योगी जी,इनके "अकूत सम्पत्ति" की निष्पक्ष जांच करा दी जाए तो भ्रष्टाचार के पर्याय बन चुके माल्या भी शर्मा जाए।


बिजली सोंच : "सियासत के रहनुमाओं" को भेंट चढ़ा देंगें, तो  कोई क्या विगाड़ लेगा !

के सी शर्मा 

शक्तिनगर। सोनभद्र।इस समय शक्तिनगर और बीना परिक्षेत्र के रहवासियों को वह खूब "सता और तड़पा" रही है,वह दिन हो या रात "दवे पॉव" अचानक आती है, और इस भीषण उमस भरी गर्मी में उसके लिए तड़पते अपने चाहने वालो को उनके पसीना से लतपथ जलते तनबदन को ठंढ भरी हवाओ के साथ उनका आलिंगन करते हुए उनको चूम लेती है, कुछ घण्टे साथ मे रहती भी है, इस दौरान खूब मीठे सब्जबाग भी दिखती है,बदन को झुलसा देने वाली इस गर्मी में उसका अचानक आना तो लोगो को अपनी मुराद पूरी होने जैसा लगता है,और जब चुपके से अचानक "साये" की तरह गायब हो जाती है जैसे लगता कि इसके पहले "नीद" में स्वर्ग से आई अप्सरा का ख्वाब देख रहे हो।अचानक फिर उसकी तलास में इधर उधर उसे ढूढते हुए तड़पते फिरते है,पर वह है इतनी निर्दयी और निष्ठुर की उसे अपने दीवानों की कोई परवाह ही नही। 

नेता, पुलिस, पत्रकार, पब्लिक सब है "हैरान और परेसान",पर यह"दिल है कि मानता नही",के तर्ज पर "सताना- तड़पाना" छोड़ने को तैयार ही नही है।

आपको बतादे यह और कोई नही, यह "बिजली रानी" है जो एक सप्ताह से शक्तिनगर-बीना क्षेत्र के अपने चहेतों से रूठी हुई है।अनपरा- शक्तिनगर परिक्षेत्र के निरंकुश बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भ्र्ष्टाचार की भेंट चढ़ी "बिजली रानी" की सारी व्यवस्था चरमरा गई है। 
यहां पदस्थ इस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इतने वेख़ौफ़ है कि उन्हें सूबे के मुख्य मंत्री के फरमान और निर्देशो तक कि कोई परवाह नही है, वे इसे अंगूठा दिखाते हुए शासन की मंशा को मुँह चिढ़ाते फिर रहे है।इनका उद्देश्य है कि देश के "उर्जाधानी" में अवैध कनेक्शन बाट धन उगाही करना,जनता जाए भाड़ में, सरकार की छवि और उसके साख पर बट्टा लगता रहे,इनको इसकी परवाह नही है।
और हो भी क्यों,काला कारनामों की बदौलत न केवल बिजली अधिकारी "अकूत सम्पत्ति" के मालिक बन बैठे है,बल्कि कर्मचारी तक करोड़ो के मालिक हो चुके है।अगर इनकी निष्पक्ष जांच करा दी जाए तो भ्रष्टाचार के पर्याय बन चुके माल्या भी शर्मा जाए। 

इस क्षेत्र के अवर अभियन्ता का अंदाज़ ही निराला है,यह अकूत दौलत का गुमान नहीं तो क्या,जनता के प्रति जवाबदेही के बजाय लीपापोती पर ज्यादा ध्यान रहता है। कुछ होगा तो नबाबो के शहर राजधानी में पहुच "गुलाबी कागज" के टुकड़ो की "गड्डी" "रियासत के रहनुमाओं" को भेंट चढ़ा के चले आएंगे,कोई उनका क्या विगाड़ लेगा, जिसका "गुरुर और गुमान" के "हनक" का इजहार इलाके में वे समय-समय पर करते भी रहते है।

"सफेद हाथी" कहे जाने वाले इस विभाग की हालत यह है कि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े इन अधिकारी और कर्मचारियों के कारगुजारियों का खामियाजा इस क्षेत्र की जनता भुगत रही है, और "बिजली रानी" के कोपभाजन का शिकार हो रही है।

परिणामतः "बिजली रानी" के रह- रह के गायब हो जाने के चलते आमजन चिलचिलाती उमस भरी इस गर्मी में त्रस्त हो बिलबिलाता हुआ "त्राहि- त्राहि" कर रहा है।

ज्ञात हो कि शक्तिनगर के कोटा विद्दुत सब स्टेशन से 2 दो फीडरों के माध्यम से शक्तिनगर- बीना क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जाती है,पहले फीडर से शक्तिनगर एरिया को और 2 दूसरे से खडिया- बीना एरिया को बिजली आपूर्ति की जाती है।

इस समय शक्तिनगर फीडर खराब हो गया है, तो दूसरे फीडर से ही दोनो तरफ बिजली कटौती कर-कर के दी जारही है।जनता के आक्रोश को दबाने के लिए कभी इधर तो कभी उधर का खेल कई दिनों से चल रहा है, लेकिन ये पब्लिक है जो सब जानती है।

चिल्काटाड ग्राम के लोगो के आक्रोश का आलम यह है कि वे सुरेंद्र कुमार उर्फ़ पप्पू के नेतृत्व मे शक्तिनगर थाने मे विती रात 12 बजे इसके विरोध में ज्ञापन देने पहुंचे हुए थे।परंतु उस समय थाने में कोई भी आला अधिकारी मौजूद नहीं है।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधि अपने एसी कमरों में आराम फरमा रहे हैं और जनता गर्मी में बिलबिला रही है।

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