एम.के. प्रसाद ने संभाला एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी) का कार्यभार

मनोज कुमार प्रसाद

ओम
प्रकाश शाह
 

सिंगरौली भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफीलड्स लिमिटेड (एनसीएल) के तीन कोयला क्षेत्रों के महाप्रबंधक रह चुके मनोज कुमार प्रसाद ने मंगलवार को एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी) के रूप में कार्यभार संभाला। प्रसाद का चयन कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के निदेशक (तकनीकी) पद के लिए हुआ था और लोक उद्यम चयन बोर्ड (पीईएसबी) ने प्रसाद के नाम की अनुशंसा इस पद के लिए की थी। इसी महीने प्रसाद का तबादला बतौर महाप्रबंधक एसईसीएल हुआ था। 
एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) पी.के. सिन्हा एवं निदेशकमंडल सहित समस्त एनसीएल परिवार नेप्रसाद को हार्दिक बधाई दी है।
शैक्षणिक योग्यता 

मनोज कुमार प्रसाद ने वर्ष 1985 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से माइनिंग इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री ली। 

अनुभव और उपलब्धि

कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी सीसीएल में बतौर माइनिंग इंजीनियर अपनी सेवाओं की शुरुआत की।सीसीएल के बाद उन्होंने एसईसीएल में अपनी सेवाएं दीं और एसईसीएल के अपने कार्यकाल में वे 6 वर्षों से अधिक समय तक भारत के सबसे बड़ी कोयला खदान ‘गेवरा’ ओसीपी के माइंस मैनेजर भी रहे और इस अवधि में गेवरा का वार्षिक कोयला उत्पादन 19 मिलियन टन से बढ़कर 35 मिलियन टन हो गया।

ओपनकास्ट एवं अंडरग्राउंड कोल माइनिंग के क्षेत्र में 33 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले प्रसाद एनसीएल में खड़िया, दुधीचुआ और बीना कोयला क्षेत्रों के महाप्रबंधक रह चुके हैं और उनकी कार्यअवधि में इन कोयला क्षेत्रों ने उत्पादन एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की। उनके कार्यकाल में बीना का कोयला उत्पादन 4.5 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़कर 7.5 मिलियन टन, दुधीचुआ का कोयला उत्पादन 10.9 मिलियन टन से बढ़कर 15.5 मिलियन टन और खड़िया क्षेत्र का उत्पादन 8.8 मिलियन टन से बढ़कर 11.40 मिलियन टन तक चला गया।

कोयला उत्पादन एवं प्रेषण (डिस्पैच) सहित कंपनी को दिए गए सभी लक्ष्यों में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रही एनसीएल ने वित्त वर्ष 2018-19 में 101.5 मिलियन टन कोयला उत्पादन व 101.60 मिलियन टन कोयला प्रेषण कर रिकॉर्ड कायम किया है। 

अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से कोयला उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाए जाने पर विशेष जोर देने वाले प्रसाद एनसीएल एवं सीसीएल के सूचना प्रोद्योगिकी (आईटी) विभाग से भी जुड़े रहे हैं और उनके कार्यकाल में इन कंपनियों में कई आईटी इनिशिएटिव्स की शुरुआत हुई है।

विदेश यात्रा 

मनोज कुमार प्रसाद ने वर्ष 1994 में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर प्रोग्राम के तहत ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। साथ ही, वर्ष 2017 में उन्होंने एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया गई कोल इंडिया की बिज़नेस डेलीगेशन टीम की अगुआई की।

ज्ञात हो कि, लक्ष्य से अधिक उत्पादन एवं प्रेषण करके कंपनी की इस बेहतरीन उपलब्धि में सहभागी रहे के कोयला क्षेत्रों के महाप्रबंधकों का चयन अब निदेशक पद के लिए हो रहा है। हाल ही में कंपनी के निगाही कोयला क्षेत्र के महाप्रबंधक  ए.के. चौधरी ने डब्ल्यूसीएल के निदेशक (तकनीकी) का पदभार संभाला था। इससे पहले कंपनी के अमलोरी क्षेत्र के महाप्रबंधक एस.के. झा ईसीएल के निदेशक (तकनीकी) बने थे।

Labels:
Reactions:

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget