गरीबों के लिए 'न्याय', किसानों के लिए अलग बजट होगा - राहुल


नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी किया। इसे जन आवाज नाम दिया गया है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मैनिफेस्टो में 5 प्रमुख वादे किए गए हैं। किसानों के लिए अलग बजट लाया जाएगा। साथ ही कृषि कर्ज के डिफॉल्टरों पर फौजदारी (क्रिमिनल केस) दर्ज नहीं होगा। राहुल ने 'गरीबी पर वार 72 हजार' का नारा भी दिया। 

राहुल ने कहा, "हम अपना मैनिफेस्टो रिलीज कर रहे हैं। यह कांग्रेस के लिए बड़ा कदम है। पिछले साल जब हमने यह शुरू किया था, तब मैंने चिदंबरम जी को दो चीजें कही थीं। मैंने उन्हें कहा था कि यह बंद कमरों में बनने वाली चीजें नहीं हैं। यह बिल्कुल सच्चा होना चाहिए। हम पिछले काफी समय से झूठ सुन रहे हैं। वो भी अपने प्रधानमंत्री से। जब हम मैनिफेस्टो के बारे में बात करते हैं या न्याय के बारे में बोलते हैं तो जनता से एक रिस्पॉन्स मिलता है।" 

क्या है राहुल के 5 वादे 

1-न्याय 
पहली थीम न्याय की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 15 लाख रुपए अकाउंट में डालेंगे। वो झूठ था। हमने उनकी बात पकड़ी और मैनिफेस्टो कमेटी से पूछा कि हिंदुस्तान की जनता के अकाउंट में कांग्रेस कितना पैसा डाल सकती है। उन्होंने मुझे 72 हजार नंबर दिया। गरीबी पर वार 72 हजार। एक साल में 72 हजार कांग्रेस पार्टी गरीबों के अकाउंट में सीधा डालेगी। एक साल में 72 हजार और पांच साल में 3 लाख 60 हजार। मोदीजी ने नोटबंदी और जीएसटी से जो अर्थव्यवस्था जाम की है, उसे हम वापस पटरी पर लाएंगे। 

2-रोजगार 
चिदंबरम जी ने कहा कि दो बड़े मुद्दे हैं रोजगार और किसान। 22 लाख सरकारी नौकरियां खाली पड़ी हैं। उन्हें कांग्रेस पार्टी मार्च 2020 तक भर देगी। 10 लाख युवाओं को ग्राम पंचायत में कांग्रेस नौकरी देगी। मेक इन इंडिया की दुनिया में आप बिजनेस खोलना चाहते हैं। तीन साल के लिए युवाओं को बिजनेस के लिए कोई परमिशन नहीं लेनी होगी। आप लोगों को रोजगार देंगे। कांग्रेस इसके लिए दरवाजे खोलेगी। 

3-किसान 
हम मनरेगा में रोजगार के 150 दिन पक्के करना चाहते हैं। हमारे हिसाब से किसानों का एक अलग बजट होना चाहिए। किसानों को मालूम होना चाहिए कि उनके लिए कितना बजट दिया जाएगा और उन्हें कितना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलेगा। 
नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लोग लोगों का पैसा लेकर भाग जाते हैं। किसान अगर बैंकों का पैसा नहीं दे पाते तो उन्हें जेल में डाल दिया जाता है। हमने फैसला किया है कि अगर किसान पैसा न लौटा पाए तो वो क्रिमिनल ऑफेंस नहीं सिविल ऑफेंस हो। 

4-शिक्षा 
शिक्षा के क्षेत्र में हमने निर्णय लिया है कि जीडीपी का 6% पैसा देश की शिक्षा में दिया जाए। आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थानों को हम सबकी पहुंच में बनाना चाहते हैं। मोदी सरकार ने उसे हमेशा कम किया है। 

5-हेल्थ सेक्टर 
हेल्थ सेक्टर में मोदी सरकार एक योजना लाई है। इंश्योरेंस का पैसा प्राइवेट अस्पतालों की जेब में डाले जाएं। हम सरकारी व्यवस्थाओं को मजबूत करने का काम करेंगे। हम तय करेंगे कि गरीबों को अच्छी से अच्छी सुविधाएं मिलें। 

'राफेल डील की जांच होगी' 

इस बीच घोषणापत्र समिति के सदस्य बालचंद्र मुंगेकर ने कहा, "कांग्रेस के सत्ता में आने पर पहले ही दिन राफेल डील पर जांच बैठाई जाएगी। इसे भी मैनिफेस्टो में शामिल किया गया है।"


चिदंबरम की अध्यक्षता में बनी थी कमेटी 

कांग्रेस ने देशभर के लोगों के विचार जानने के लिए एक प्रक्रिया शुरू की थी। इसके चलते पार्टी के कई नेताओं ने देश के कई हिस्सों में लोगों से उनके विचार जाने थे। घोषणापत्र तैयार करने के लिए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अध्यक्षता में समिति बनाई गई थी। 

चुनाव प्रचार के दौरान रैलियों में राहुल गांधी के किए गए बड़े वादे 

  • न्यूनतम आय योजना लागू करना 
  • स्वास्थ्य का अधिकार 
  • किसानों की कर्ज माफी करना 
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करना 
  • जीएसटी को खत्म करने का वादा 
  • नीति आयोग को खत्म करना

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget