अनिंद्रा : आजमायें ये ट्रिक,जमकर आएगी नींद

इनसोमनिया डिसऑर्डर


एक बार अकबर ने बीरबल से पूछा कि दुनिया में सबसे प्यारी चीज क्या है? तो बीरबल ने जवाब दिया कि दुनिया में सबसे प्यारी चीज है, नींद। अगर नींद ठीक से न मिले तो दुनिया की किसी चीज में कोई रस नहीं आता। वास्तव में नींद केवल प्यारी ही नहीं है, बल्कि जीवन के लिए अति आवश्यक चीज भी है। लेकिन यह प्यारी चीज सबके हाथ लगती कहां है? किसी को पत्थर पर सोने से ही आ जाती है, तो कोई मखमली बिस्तर पर भी पूरी रात करवटें बदलता रहता है।अनिद्रा सिर्फ रात आंखों में काट देने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसके चलते कई दूसरे मानसिक और शारीरिक रोग भी पैदा हो जाते हैं।यहां तक कि कभी-कभी इन्सान डिप्रेशन की हालत में आत्महत्या के लिए भी प्रेरित हो जाता है। पढ़िए क्या होता है अनिंद्रा (इनसोमनिया डिसऑर्डर)

इनसोमनिया डिसऑर्डर

इंसान में कई तरह के स्लीपिंग डिसऑर्डर पाए जाते हैं। उनमें इनसोमनिया डिसऑर्डर सबसे ज्यादा होने वाली बीमारी है। इस बीमारी में मरीज रात को बिस्तर में लेटने के बाद भी जगे रहता है। पूरी कोशिश के बाद भी मरीज को नींद नहीं आती और वह बिस्तर पर लेटकर करवटें बदलता रहता है।

कितनी देर तक सोना चाहिए 

चिकित्सकों के अनुसार 18 से 40 वर्ष तक आठ घंटे की नींद और 40 से 50 वर्ष तक स्वस्थ मनुष्य के लिए 6 घंटे की नींद बहुत जरूरी है।50 वर्ष से अधिक उम्र होने पर नींद कम आने लगती है। 

क्यों नहीं आती नींद 

आज देर रात तक जागकर काम करने को लोगों ने क्रिएटिविटी का नाम दिया है। रात तक जागकर काम करने से एक समय के बाद अनिद्रा की शिकायत होना आम समस्या बन जाती है। ऐसे में एक समय के बाद रात को नींद नहीं आती।

"4-7-8" ब्रीथिंग ट्रिक

पूनम पिछले कई दिनों से रातों को सो नहीं पा रही थी। उसने जब एक सप्ताह रातों को करवटें बदलकर काटे तो उसने विशेषज्ञ से परामर्श लेने के बारे में सोचा।पूनम ने जब अपने फैमिली डॉक्टर से इस समस्या के बारे में बताया तो उन्होंने संगीता को "4-7-8" ब्रीथिंग ट्रिक की सलाह दी। सबसे आश्चर्य की बात है की ये ट्रिक पूनम के लिए फायदेमंद साबित हुई।

क्या है ये ट्रिक?

इस ट्रिक की खोज हार्वर्ड से पढ़े डॉ एंड्रयू वेल ने की, जिन्होंने मेडिटेशन, ब्रिथिंग और तनाव मुक्त करने पर स्टडी की है। यह ट्रिक करने में काफी आसान है और इसे करने में मुश्किल से एक मिनट से भी कम समय लगता है। नाक से चार सकेंड तक के लिए सांस लें, सात सकेंड तक इसे रोक कर रखें, और आठ सकेंड तक इसे छोड़ते रहें। इससे हार्टबीट स्लो होती है और ब्रेन में एक केमीकल रीलिज होता है जिससे हमें आराम मिलता है। 

जब हम तनाव में होते हैं तो एंडोक्राइन सिस्टम एड्रेनल ग्लैंड से एड्रेनालाइन रीलिज़ करता है। इससे हार्टबीट बढ़ती है और शरीर में तनाव पैदा होता है। इस ब्रीथिंग ट्रिक के जरिये जो केमीकल रीलिज होता है वो एड्रेनालाइन का काउंटरएक्ट होता है जो हार्टबीट को धीरे करता है। शुरुआत में ये ट्रिक थोड़ी अनकम्फर्टेबल लगती है। लेकिन लगातार उपयोग से आपके शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है। 

इस तकनीक को आजमाने के बाद भी अगर आपकी समस्‍या का समाधान नहीं हो रहा है तो चिकित्‍सक से परामर्श अवश्‍य लें।
लेख पढने के लिए शुक्रिया,स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए पेज लईक कीजिए,आपके मन में  सेहत से जुड़े कोई सवाल है तो अपने सवाल हमें लिखिएrashid.rmhc@gmail.com

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