भाजपा -अपनादल के संयुक्त प्रत्याशी पकौड़ी लाल कोल का उर्जान्चल में प्रथम चुनावी दौरा रहा चर्चाओं में !

पकौड़ी लाल कोल
के सी शर्मा 
शक्तिनगर।सोनभद्र।12 अप्रैल को अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाजपा -अपनादल के संयुक्त प्रत्याशी पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल अपने लंबे काफिले के साथ उर्जान्चल के प्रथम चुनावी दौरे पर आए हुए थे।उनके साथ दौरे में जो प्रमुख लोग थे उनमें ओबरा के भाजपा विधायक संजीव गोड़,भाजपा लोक सभा प्रभारी गोविंद यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा, और अपना दल के जिला अध्यक्ष सत्यनारायण पटेल, आदि दर्जनों नेता, लेकिन नही दिखे तो अपने ही विधान सभा क्षेत्र में "अपना दल" के विधायक दुद्धी, "हरि राम चेरो" और उनके समर्थक, एक्का -दुक्का अपना दल के कार्यकर्ताओं को छोड़ दे तो कोई भी विधायक समर्थक और अपनादल के नेता,कार्यकर्ता नहीं नजर आएं,जिससे तरह तरह की अटकलें, व कयास लोगो द्वारा लगाया जाने लगा।

ज्ञात हो कि सोनभद्र की सीट भाजपा ने समझौते में अपने सहयोगी पार्टी "अपना दल" को दे दिया है।विधान सभा चुनाव में भी भाजपा ने एक सीट इस जिले में दुद्धी अपना दल को दिया था ।जहा से हरि राम चेरो विधायक है।निर्वाचित होने के बाद से लेकर हमेशा अपने बयानों और निर्णयों से विवादों में रहने वाले विधायक हरि राम चेरो सुर्खियों में बने रहते है।

दिखी विधायक हरिराम चेरो की बेरुखी-!

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के इस महापर्व में जिसमे 90 करोड़ मतदाता अपना मतदान केरेंगें। उसमे क्षेत्रीय विधायक की नाराजगी व बेरुखी खासे चर्चा में इस समय बनी हुई है।इसका क्या प्रभाव चुनावी नतीजे पर पड़ेगा? यह तो अभी भविष्य के गर्भ में है?

समझौते में मिली अपनादल को सीट-!

इस महापर्व में भाजपा की यह परम्परागत सीट फिर समझौते में अपना दल को चली जाने से यहा से अपना दल ने पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल को अपना प्रत्याशी बनाया है।चुनावी समर में उतरे अपनादल प्रत्याशी पूर्व सांसद पकौड़ी कोल अपने प्रथम चुनावी दौरे पर उर्जान्चल आए हुए थे। लेकिन क्षेत्रीय विधायक वह भी उनके दल का ही दौरे में मौजूद न रहना तथा स्थानीय अपना दल के नेताओ और कार्यकर्ताओं का नदारत रहना, पूरे कार्यक्रम को फीका कर कर गया।स्थिति ऐसी थी कि भाजपा के कार्यकर्ता ही अपना दल का झंडा लिए और भाजपा अपनादल जिंदावाद का नारा लगाते दिखे,जिससे क्षेत्रीय विधायक की वेरुखी व नाराजगी का साफ असर दिख रहा था।

यह तो भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा के कुशल राजनैतिक प्रबन्धन का शुक्रगुजार होना चाहिए कि उन्हने एक दिन पहले ही उर्जान्चल के अनपरा,शक्तिनगर मण्डल के अध्यक्षों,व भाजपाईयों को निर्देश दे दिया था,की प्रत्याशी का पूरे उर्जान्चल में जोरदार ढंग से स्वागत और समर्थन भाजपा कार्यकर्ताओं को करना है।जिसका असर भी साफ साफ दिखा।भाजपाई तन्मयता से बाजे -गाजे- ढोल- नगाड़े के साथ फूल -मालाओं सहित गगन भेदी नारो के साथ भारी उत्साह पूर्वक प्रतयाशी का जगह- जगह स्वागत किये।लेकिन पूरे क्षेत्र में कहीं भी इक्के दुक्के को छोड़ दे तो अपनादल के लोग नही दिखे।जो अपनादल कि अंदरूनी कलह को उजागर करते हुए बहुत कुछ कह गया।

क्या पड़ेगा इसका चुनाव पर प्रभाव-?

जिसका आने वाले चुनाव पर असर पड़ने की संभावना से इनकार नही किया जासकता है, वही यह भी साफ हो गया कि पिछली बार विधान सभा चुनाव जैसे दुध्धी विधान सभा मे अपना दल प्रतयाशी का चुनाव भाजपा संगठन को लड़ना पड़ा था, ठीक वही स्थिति इस समय भी दिख रही है।एक सच यह भी है जिसे कोई भी राजनैतिक विश्लेषक सिरे से खारिज नही कर सकता है।

भाजपाईयो में दिख मलाल व कसक-!

भाजपा की इस परम्परागत सीट का सहयोगी दल को चले जाने का "मलाल" और उसकी "कसक' तो भाजपाईयों के चेहरों पर साफ- साफ झलक रही है।ऐसी स्थित में उन्हीं के कंधों पर चुनाव जिताने का भार भी है।तब यह कहना कि चुनावी समर में उदास सेना से जायदा अपनादल प्रतयाशी को 'नमो के नाम का" ही भरोसा ज्यादा रह गया है।

शक्तिनगर के भाजपाईयों में दिखी नाराजगी-!

शक्तिनगर क्षेत्र के भजपाईयो में भी नाराजगी तब देखी गयी,जब प्रतयाशी कार्यकर्ताओ के साथ बैठक करने के बजाय नेतागण के साथ इलाके के कुछ ठीकेदारों व अधिकारियों के यहा व्यक्तिगत उनके घरों पर चाय की चुस्की लेने उनके घरों पर चले गए, तो कार्यकर्ता कहने लगे कि कार्यकर्ताओ के साथ बैठक करने वउनके साथ जान पहचान करने के बजाय जनाधार विहिन लोगो के यहा उनका मान बढ़ाने चले गए। जो भाजपा की रीति ,- नीति से मेल नही खाता।तो अधिकांश कार्यकर्ता भी काफिला छोड़ अपने घरों को चल दिये।यह तो उसी कहावत को चरितार्थ कर रही है।जैसे नैहर से ससुराल आने वाली दुल्हन की होती है, जब घर की महिलाएं घर के चौखट में प्रवेश के पहले ही ड्योढ़ी पर सुप में रखे चावल पे दुल्हन का पांव रखवा कर घर मे प्रवेश कराते समय बगैर दुल्हन का घुघट खोलवाये ही दुल्हन को पूरी तरह कैसी है दुल्हन समझ जाती है।इस तरह यह भी चुनाव नतीजे आने के पहले के अपने बहुत कुछ संकेत को छोड़ ही गया है।भाजपा कार्यकर्ताओं ने उर्जान्चल के शक्तिनगर क्षेत्र में प्रतयाशी का बाजे -गाजे और नगाड़ो की धुन पर खैरमकदम करते हुए जोरदार स्वागत किया।

पहले बीना में इसके बाद खडिया बाजार और शक्तिनगर के राजीव गांधी मार्केट में बड़ी संख्या में भाजपाई एकत्रित हो प्रत्याशी व भाजपा जिलाध्यक्ष की अगुवानी करते हुए फूल मालाओं से लाद दिया।इस दौरान खडिया के हनुमान मंदिर और शक्तिननगर के माँ ज्वाला देवी के मंदिर में प्रत्याशी सहित नेताओ ने बजरंगबली व माँ ज्वाला देवी के श्री चरणों मे "मत्था" टेका और जीत की "मन्न"ते मांगी।

इस दौरान शक्तिनगर के जीन प्रमुख भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओ ने चुनावी दौरे पर पहली बार आये प्रतयाशी के कंधे से कंधा मिला "कदमताल" किया उनमें भाजपा जिला उपाध्यक्ष अनिल सिंह गौतम,वरिष्ठ पत्रकार एवं भाजपा नेता के सी शर्मा,वरिष्ठ भाजपा नेता के सी जैन, मडल अध्यक्ष अनपरा एड0 प्रभाशंकर मिश्रा, मण्डल अध्यक्ष शक्तिनगर प्रशांत श्रीवास्तव, अल्पसंख्य मोर्चा के मण्डल अध्यक्ष मु0 मुश्तकिम, मण्डल महामन्त्री कमलेश गुप्ता,पूर्व मण्डल अध्यक्ष वृजेश सिंह तोमर, युवा मोर्चा के मण्डल महामंत्री देवेन्द्र गुप्ता, युवा नेता आनन्द पांडेय,विजेंदर दूबे, शुभम दूबे, पूर्व मण्डल अध्यक्ष अशोक अग्रहरी,जिलाकार्यसमिति सदस्य वेदप्रकाश मिश्रा, नगर कार्यवाह सन्नी शरण, पुनीत कपूर, संजीव जैसवाल, मण्डल उपाध्यक्ष पूर्व प्रधान नन्दलाल भारती, आशीष चौबे, छोटू कोटा बस्ती, वृजेश सिंह कोटा बस्ती,शिव नारायण, इंद्रजीत सिंह पटेल, एवीवीपी के उपाध्यक्ष सूर्यप्रताप शर्मा, अपनादल के उदित पटेल सहित जिले भर के वड़ी संख्या में साथ चल रहे भाजपा -अपनादल के नेता व कार्यकर्ताओ के साथ साथ सैकड़ो स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता और आम जनता रही मौजूद।
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