इंदौर पुलिस ने पकड़ी फर्जी आयकर अधिकारियों की टीम


इंदौर। युवाओं को आयकर विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रही गैंग के मास्‍टर माइंड सहित पांच आरोपियों को इंदौर पुलिस की क्राईम ब्रांच टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नकली आयकर विभाग की टीम अभी तक लगभग 80 युवाओं से नौकरी के नाम पर करीबन 40 लाख रूपये की ठगी कर चुकी है। पकड़े गए आरोपियों द्वारा स्‍थापित फर्जी आयकर विभाग के ऑफिस से लेपटॉप, प्रिंटर, वाहन, नेमप्‍लेट, सील-सिक्‍के, रिकार्ड, फाईल, रजिस्‍टर इत्‍यादि सामग्री भी पुलिस ने जब्‍त की हैं।

इंदौर जोन के अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक वरूण कपूर एवं वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक रूचिवर्धन मिश्र के मार्गदर्शन में इंदौर पुलिस को यह सफलता मिली है। फर्जी आयकर अधिकारियों की ठगी का शिकार बन चुके एक आवेदक ने इंदौर पुलिस से शिकायत की थी कि नौकरी दिलाने के नाम पर उससे देवेन्‍द्र डाबर नामक व्‍यक्ति ने ठगी की है। देवेन्‍द्र स्‍वयं को इंटे‍लीजेंस एंड क्रिमिनल इंवेस्‍टीगेशन डिपार्टमेंट का अधिकारी बताता है। उसने आयकर विभाग की फर्जी आईडी भी बना रखी है, जिससे युवा उसके झांसे में आ जाते हैं।

पुख्‍ता सूचना मिलने के बाद इंदौर क्राईम ब्रांच टीम ने मास्‍टर माइंड देवेन्‍द्र डाबर व उसके सहयोगी आरोपी सुनील मंडलोई, रवि, दुर्गेश व सतीश को गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ थाना राजेन्‍द्र नगर में अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया है। आरोपियों के कब्‍जे से आयकर विभाग की फर्जी नेमप्‍लेट लगी टाटा सफारी भी पुलिस ने जब्‍त की है। आरोपियों के बैंक खातों तथा संपत्ति की जानकारी पुलिस द्वारा जुटाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी देवेन्‍द्र डाबर फर्जी सीबीडीटी अटैचमेंट सेक्‍शन-06 चीफ इन्‍वेस्‍टीगेशन ऑफिसर बनकर लोगो को ठगता था। उसका दोस्‍त आरोपी सुनील फर्जी सीनियर फील्‍ड ऑफीसर, आरोपी रवि फर्जी सीनियर इन्‍वेस्‍टीगेशन अधिकारी, आरोपी दुर्गेश गहलोत मुख्‍य आरोपी देवेन्‍द्र डाबर का पीए एवं आरोपी सतीश गावड़ मुख्‍य आरोपी का वाहन चालक व पर्सनल गनमेन बनकर काम कर रहा था, जो एक रायफल (एयर गन) भी रखता था। आरोपी गोपनीयता बनाए रखने के नाम पर ठगे गए लड़कों से शपथ पत्र भरवाते थे, जिससे उनकी पोल नही खुल पा रही थी।

विवेचना में यह बात भी सामने आई है कि इंदौर की सिलिकॉन सिटी स्थित एक मकान में पिछले एक साल से यह फर्जी आयकर टीम अपना दफ्तर चला रही थी। ऑफिस में पदस्‍थ वाहन चालक और चपरासी भारत सरकार के मोनो लगी फर्जी खाकी वर्दी पहनते थे और फर्जी नेमप्‍लेट भी लगाते थे। जांच में पता चला है कि फर्जी आयकर टीम ने 35 बड़े कारोबारियों की आयकर प्रोफाईल बना रखी थी, जिसके आधार पर रेड देकर ठगी की तैयारी में यह टीम लगी थी।

पुलिस ने फिल्मी तर्ज पर फर्जी आयकर छापा मारने वाले गिरोह का मंगलवार को भंडाफोड़ करते हुए इसके सरगना समेत पांच युवकों को धर दबोचा। 
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