CM कमलनाथ के करीबियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी

लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से पहले ही कक्कड़ और मिगलानी ने इस्तीफा दे दिया था।


यकर विभाग ने कर चोरी के आरोप में रविवार सुबह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से जुड़े लोगों के दिल्ली और मध्य प्रदेश स्थित 50 ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि आयकर अधिकारियों ने इंदौर, भोपाल और दिल्ली (ग्रीन पार्क) में छापेमारी की। जिन लोगों पर छापेमारी की गई उनमें कमलनाथ के पूर्व विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) प्रवीण कक्कड़, पूर्व सलाहकार राजेंद्र मिगलानी और उनके रिश्तेदार से जुड़ी कंपनी मोजर बेयर और उनके भांजे रातुल पुरी की कंपनी शामिल है।

लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से पहले ही कक्कड़ और मिगलानी ने इस्तीफा दे दिया था।

दिल्ली से इंदौर पहुंची आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम ने कक्कड़ के विजय नगर क्षेत्र स्थित आवास और उनसे जुड़े अन्य परिसरों पर छापोमरी की। सूत्रों ने कहा कि छापेमारी में जब्त दस्तावेजों की जांच की जा रही है। 
सूत्रों ने कहा कि कोलकाता के कारोबारी पारस लाल लोढ़ा के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। आयकर विभाग के करीब 200 अधिकारियों ने की टीम ने रविवार तड़के तीन बजे इन परिसरों पर छापेमारी शुरू की और अभी तक कुछ बेहिसाबी नकदी बरामद की गई है। यह छापेमारी मौजूदा चुनावी सीजन में संदिग्ध हवाला धन की आवाजाही और कर चोरी के लिए की गई है।

कौन हैं कक्कड़ और मिगलानी 
प्रवीण कक्कड़ पूर्व पुलिस अधिकारी हैं। उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। 2004 में नौकरी छोड़कर वे कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया के ओएसडी बने। दिसंबर 2018 में कमलनाथ के ओएसडी बन गए। इससे पहले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय वह पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के ओएसडी थे।बताया जा रहा है कि नौकरी में रहते हुए उनके खिलाफ कई मामले सामने आए, जिनकी जांच चल रही है।
दूसरी ओर, आरके मिगलानी 30 साल से कमलनाथ के साथ जुड़े हैं और उनके सलाहकार हैं। मुख्यमंत्री से लोगों की मुलाकात और उनके अन्य कामों का जिम्मा मिगलानी ही संभालते हैं।
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