जानिए क्या होता है, रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान जो प्रधानमंत्री मोदी को मिला


ब्दुल रशीद 
घर परिवार में चार बर्तन हो तो आवाज़ होता ही है,कहावत का मतलब है के एक परिवार के सभी सदस्य परिवार के मुखिया से खुश हो ऐसा संभव नहीं,क्योंकि सभी इंसान के सोंचने और काम करने का तरीक़ा अलग होता है। इसलिए परिवार के मुखिया से सदस्यों की सहमती असहमति स्वाभाविक रूप से होता है लेकिन जब उसी परिवार के मुखिया के सर पर परिवार पे आए संकट से बचाने की जिम्मेदारी आता है या सम्मान का सेहरा बंधता है,तो परिवार का सभी सदस्य अपनी क्षमता और योग्यता के अनुसार साथ खड़ा रहता है। क्योंकि संकट का सामना करने की जिम्मेदारी हो या सम्मान का सेहरा बाँधने में भागीदारी हो सब बखूबी निभातें हैं। क्योंकी भागीदारी और जिम्मेदारी मुखिया के अकेले का नहीं बल्कि पुरे परिवार का होता है।

लोकतंत्र में देश का नागरिक सदस्य और परिवार का मुखिया प्रधानमंत्री होता है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस ने रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल” से सम्मानित किया है।जो पुरे देश के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री देश के पहले व्यक्ति हैं,जिन्हें रुस का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार मिला है।
यह सम्मान पहले चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग,कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नुरसुल्तान नजरवायेव तथा अजरबैजान के राष्ट्रपति ग्येदार एलियेव को प्रदान किया जा चुका है।रूस के अनुसार पीएम मोदी को रूस और भारत के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने में असाधारण सेवाओं के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है। इसकी जानकारी 12 अप्रैल को रूसी राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दी गई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस द्वारा ‘द ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रू द एपोस्टल'सम्मान के लिये नामित किये जाने पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन और वहां के लोगों के प्रति आभार प्रकट किया तथा दोनों देशों के द्विपक्षीय और बहुस्तरीय सहयोग को नई ऊंचाइयां प्राप्त होने तथा उज्जवल भविष्य की कामना की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं राष्ट्रपति पुतिन और रूस के लोगों को धन्यवाद देता हूं।''

ईसा मसीह के वह कौन शिष्य हैं जिनके नाम पर‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ पुरस्कार दिया जाता है। 

ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ पुरस्कार, 17वीं सदी के अंत में जार पीटर प्रथम ने एपोस्टल एंड्रयू के सम्मान में शुरू किया था।1917 में रूसी क्रांति के बाद इस पुरस्कार को समाप्त कर दिया गया था। उस समय तक दुनिया भर के एक हज़ार लोगों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका था।‘ऑर्डर ऑफ़ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जिसे उल्लेखनीय काम करने वाले रूसी नागरिकों और देश-विदेश के प्रमुख नेताओं को दिया जाता है। जुलाई 1998 में रूसी राष्‍ट्रपति बोरिस येल्‍तसिन ने इसे दोबारा शुरू किया। जिसके बाद से अब तक सौ लोगो को ये पुरस्कार मिल चुका है।SAINT ANDREW जिनके नाम पर इस पुरस्कार की शुरुआत हुई वे ईसा मसीह के चार सबसे करीबी शिष्यों में से एक थे।

पांच साल सातवां वैश्विक सम्मान 

2014 में प्रधानमंत्री बनाने के बाद से अबतक नरेंद्र मोदी को 07वैश्विक पुरुष्कार मिल चुका है।  

2016 में अफगानिस्तान ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान अमानुल्लाह खान पुरस्कार से मोदी को नवाजा था।
2018 में “फिलिस्तीन ने ग्रैंड कॉलर ऑफ द गेस्ट ऑफ फिलिस्तीन” से पुरस्कार से नरेंद्र मोदी को नवाजा था।
2018 में ही दक्षिण कोरिया ने भी अंतराष्ट्रीय सहयोग के लिए सियोल शांती पुरस्कार से सम्मानित किया था।
2018 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी उन्हें अपना सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार “चैंपियंस ऑफ अर्थ द अवार्ड” से पुरस्कृत किया था।
2019 निःस्वार्थ सेवा के लिए प्रथम फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया
2019 में  यूएई का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘जायेद मेडल’

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