मिशन जय हिन्द : खाकी वर्दीधारी जवान ‘सलमान' की गौरवगाथा


सोलापुर रियल सिंघम ने सोनभद्र में पेश की मानवता की मिसाल अपने जान की परवाह न करते हुये भी बचाइ अभिनेत्री की जान
सोनभद्र से नौशाद अन्सारी

अक्सर हमारे मन में पुलिस शब्द सुनते ही सबसे पहले डर और भय की भावना आती है।अपने कार्यप्रणाली से पुलिस हमेशा सवालों के घेरे में भी रही है।कोई उन्‍हें वर्दी वाला गुंडा कहता है तो कोई भ्रष्‍ट।मगर इससे इतर यूपी का एक पुलिस आफिसर अक्सर लोगों की मदद करते रहते हैं और अपने सौम्य स्वभाव के कारण जाने जाते हैं।आज इस लेख को मात्र एक लेख या समाचार समझकर मत पढ़ियेगा। यह कोई कहानी भी नहीं है।यह एक नजीर है हम सबके लिये। यह एक उदाहरण है समाज के सामने मनसा, वाचा,कर्मणा..एक होने की। जो मन में है, वही वाणी में और वही कर्म में। हम सबकी पहचान हमारे कर्मों से बनती है। कर्म से ही हमारे सुख-दुख का भी निर्धारण होता है। बस, आवश्यकता है हम सबको अपने अंतर्मन के चक्षु (आखें) खोलने की।

जी हाँ हम बात कर रहे हैं पुरे देश में चर्चित हुये रियल सिंघम सलमानताज पाटिल जी का जिन्होंने जान की परवाह ना करते हुये भी एक अभिनेत्री की जान बचाई।सोलापुर के लाल सलमानताज पाटिल ने पेश की मानवता की मिसाल अपने जान की परवाह न करते हुये भी बचाइ अभिनेत्री की जान।

आइये आपको बताते हैं सिलसिलेवार पूरी कहानी हुआ यूँ के दोपहर 12 बजे किसी ने राबर्ट्सगंज कोतवाली में सुचना दिया के होटल शुभ श्री पैलेस में एक युवक एक युवती पे बन्दुक तानकर बंधक बनाया हुआ है।जैसे ही ये सुचना मिली आनन फानन में एसएसआइ शमशेर सिंह मय हमराही वहा पहुच गये।उस समय तक किसी को पता नहीं था के बंदूक तानकर युवती को बंधक बनाने वाला कौन है।आनन फानन में राबर्ट्सगंज एसएचओ नवीन तिवारी सहित टीएसआइ बागिश विक्रम सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी पहुचकर मोर्चा संभाल लिये।फिर एसएसआइ शमशेर सिंह तत्काल इसकी सुचना कप्तान महोदय को दिया।कप्तान सलमानताज पाटिल भी आनन फानन में बिना देर किये उक्त स्थान पर पहुच गये और अभिनेत्री को गन पॉइंट पे बंधक बनाये हुये युवक से बातचीत कर पूरा मसला समझना चाहा।

तकरीबन 6 मीटर की दुरी पे कप्तान सलमान ताज पाटिल ने उक्त युवक को समझाने ला प्रयास करते रहे।तकरीबन डेढ़ घंटे तक कप्तान सलमानताज पाटिल काउंसलिंग किये जब कप्तान महोदय ने उक्त युवकन्से कहा के मुझे अभिनेत्री से बात करने दो तुम जैसा चाहते हो वैसा मैं कन्वेंस करूँगा तब जाकर युवक बातचीत को राजी हुआ और अभिनेत्री के उपर से गन हटाया। कप्तान महोदय को कमरे में बुलाया और वो कुर्सी पर बैठकर कप्तान महोदय के तरफ पिस्टल करके उनसे बात करता रहा।वो चाहता था के अभिनेत्री के घरवाले यहा आ जाये और उसकी अभिनेत्री से शादी की कन्फर्मेशन यही कर दे।युवक लोडेड पिस्टल कभी अभिनेत्री के तरफ तो कभी कप्तान महोदय के तरफ करके बात करता रहा।जब पुलिस अधीक्षक सलमानताज पाटिल ने कहा के पिस्टल लोडेड है गोली चल सकती है, तो युवक ने लोडेड पिस्टल पलंग के चादर पर रख दिया। लाख कोशिश के बाद भी नहीं माना तब सलमानताज पाटिल ने चादर से पिस्टल हटाकर अभिनेत्री के तरफ करने की कोशिश की लेकिन पिस्टल वही गिर गया और युवक पिस्टल उठाकर सलमानताज पाटिल के तरफ फायर झोक दिया।गोली कप्तान महोदय के कान के पास से निकल गया।इसके बाद सलमानताज पाटिल ने पुरे सिंघम स्टाइल में उक्त युवक को दबोच कर अभिनेत्री की जान बचाइ।

उनसे जब पूछा गया के आखिर आप जान की परवाह ना करते हुये भी उस अभिनेत्री की जान बचाइ।तो उन्होंने जबाब जो दिया वो सुनकर वाकइ में दिल को सुकून पहुचा।उनका जबाब था के तो क्या मैं उस युवती को उस युवक के हाथ मरने देता।अगर वह युवक उस युवती को गोली चला देता तो मैं कभी भी अपने आपको माफ नहीं कर पाता।ये शब्द सुनकर लगा के आज भी वाकइ में ऐसे इमानदार पुलिस अधिकारी मौजूद हैं जो जान की परवाह ना करते हुये इमानदारी से अपना काम करने में यकीं रखते हैं।उनमे से एक हैं सलमानताज पाटिल।

आइये आपको बताते हैं कौन हैं सलमानताज पाटिल

सलमानताज जफरताज पाटिल 2012 बैच के आइपीएस हैं।सलमानताज जफरताज पाटिल महाराष्ट्र के सोलापुर के रहने वाले है।इन्होंने बीटेक और एमबीए किया है।वर्तमान में ये लखनउ एसपी टेक्निकल सर्विस सहित गाजियाबाद,ललितपुर में अपनी सेवा दे चुके हैं।उन्हें खेल में भी काफी रूचि है।क्रिकेट और घुड़सवारी उनका पसंदीदा खेल है।आपको बताते चलें के गाजियाबाद तैनाती के दौरान एक बड़े पार्टी के नेता की क्लास लेने के साथ एक पार्टी के नेता को जेल भेजने के कारण काफी चर्चित हुये थे।सलमानताज पाटिल अपने इमानदार छवि और सिंघम स्टाइल में काम करने के लिये जाने जाते है।

सलमानताज पाटिल जी ने कहा के "दुनिया में इंसानियत से बढ़कर कोई चीज नहीं होती, कहते हैं कि किसी की जान बचाना,गरीबों और असहायों की मदद करने में जो सुकून मिलता है वो शायद और कहीं नहीं"।
अंत में उन्होंने कहा के गरीबों और असहायों की मदद करने की प्रेरणा मुझे अपने अब्बु अम्मी से मिला।उन्होंने कहा के "बुलंदियों का बड़े से बड़ा निशान छुआ, उठाया गोद में माँ ने तब आसमान"

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