वाराणसी : गठबंधन की आंधी है,चुनाव परिणाम चौकाने वाला होगा।-शालिनी यादव

वाराणसी लोकसभा चुनाव 2019

अंकुर पटेल 
विशेष संवाददाता 

आज एक ही दिन में गठबंधन प्रत्याशी शालिनी यादव ने विधानसभा वार पाँच कार्यालय का उद्घाटन किया। जिसमें रोहनिया विधानसभा, कैंट विधानसभा, सेवापुरी विधानसभा, शहर उत्तरी विधानसभा और अंत में दक्षिण विधानसभा में कार्यालय का उद्घाटन किया।

गठबंधन प्रत्यासी शालिनी यादव से पूछे जाने पर क्या चुनाव परिणाम आपके फेवर में रहेगा तो उनका कहना था,
"चुनाव परिणाम इस बार गठबंधन के पक्ष में ही रहेगा और वाराणसी में ही नही अपितु पुरे उत्तर प्रदेश में जिस तरह गठबंधन की आंधी है उससे विपक्ष के लोग घबरा गए है। इस बार का चुनाव परिणाम वाकई चौकाने वाला होगा।"
जब तेज बहादुर के मामले में प्रदेश महिला सदस्य सपा कार्यकत्री रितिका रानी से सवाल किया गया कि क्या तेज बहादुर के ऊपर हाल ही में लगे आरोपो से गठबंधन प्रत्यासीयो को नुकसान हो सकता है तो उनका कहना था, 
तेज बहादुर पर लगे सभी आरोप गलत है,एक प्रत्यासी के ऊपर आचार संहिता उलंधन का आरोप लगाया जाता है दूसरी तरफ विशेष दल के नेता नामांकन के समय पूरी टीम के साथ नामांकन स्थल (बैरिकेडिंग के अंदर) पर पहुँचते है, तो वो आचार संहिता का उलंधन नही है।
आप मीडिया के माध्यम से मैं यह बताना चाहूंगी कि बाकी प्रत्यासी, प्रत्यासी के प्रस्तावकों को,मीडिया व प्रशासन को छोड़कर किसी को बैरिकेडिंग के अंदर नही जाने दिया जा रहा था। चुनाव के समय सभी प्रत्यासी एक आम व्यक्ति होता है फिर कुछ के लिए अलग ब्यवस्था क्यों ,क्या ये आचार संहिता का पालन है या अनुपालन।

दावों से अलग है जमीनी हकीकत?

भले ही गठबंधन प्रत्याशी गठबंधन की आंधी की बात कह रहीं हों लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है,तेजप्रताप के वायरल वीडियों वाले मामले में तेजप्रताप ने खुद मीडिया के सामने यह बात माना है की वह वीडियो सही है और उसमें तेजप्रताप ही दिख रहें हैं।उन्होंने उसमें कही बात का भी खंडन नहीं किया,यानी उसमें कही जाने वाली बात सत्य है,जो आपत्तिजनक और असंसदीय है। एक तरफ आप सबका वोट लेना चाहती हैं इसलिए फोटो भी खिचवाई जाती है लेकिन दिखावे के ईतर एक चर्चा यह भी है की कई मामले में वह परहेज भी करती दिख रहीं हैं,चुनाव से पूर्व यदि आप इतनी परहेज़गार हैं तो चुनाव के बाद आप क्या सबका विकास निष्पक्षता से कर पाएंगी? ऐसे तमाम सवाल हैं जिसकी चर्चा इन दिनों वाराणसी के हर चौक-चौराहे पर सुनने को दिखने को मिलाता है,यदि इस तरह के चाचाओं का दौर चलता रहा तो गठबंधन प्रत्याशी का दावा कैसे सच साबित होगा? बहरहाल सियासत है और सियासत में ख़ास कर चुनाव के दौरान पल पल में मिज़ाज बदलता है,ऐसे में चुनाव का परिणाम ही तय करेगा दावों और चर्चाओं की हकीक़त।

Reactions:

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget