पैसा उगाही करने वाले फर्जी पुलिस अधिकारी को कोतवाली पुलिस ने धरदबोचा

सिंगरौली समाचार

ओम प्रकाश शाह 

सिंगरौली जिले में व्यापारियों को फर्जी पुलिस बन कर वसूली करने वाला नटवरलाल को कोतवाली पुलिस ने बरगवां रेल्वे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। फर्जी पुलिस अफसर बने आरोपी आरोपी ने जिले के बाहर भी कई लोगों को पुलिस अफसर बता कर ठगी किया है तथा अपराधिक मामले भी दर्ज हैं। 

क्या है मामला 

पुलिस कप्तान दीपक शुक्ला ने मंगलवार दोपहर घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि सिंगरौली सहित सतना नरसिंहपुर आधारताल में भी इसी तरह कि घटनाएं किया था। जिस में आपराधिक मामले दर्ज हैं।  आरोपी के कब्जे से वर्दी बेल्ट आईपीएस सूरज धुर्वे के नाम का नेमप्लेट जप्त किया गया है।  

पत्रकारों को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक शुक्ला ने बताया कि 13 मई को फरियादी राम नरेश शाह निवासी बिलौजी ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया कि एक सूरज धुर्वे नाम का व्यक्ति अपने आप को क्राइम ब्रांच का पुलिस अफसर बता कर पैसो की मांग कर रहा था,उसने बकायदा वर्दी पहन रखा था। नहीं देने पर फ्राड केश में फंसाने कि धमकी दिया था।


फरियादी कि सूचना पर टीआई मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपी फर्जी पुलिस अफसर भगवान दास पनिका पुत्र रामलाल पनिका निवाशी माटागड़ई थाना जियावन के विरुद्ध धारा 171 419 420 390 के तहत आपराधिक मामला दर्ज करते हुए रगवां रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में अपना नाम सूरज धुर्वे तो रामनरेश पटेल आदि कई नाम बता रहा था जबकि उसका सही नाम भगवान दास पनिका पुत्र रामलाल उम्र 25 वर्ष निवासी माटा गड़ई थाना जियावन है। यह भी पता चला कि आरोपी ने जिले के बाहर भी कई लोगों को पुलिस अफसर बता कर ठगी किया है तथा अपराधिक मामले भी दर्ज हैं।

कब बना फर्जी पुलिस 

अतरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार नटवरलाल आदतन अपराधी है और फर्जी अफसर बन 2015 से वसूली का काम कर रहा है। जबलपुर,सतना व नरसिंह पुर में फर्जी पुलिस अफसर बन वसूली करते दबोचा गया है और कई बार जेल भी जा चुका है। 2018 में एक महिला व चालक के साथ मिलकर वसूली के आरोप में नरसिंह पुर पुलिस ने इसे जेल भेजा था जो तकरीबन 8 माह की सजा काटने के बाद रिहा हुआ और सिंगरौली जिले को अपना निशाना बना वै ढन से शुरुआत कर रहा था जो कोतवाली पुलिस की सक्रियता से हत्थे चढ़ गया।

बचपन का सपना पूरा करने के लिए बना नटवरलाल 

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बचपन से ही पुलिस अफसर बनना चाहता था लेकिन बन नही पाया तो वह नकली पुलिस अफसर बन अपने बचपन का सपना पूरा करने के साथ इसे रोजीरोटी के साधन के रूप में इस्तेमाल करने लगा। हालांकि इस पुलिसिया शौक को पूरा करने के चक्कर मे लगभग सभी उक्त जिलो में पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। नया ठिकाना सिंगरौली को बनाया लेकिन शुरुआत में ही असली पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

इस कार्रवाई में कोतवाली प्रभारी मनीष त्रिपाठी के साथ उप निरीक्षक अभिषेक पांडे प्रधान आरक्षक संतोष सिंह, डीएन सिंह, अवधेश पटेल आरक्षक प्रवीण सिंह, जितेंद्र सेंगर, महेश पटेल, संजय परिहार की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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