उर्जान्चल : कबाड़ियो के आतंक से आम जनता त्रस्त

फोटो-फाइल 
के.सी.शर्मा 
शक्तिनगर(सोनभद्र)।।बीते सोमवार की रात कबाड़ियों ने खडिया "ऐस डायिक एरिया" से 33000 KV के लगभग500 मी0तार चलती लाईन में काट लिए और इसके साथ एक रेल पोल को भी काट दिए,जिससे उर्जान्चल के गैर परियोजना क्षेत्र में 36 घण्टे से पूरी तरह बिजली आपूर्ति ठप्प है।बिजली आपूर्ति ठप्प होने 50 हजार से भी अधिक जनता इस भीषण उमस भरी गर्मी में बिल बीला उठी है।
बिजली के तार चोरी मामले में विजली विभाग के अवर अभियंता राजीव वर्मा द्वारा अज्ञात कबाड़ चोरों के खिलाफ शक्तिनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
उर्जान्चल के मन बढ़े कबाड़ियों का आतंक अब कहर बन के उर्जान्चल वासियों पर टूट रहा है, जिससे लोगो का जीना मुहाल हो चुका है।आये दिन घरों से लेकर परियोजनाओं तक चोरियां हो रही है, इस समय तो कुछ समय से चोरियों की बाढ़ ही नही बल्कि यह कहना अतिश्योक्ति नही होगा कि उसका "सैलाब" ही आचुका है।

सूत्रों पर भरोसा करें तो कुछ समय से उर्जान्चल के कबाड़ियों में अंदर ही अंदर छिड़ा वर्चस्व का जंग अब अपने चरम कीओर बढ़ने लगा है। इस वर्चस्व की जंग में सह- मात का खेल अंदर ही अंदर जारी है, इस खेल में एक दूसरे को बर्बाद करने के चक्कर मे संरक्ष्ण दाताओं को लाखों की बोली लगा के भेंट भी चढ़ाया जा रहा है, इसलिए इस खेल में इनकी भूमिका भी संदिग्ध हो गयी है।

कबाड़ सरगनाओं के गिरोह मे सैकड़ो की संख्या में अंतरप्रांतीय अपराधी हुवा करते है, इसी लिये कबाड़ सरगनाओं के वर्चस्व का जंग कही उर्जान्चल की शांत फिजाओं का बाताबरण भविष्य में अशांत न कर दे कि आशंका को पूरी तरह खारिज नही किया जासकता है।
"सीकेडी" का दिन दुना रात चौगुना फलना- फूलना क्या पुलिसिया संरक्ष्ण के बगैर सम्भव है? दरअसल कानून के रखवाले और और कानून को ताक़ पर रखकर अवैध कारोबार करने वालों के बीच का अघोषित तालमेल के कारण ही "सीकेडी" माफियाओं  द्वारा  उर्जान्चल में दशको से बेख़ौफ़ अवैध कारोबार किया जा रहा है। यदि ऐसा नहीं होता तो अब तक अंकुश लग गया होता।




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