउटसोर्सिन्ग कंपनियों द्वारा बढा हुआ रेट लागू किया जा चुका है जबकि बीजीआर दुद्धीचुआ द्वारा बढा रेट लागू करने से अनाकानी किया जाता रहा है। गुरुवार शाम को मजदूरो का धैर्य जवाब दे दिया और सभी ने शोषण के खिलाफ मिलकर अनिश्चितकालिन हडताल करने का फ़ैसला किया।

BGR दुद्धीचुआ के प्रबन्धन का तानाशाही रवैया-!

बीजीआर दुद्धीचुआ परियोजना के पीएम शारदा रेड्डी एवं प्रवन्धन का व्यवार मजदूरो के साथ तानाशाही जैसा रहता है।नाम ना छापने की शर्त पर मजदूरो ने बताया कि कभी छूट्टी का आवेदन व अपने हक कि बात करने पर पीएम द्वारा गाली-गलौज तक किया जाता है एव पी एम द्वारा मजदूरो को धमकी भी दी जाती है कि उनके बातो को नजरअन्दाज करने पर नौकरी से हाथ धोना पडेगा| मजदूर यूनियन की उदासिनता ने उन पर भी सवालिया निशान खड़ा कर दिया है?उनका यह रवैया मजदूरो के गुस्से को भड़का रही है-!

एनसीएल दुद्धीचुआ के मजदूर यूनियन जो मजदूरो के हितैषी बनते है, वह सभी नेता अपने आप को भूमिगत कर लिए है और मजदूरो को सड़क पर छोड़ दिये है कि अपनी लडाई खुद लडो। चंद सिक्को पर अपना जमीर बेचने वाले इन मजदूर नेताओ के उदासिन रवैये से ऐसा लगता है जैसे प्राईवेट कंपनी से उनकी साठ-गांठ पहले से ही चल रही हो।यूनियन के निषप्रभावी रूख से मजदूरो का गुस्सा चरम पर है। जो आग मे घी डालने जैसा काम यूनियन कि उदासिनता कर रही है।

कैन्टीन व कैम्प की सुविधा बेपटरी !

माईन्स मे मजदूरो के आवास के लिए कैम्प की व्यवस्था बीजीआर द्वारा कराई गई है। परंतु व्यवस्था मे खामियाँ ही खामियां है व कैन्टीन के अंदर परोसे जाने वाले खाने कि गुडवत्ता दिन प्रतिदिन गिराई जा रही है| साफ़-सफ़ाई के नाम पर मजाक हो रहा है। 

बाकी परियोजनाओ मे मिल रहा बढा वेतन,पर बीजीआर देने मे असमर्थता दिखा रहा है-!

सुत्रो के अनुसार मजदूरो को बढा वेतन बाकि परियोजनाओ मे कार्यरत आऊटसोर्सिन्ग कम्पनीया दे रही है, पुर्व मे गजराज माईनिन्ग द्वारा बढा मानदेय का भुगतान किया गया है।वही कोल इंडिया के अनुषंगी कमपनिया भी बढा वेतन लागू कर चुकि है परंतु बीजीआर का तानाशाही पुर्ण रवैया मजदूरो के समझ के परे है।मजदूरो ने आरोप लगाया कि उनका शोषण करके अधिकारियो का पेट भरा जा रहा है और प्रबंधन को पैसा खिलाकर गुमराह किया जा रहा है।जब जब बढे वेतन की बात कि जाती है प्रोजेक्ट मैनेजर द्वारा नौकरी से निकालने कि धमकी मिलती है।

आनन फ़ानन मे एनसीएल ने चस्पा किया बढा मानदेय लागू करने का नोटिस-!
गुरुवार की शाम मजदूरो के अनिश्चितकालिन हडताल पर जाने कि भनक लगते ही एनसीएल ने बीजीआर कम्पनी आफ़िस के बाहर एक नोटिस चिपका दिया कि अप्रैल से बढा मानदेय लागू कर दिया जाएगा और एरियर भी मिलेगा। 

सवाल यह है कि आखिर प्रबंधन हड़ताल व प्रदर्शन होने का इंतजार करता ही क्यू है? क्या सिर्फ़ नोटिस लगा देने से मजदूरो को न्याय मिल जाएगा-? यह पहली बार नही है जब आउटसोर्सिन्ग मजदूर अन्याय व शोषण के विरुद्ध मुखर हुए है।हमेशा सान्तवना का झुनझुना पकड़ाकर मजदूरो को शान्त कर दिया जाता है, अधिकारी व प्रबन्धन मलाई खाते है और मजदूरो को छाछ तक नसीब नही होती है। BGR श्रमिकों ने एन सी एल के अध्यक्ष सह प्रबंधक (सीएमडी) का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है।
के सी शर्मा

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