सीधी-सिंगरौली लोकसभा 2019 - जनता के मुद्दे पर चुप,हवा हवाई गप


सीधी-सिंगरौली को जोड़ने वाली सड़क पर आपका लग्जरी कार भी बैलगाड़ी का मज़ा देगा,और धूल आपको धुंध का। यह हाल है आजादी के सात दशक बाद भी उस लोकसभा क्षेत्र के सड़क का जहां पिछले एक दशक से राज्य में और संसद में एक ही पार्टी का प्रतिनिधित्व रहा है। इस लोकसभा में मतदान 29 अप्रैल  को होना है,मुकाबला दो प्रमुख पार्टी भाजपा और कांग्रेस में है। यहां से कांग्रेस ने अजय सिंह को और भाजपा ने मौजूदा सांसद रीती पाठक को उम्मीदवार बनाया है। 

जनता के मुद्दे गायब 

सीधी-सिंगरौली लोकसभा में सड़क,बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां की जनता बेरोजगारी, विस्थापन और प्रदूषण से निजात पाने राह तक रहें हैं,और जनप्रतिनिधि  जनता के मुद्दों पर चुनावी सभाओं में चर्चा करने के बजाय हवा हवाई बातों का तड़का लगा कर वोट पाना चाहती है।मौजूदा सासंद अपने किए काम बताने की जगह केंद्र की योजनाओं को गिना कर,प्रधानमंत्री के नाम पर वोट पाना चाहती हैं वहीं अजय सिंह अपने परिवार के योगदान को याद दिला रहें हैं।  

जातीय समीकरण
सीधी-सिंगरौली क्षेत्र में गोंड़ और ओबीसी वोटर से हार जीत तय होता है। गोंड़ 37%,ओबीसी 28%,एससी 13%,ब्राह्मण 19%,क्षत्रिय 07%,अल्पसंख्यक 3.2%,गोंड़ जनजाति को साधने वाले की जीत तय मानी जाती है।

हवा-हवाई बातों में जहरीली हवा पर चुप्पी 
चुनाव के दौरान ही सिंगरौली में पानी पाताल  में चला गया है,और नेता आरोप प्रत्यारोप लगाने में व्यस्त हैं,स्पष्ट है कोई जीत कर हैट्रिक लगाना चाहता है तो कोई विधानसभा में पराजय को जय में बदलना चाहता है,ऐसे में जनता के जेहन में यह सवाल जरुर उठता होगा के जो उनकी समस्याओं पर बात तक नहीं कर रहें क्या जीतने के बाद समाधान करेंगे? लेकिन मौजूदा राजनीती ने इन सवालों को जेहन से गायब करने के लिए  भावनात्मक घोल तैयार कर लिया है,जिसका असर चुनाव बाद तब उतरता है जब बेरोजगारी से चूल्हा  नहीं जलता और विकास के नाम पर प्रदुषण की मार से जवानी में बूढ़े होकर लाठी पकड़ कर चलने को मजबूर होना पड़ता है। इसलिए भावनाओं में बह कर नहीं सोंच समझकर वोट कीजिए,आपका वोट बहुमूल्य है।  

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget