मऊ : दबंग चचेरे भाई ने रिटायर्ड पुलिसकर्मी को गांव छोड़ने की दी धमकी।


रिटायर्ड पुलिसकर्मी की जमीन हड़पने के लिए दबंग आए दिन कर रहे हैं प्रताड़ित और पुलिस सुलह समझौते का खेल रही है खेल।
मऊ। जनपद के कोपागंज थाना अंतर्गत राजपुरा गांव निवासी रिटायर्ड पुलिसकर्मी को उसके ही चचेरे भाई ने फोन के माध्यम से गांव छोड़ने की बात कही है और गांव ना छोड़ने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी दी है। तो वहीं इस घटना से आहत रिटायर्ड पुलिसकर्मी पुलिस की चौखट पर न्याय की गुहार लगा रहा है और पुलिस पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय हिला हवाली करने में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार कोपागंज थाना अंतर्गत रजपुरा गांव निवासी जय गोविंद राय रिटायर्ड पुलिसकर्मी हैं, जो अपनी पत्नी व मानसिक रूप से विकलांग लड़के तथा अपनी नाबालिक नाती के साथ गुजर बसर करते हैं। पीड़ित का आरोप है कि उसके पटीदार कुछ दबंग किस्म के लोगों के साथ मिलकर जबरदस्ती उनकी जमीन जायदाद हड़पने के जुगत में लगे हुए हैं।

इस बाबत सूत्रों ने बताया कि बीते अप्रैल माह से उनके मोबाइल पर धमकी भरे कॉल और मैसेज आ रहे थे। जिसमें बार-बार कहा जा रहा था कि गांव छोड़कर चले जाओ वरना परिवार संग जान से मारे जाओगे। पीड़ित का आरोप है कि जब इस घटना से आहत उसने उक्त नंबर के बारे में जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि वह नंबर उसके ही चचेरे भाई का है।

फिर क्या था पीड़ित अपने चचेरे भाई के यहां धमकी भरे मैसेज व कॉल को लेकर शिकायत की लेकिन चचेरे भाई व उसके अन्य परिजनों ने गलती स्वीकार करने के बजाय आनाकानी करते हुए पीड़ित पर ही हावी हो गए।

इतना ही नहीं आरोप है कि विपक्षी संजय व उनके दोनों लड़के, राजकुमार व उनके दोनों लड़के पूर्व से ही उनसे रंजिश रखते हैं।

इसके साथ ही सभी एक साथ मिलकर उनके घर में ईट पत्थर आदि फेंकते रहते हैं। सूत्रों ने बताया कि जब इस समस्या के बाबत उन्होंने प्रभारी निरीक्षक थाना गोपागंज से शिकायत की तो उन्होंने उन्हें सिर्फ आश्वासन ही दिया कोई कार्यवाही नहीं किया वही शिकायत की जानकारी मिलते ही विपक्षी आग बबूला हो गए।

इतना ही नहीं पुलिस विपक्षियों से मिलकर सुलह समझौते की दबाव बनाने लगी। सूत्रों ने बताया कि विपक्षी संजय राय दबंग किस्म का आदमी है जो अवैध खनन का कार्य करता है उसके पास जे.सी.वी. मसीन ट्रैक्टर ट्राली इत्यादि हैं जिसकी वजह से उसका क्षेत्र एवं थाने में प्रभाव है।

सूत्रों की माने तो शिकायत के बाद भी उनकी एफ.आई.आर. दर्ज नहीं किया गया। इसके साथ ही उल्टा उन्हें ही गलत कहानी बनाकर फसाए जाने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही सभी विपक्षी एकमत होकर उनके साथ अभद्रता करने के अलावा घर में पत्थरबाजी करते हुए मारपीट पर आमादा हो गए। इस बाबत जब उन्होंने 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचित किया तो मौके पर पहुंची पुलिस की खानापूर्ति कर चलती बनी।

इस बात से आहत पीड़ित के पुत्र ने पुलिस अधीक्षक मऊ की चौखट पर गुहार लगाई, बावजूद इसके आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और पुलिस उन पर लगातार सुलह समझौते का दबाव बनाती रही। 

  • आखिर क्यों पुलिस खनन माफिया का ले रही हैं पक्ष?
  • जबकि पुलिस का काम शिकायत दर्ज करके मामले की विवेचना कर न्यायालय मे प्रस्तुत करना हैं।

बता दें कि पीड़ित द्वारा लगातार प्रशासन की चौखट पर न्याय की गुहार लगाने के बाद जब मामला तूल पकड़ा तो पुलिस भी हरकत में आ गई और विपक्षियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कर लिया।

गजब तो तब हो गया जब पुलिस भी विपक्षियों से मिलकर पीड़ित के खिलाफ मनगढ़ंत मामला बना कर एफ.आई.आर. दर्ज कर लिया।

हाल यह है कि आज पीड़ित को न्याय तो नहीं मिला लेकिन दबंगों की दबंगई तथा क्षेत्रीय पुलिस की मिली भगत से पीड़ित दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
Labels:
Reactions:

टिप्पणी पोस्ट करें

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget