वाराणसी से गठबंधन के उम्मीदवार होंगे सेना के जवान तेज बहादुर

सच्‍चाई पता चलने पर पब्लिक हमारे साथ खड़ी होगी।- तेज बहादुर यादव


अजीत नारायण सिंह 
             ब्यूरो वाराणसी

समाजवादी पार्टी ने वाराणसी से अपने टिकट पर पूर्व बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव को चुनाव लड़ाने का फैसला किया है। पार्टी ने इससे पहले यहां से शालिनी यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था। तेज बहादुर पहले से ही यहां से चुनाव लड़ रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां से सांसद है और इस बार भी चुनाव लड़ रहे हैं। 26 अप्रैल को उन्होंने यहां से नामांकन भरा। 

ज्ञात हो की, सपा ने यहां से शालिनी यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था। शालिनी यादव कांग्रेस के पूर्व सांसद और राज्यसभा के पूर्व उपसभापति श्यामलाल यादव की पुत्रवधू हैं। शालिनी यादव 22 अप्रैल को समाजवादी पार्टी में शामिल हुईं और उसी दिन उन्हें उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। वहीं कांग्रेस ने एक बार फिर अजय राय को यहां से अपना उम्मीदवार बनाया। 2014 में अजय राय तीसरे नंबर पर रहे थे।


समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्‍ता मनोज राय धूपचंडी बीएसएफ के पूर्व जवान तेज बहादुर यादव के साथ पर्चा दाखिल कराने पहुंचे। धूपचंडी ने दावा किया कि तेज बहादुर पार्टी के प्रत्‍याशी होंगे। धूपचंडी ने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी में बीएसएफ के पूर्व जवान तेज बहादुर यादव एसपी के प्रत्याशी होंगे। उन्‍होंने कहा कि एसपी की अब तक घोषित प्रत्याशी शालिनी यादव अपना नामांकन पत्र वापस ले लेंगी।

पीएम मोदी को आईना दिखाने के लिए चुनाव में उतरा हूं 

तेज बहादुर यादव ने हाल ही में दावा किया था कि करीब दस हजार पूर्व सैनिक वाराणसी आकर असली चौकीदार के पक्ष में और नकली चौकीदार (पीएम मोदी) के खिलाफ घर-घर प्रचार करेंगे। 

उन्होंने कहा था
'मैं हार-जीत के लिए नहीं, बल्कि पीएम मोदी को आईना दिखाने के लिए चुनाव मैदान में उतरा हूं। जनता को बताऊंगा कि सैनिकों का हितैषी होने का दावा करने वाले पीएम मोदी ने सैनिकों से किया गया एक भी वादा पूरा नहीं किया है। पूर्व सैनिक घर-घर जाकर बताएंगे कि मोदी जी ने सैनिकों का क्‍या हाल कर रखा है। सच्‍चाई पता चलने पर पब्लिक हमारे साथ खड़ी होगी।'

कौन हैं तेज बहादुर यादव 

तेज बहादुर ने 2017 में बीएसएफ में मिल रहे खाने को घटिया बताते हुए विडियोज बनाए थे। सोशल मीडिया पर आने के बाद वे सभी विडियोज वायरल हो गए थे,जिसके बाद तेज चर्चा में आ गए। इस मामले की जांच हुई, जिसके बाद तेज बहादुर को बर्खास्त कर दिया गया। जनवरी, 2019 में तेज बहादुर के 22 साल के बेटे की संदिग्‍ध स्थितियों में मौत हो गई थी। वह अपने कमरे में बंदूक के साथ मृत पाया गया था।

वाराणसी में आखिर चरण में 19 मई को मतदान होना है। नतीजे 23 मई को आएंगे। उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा का गठबंधन है और ये सीट सपा के पास है।

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