अनपरा में धड़ल्ले से जारी है "काले सोने" का "काला कारोबार"-!



के सी शर्मा 
अनपरा(सोनभद्र)।। जनपद सोनभद्र के अनपरा थाना क्षेत्र के कौवानाला, दुल्लापाथर,ककरी ,रेहटा,करेला, एरिया से इस समय धड़ल्ले से कोयला चोरी हो रहा है, और आचार संहिता बन गयी है, इस काले कारोबार का सुरक्षा कवच।इस काले सोने के काले कारोबार में खाकी,खद्दर,कलमकार है बराबर के भागीदार।


कोल माफियाओं द्वारा सब को साध किया जा रहा है यह काला कारोबार-!

जनपद सोनभद्र के "सोनांचल" के "उर्जान्चल"में"सीकेडी"के काले कारोबार का खेल तो दशको से खुलेआम चला आरहा है।इसी लिये कहते है कि इन थानों पर तैनाती के लिए नीलामी में ऊंची बोली के दौर से गुजरने के बाद ही कोई प्रभारी बनते है।इसके तार जिले से लेकर प्रदेश की राजधानी तक फैले हुए है।पूर्वर्ती सरकारों में तो सीधे प्रदेश की राजधानी से ही यह प्रक्रिया सम्पादित होती थी।समय -समय पर रात के अंधेरे में होने वाले इस 

"काले कारोबार" से रहस्य का पर्दा हटता भी रहता है, फिर भी नही पड़ता फर्क-!

विगत महीनों अनपरा थाने के ककरी में पकड़ा गया चोरी का कोयला दो कोल माफियाओं में आपसी वर्चस्व का नतीजा था।परन्तु सूत्रों की माने तो अब सभी कोल माफिया आपस मे संगठित हो गए है, और अब संगठित तरीके से यह कारोबार रात के अंधेरे में धुँवाधार चल रहा है।उर्जान्चल के जरायम की दुनिया मे काली रात के अंधेरे में काले कारोबार के ये बादशाह अब संगठित हो गए है। 

अनपरा थाना क्षेत्र में खुलेआम जारी है काले सोने का काला कारोबार-!

सूत्रों की माने तो अनपरा थाना क्षेत्र में खुलेआम रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर यह कला कारोबार कई अड्डो से लम्बे समय से सन्चालित हो रहा है।इनमें प्रमुख तौर पर ककरी,रेहटा,कौआनाला, उ प्र, म प्र, की सीमा पर स्थित दुल्ला पाथर, करेला रोड, आदि वर्षो से इन कोल माफियाओं के मुहफिज अड्डे बने हुए है।

चर्चा है कि इन कोल माफियाओं को पुलिसिया संरक्ष्ण प्राप्त है, तभी तो ये वेखोफ अपने काम को अंजाम देने में लगे हुए है और दिन दूना रात चौगुना माला माल होते जारहे है और उन्हें भी मालामाल किये हुए है जो इनके संरक्ष्णकर्ता है।

कहते है कि इस काले कारोबार को सफेद पोशों का भी भरपूर संरक्ष्ण प्राप्त है, जिनमे नेता ,पत्रकार,सम्बन्धित विभागों के अधिकारी आदि सभी परोक्ष रूप में इस जरायम के कारोबार और हो रहे इस राष्ट्र विरोधी गतिविधि में संलिप्त है।

इसके पहले भी सीमावर्ती इलाके में पकड़ी गई है, कोयला चोरी की कई गाड़िया-!

इसके पहले भी सिंगरौली पुलिस ने उ.प्र.,म.प्र. की खनहना बैरीरयर के समीप से कोयला चोरी की लदी गाड़ियों को पकड़ कर विगत महीने कई बार चलान कर चुकी है। जो अनपरा थाने के दुल्लापाथर वाले अड्डे पर ही लेकर आरही थी।पुलिस के पूछताछ में पकड़े गए चालक से इसका खुलासा हो चुका है।

जिस नाम का चालक ने खुलासा किया था ,वह नाम उर्जान्चल के चर्चित कोल माफिया का है, परन्तु हायरे "योगी" की पुलिस "आँख मूँदे", "कान में तेल डालें", "हाथ पर हाथ रखे" बैठी हुई माफियाओं पर अपना बर्दहस्त बनाये हुए है।

समय- समय पर इसके पहले अनपरा रेंजर ने भी चोरी के कोयले की गाड़ियों को पकड़ चालान कर यह सावित कर दिया है कि किस कदर कोयले का "काला कारोबार" "सोनांचल" के "उर्जान्चल" में चल रहा है। परन्तु अब तो रात के अंधेरे में वही कोयले की गाड़ियां धड़ल्ले से वन विभाग का वैरियर क्रॉस कर वेख़ौफ़ चँदासी की कोयला मंडी में पहुच रही है।

सभी "आँख मूदे" चुप चाप "गुलाबी कागज" के टुकड़ों को गिनने में मस्त है। जो स्थानीय पुलिस के आँखों से ओझल है।"हाय रे योगी सरकार की पुलिस"?इस तरह निर्वाधगति से "सोनांचल" के ''उर्जान्चल" में चल रहा है "काले सोने" का "काली रात" में "काला कारोबार"- !

सबसे अहम सवाल यह है की,पुलिस के उच्चाधिकारी इस जरायम के काले कारोबार में लगे कोल माफियाओं के द्वारा भारत सरकार की सार्वजनिक प्रतिष्ठान एनसीएल को प्रतिदिन हो रहे लाखो के कोयले की चोरी से कैसे बचाते है? और जरायम के हो रहे इस काले कारोबार पर  कैसे नियंत्रण करते है-?
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