मध्य प्रदेश के 98 फीसदी मतदाताओं को आपराधिक प्रवृत्ति वाले उम्मीदवार मंजूर नहीं हैं


भोपाल। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों को मतदाता न तो विधानसभा चुनाव में पसंद करते हैं और न ही लोकसभा चुनाव में।मध्य प्रदेश के 98 प्रतिशत मतदाताओं का मानना है कि ऐसे व्यक्तियों को संसद या विधानसभाओं में नहीं होना चाहिए।लोकसभा चुनाव से पहले यह खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने पौने तीन लाख मतदाताओं के बीच कराए सर्वे के नतीजे के आधार पर किया है।

रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मतदाताओं को नकदी, शराब और उपहार प्रभावित करते हैं। 41.34 फीसदी मतदाताओं की किसी प्रत्याशी विशेष के पक्ष में मतदान करने की बड़ी वजह नकदी, शराब और उपहार मिलना रहता है। सिर्फ 35 फीसदी मतदाताओं को यह पता होता है कि किसी भी प्रत्याशी के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी पा सकते हैं। 35.89 प्रतिशत मतदाता इस आधार पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी को वोट देने की इच्छा रखते हैं, क्योंकि उसने पहले अच्छा काम किया है। जबकि 36.67 प्रतिशत मतदाताओं को लगता है कि वे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों को इसलिए मत देते हैं, क्योंकि उन्हें आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी ही नहीं होती हैं।

सर्वेक्षण के अनुसार, पूरे मध्य प्रदेश में मतदाताओं की शीर्ष तीन प्राथमिकताएं हैं -रोजगार के बेहतर अवसर (61.9 प्रतिशत), कृषि उत्पादों के लिए अधिक मूल्यों की प्राप्ति (39.19 प्रतिशत) और बेहतर अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (32.69 प्रतिशत). ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर (59 प्रतिशत), कृषि उत्पादों के लिए अधिक मूल्यों की प्राप्ति (56 प्रतिशत) और कृषि के लिए बिजली (40 प्रतिशत) जैसी तीन प्राथमिकताएं हैं. वहीं शहरी मतदाताओं के लिए तीन शीर्ष प्राथमिकताएं रोजगार के बेहतर अवसर (70 प्रतिशत), बेहतर अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (45 प्रतिशत) और बेहतर कानून-व्यवस्था (41 प्रतिशत) हैं।


एडीआर ने 2 लाख 76 हजार से मतदाताओं के बीच अक्टूबर से दिसंबर 2018 के बीच किए सर्वे में यह भी पता लगाया कि अखिल भारतीय स्तर पर मतदाताओं की प्राथमिकताएं क्या हैं और सरकार का प्रदर्शन कैसा रहा है। मध्यप्रदेश के मतदाताओं की बात की जाए तो इनकी प्राथमिकता में रोजगार के बेहतर अवसर सबसे महत्वपूर्ण हैं। देश के मतदाता की प्राथमिकता में रोजगार के बेहतर मौके, अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल, सड़क व सार्वजनिक परिवहन है। शीर्ष दस प्राथमिकताओं में कृषि से जुड़े मुद्दे भी हैं।
मतदाताओं के मूल्यांकन के हिसाब से सार्वजनिक भूमि, झीलों पर अतिक्रमण, आतंकवाद, नौकरी के लिए प्रशिक्षण, शक्तिशाली सेना, भ्रष्टाचार का खात्मा, खाद्यान्न् के कम मूल्य और खनन के मुद्दों पर सरकार का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है।

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