मदरसे से आरंभिक शिक्षा हासिल कर IAS बने मोहम्मद हाशिम



सग़ीर ए ख़ाकसार

डुमरियागंज,सिद्धार्थनगर।तालीमी बेदारी और खैरटेक्निकल सेंटर के संयुक्त तत्वधान में आई ए एस बने मोहम्मद हाशिम को आज सेंटर के सभागार में "एजुकेशनल मोटिवेशन प्रोग्राम" में सम्मानित किया गया।प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों ने इस प्रोग्राम में बड़ी तादाद में हिस्सा लिया। नव आई ए एस से छात्र छात्राओं ने परीक्षा और तैयारी सम्बन्धी सवाल भी किये जिसका मोहम्मद हाशिम ने जवाब दिया।

मोहम्मद हाशिम 
जिले के बांसी स्थित एक मदरसे से आरंभिक शिक्षा हासिल कर नव आई ए एस बने मो0 हाशिम ने कहा कि इस परीक्षा के लिए स्नातक होना ज़रूरी है।आप ने किस माध्यम से पढ़ाई की है यह महत्वपूर्ण नहीं है। ज़्यादातर ग्रामीण परिवेश के बच्चे हीन भावना के शिकार होते हैं। इस परीक्षा को लेकर ढेर सारे मिथक है जिसे तोड़ना बहुत ज़रूरी है।इस परीक्षा की सफलता के लिए ज़रूरी है कड़ा परिश्रम और सतत अध्ययन। पाठ्यक्रम बहुत ही विशाल होता है इस लिए व्यापक परिपेक्ष में अध्ययन की आवश्यकता है। योजनाबद्ध ढंग से अध्ययन कर सफलता अर्जित की जासकती है।मो0 हाशिम ने कहा कि साक्षत्कार में आप परीक्षा पूर्व भरे गए शौक और जानकारी के आधार पर प्रश्न पूछे जाते हैं। उन्होंने कहा कि कामयाबी के लिये अनुशासन और धैर्य बहुत आवश्यक है।

मोहम्मद हाशिम के बड़े भाई डॉ अब्दुल वहाब ने कहा कि अल्पसंख्यकों में जानकारी को लेकर अभाव है। उनके कॉउंसलिंग की ज़रूरत है।उनके मन मे यह बात बिठा दी गयी है मुस्लिमों को पढ़ने से कोई फायदा नहीं उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी। यह धारणा गलत है। इस देश मे सबको बराबर का हक हासिल है,और यह हक शिक्षा के ज़रिए ही हासिल किया जासकता है।

संयोजक इंजीनियर इरशाद अहमद खान(अलीग)ने कहा कि इस प्रोग्राम का उद्देश्य सिविल सेवा की तरफ ज़िले के युवाओं का रुझान बढ़ाना है।इरशाद अहमद ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी खास तौर पर सिविल की परीक्षा के लिए कॉउंसलिंग का प्रोग्राम भविष्य में आयोजित किया जाएगा। तालीमी बेदारी के प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार सग़ीर ए खाकसार ने नव आईए एस को मुबारकबाद देते हुए कहा कि आप यहां मौजूद युवाओं के रोल मॉडल बनकर उभरे हैं।खाकसार ने कहा कि सिविल सेवा हमेशा से ही युवाओं के लिए एक ग्लैमर्स रहा है।प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटे युवाओं का सपना होता है आईएएस बनना।यहां मौजूद युवा आप से निश्चित रूप से प्रेरणा लेंगें।

प्रोग्राम को अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय के प्रो0 अब्दुल अजीज,डॉ फिरोज़ अहमद,जय हो फाउंडेशन मुंबई के अध्यक्ष अफ़रोज़ मलिक, आदि ने भी संबोधित किया।संचालन तालीमी बेदारी के मंडल अध्यक्ष जमाल अहमद खान ने और अध्यक्षता मौलाना मोहम्मद इब्राहिम मदनी ने किया।इससे पूर्व अब्दुल मोईद खान,रियाज़ अहमद,फैय्याज अहमद,इरशाद अहमद,सग़ीर ए खाकसार,मो0 मुर्तजा खान,अफ़ज़ाल खान, ने आये हुए अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया।नव आईएएस मो0 हाशिम को मोमेंटो और सम्मान पत्र इरशाद अहमद खान ने देकर सम्मानित किया।प्रोग्राम की शुरआत तिलावते कुरान पाक से हुआ।

इस मौके पर अब्दुल हमीद,अब्दुल वहीद,जावेद हयात,अहसन जमील,अहमद फरीद अब्बासी,अब्दुल हाफिज मदनी, निहाल अहमद,अंसार खान,फरीद अहमद सूरी,डॉ इफ्तेखार, जमील शेख, ज़ैद अहमद,मो0 इज़हार, कैफ़ी फारूकी,राहिब रिज़वी,मुर्तजा खान,क़ाज़ी फरीद, आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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