जगतपुर डबल मर्डर केस : जमीन विवाद के कारण हुई थी हत्या,आरोपी गिरफ्तार


अजीत नारायण सिंह 
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी के कुशल निर्देशन में पुलिस अधीक्षक अपराध, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में गठित टीमों ने रोहनिया के ग्राम जगतपुर में हुये सनसनीखेज डबल मर्डर में शामिल तीन अभियुक्तों को जगतपुर डिग्री कॉलेज के पास से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में जयप्रकाश सिंह उर्फ़ प्रकाश जगतपुर थाना रोहनिया, सोहन सिंह गंगापुर थाना रोहनिया एवं विनोद कुमार सिंह ग्राम भैसा थाना कछवा जिला मिर्जापुर के रहने वाले है।पकडे गए अभियुक्तों के पास से पुलिस ने एक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किया है।

क्या था मामला 

दिनांक 20/21.06.2019 को थाना रोहनिया के ग्राम जगतपुर के शितला प्रसाद शर्मा द्वारा यह सूचना दी गयी थी कि मेरा पुत्र हरेन्द्र शर्मा घर के सामने ही रहने वाली रूचि सिंह के घर गया था वापस घर नहीं आया आज पता करने जब घर गया तो रूचि सिंह के घर के आंगन में दोनो का शव पड़ा मिला जिनकी अज्ञात लोगों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गयी है। दोनों के शव मौके पर ही हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना के अलावा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मौका मुआयना किया गया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देश पर फील्ड यूनिट व डाँग स्क्वाड को भी लगाया गया। बीच गांव में हुए सनसनीखेज हत्याकांड से पूरा गांव स्तब्ध था व इस घटना को लेकर जनता में काफी रोष भी व्याप्त हो गया था। 

जमीन विवाद के कारण हुई थी हत्या

पुलिस के पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि जय प्रकाश के चाचा व परिवार के अन्य सदस्यों की जमीन जिनका कोई वारिस नहीं था उनकी जमीन की कब्जेदारी को लेकर मृतका रूचि सिंह व प्रकाश में विवाद चल रहा था उक्त जमीन को प्रकाश सिंह द्वारा अपने चाचा की जमीन का सट्टा दिलीप सिंह उर्फ बासू को सट्टा करवा दिया गया था उक्त जमीन को मृतका रूचि सिंह व मृतक हरेन्द्र शर्मा द्वारा उक्त सट्टे की जमीन को कब्जा नहीं करने दिया जा रहा था चूंकि प्रकाश द्वारा विनोद सिंह व सोहन को भी पैसा देने का लालच दिया गया था कि उक्त जमीन के कब्जा होने पर जो पैसा मिलेगा उसमें से आप लोगों को भी हिस्सा दिया जायेगा। यह बात जब मृतका रूचि सिंह व मृतक हरेन्द्र सिंह को पता चली तो उनके द्वारा उक्त सट्टे की जमीन को जबरी जोतवा लिया गया। इस बात को लेकर दिलीप सिंह उर्फ बासू ने कहा कि कब्जा होने पर ही पैसा दिया जायेगा। उक्त जमीन को कब्जा करने के लिए प्रकाश, सोहन, विनोद सिंह व दिलीप सिंह उर्फ वासू द्वारा उनको राह से हटाने के लिए हत्या की योजना बनायी गयी। योजनानुसार दिलीप सिंह उर्फ वासू सिंह ने प्रकाश व सोहन को अपने घर बुलवाकर एक अदद पिस्टल 30 बोर व 05 अदद जिन्दा कारतूस 30 बोर व 25000/- रूपये नकद देते हुए बोले कि मैं आज बैंगलोर निकल जाउंगा तुम लोग मिलकर रूचि व हरेन्द्र की हत्या कर देना। यह भी बोला था कि यह 30 बोर की पिस्टल है जो जल्दी मिलती नहीं है। पूरी योजना में प्रकाश के मौसा विनोद सिंह भी शामिल रहे। दिलीप उर्फ वासू ने कहा कि हम पैसा खर्च करके तुम लोगों को बचा लेंगे। उसी दिन प्रकाश अपनी पत्नी को लेकर अपनी मां से मिलने पहड़िया आता है तभी शाम को सोहन ने फोन करके बताया कि सट्टे वाली जमीन को मृतका रूचि सिंह व मृतक हरेन्द्र सिंह ने जबरी जोतवा लिया है फिर सोहन भी पाण्डेयपुर आ गया यहीं पर प्रकाश व सोहन शराब पीकर हरेन्द्र व रूचि की हत्या की योजना बना लिये। योजनानुसार प्रकाश, सोहन व विनोद सिंह गांव में ही मिले रात्रि में दीवार फांदकर रूचि सिंह के घर में दाखिल हुए तो देखा कि हरेन्द्र शर्मा फोल्डिंग चारपाई पर व रूचि सिंह अलग चारपाई पर आंगन में सो रहे थे पहले प्रकाश ने हरेन्द्र शर्मा की कनपटी में गोली मारी तो रूचि सिंह जगी तो रूचि की चारपायी के पास पहले से खडे़ सोहन व विनोद ने पैर पकड़ लिया फिर प्रकाश ने रूचि को भी कनपटी में गोली मार दिया। छत पर ही चाचा लक्ष्मीनरायन व रूचि की बेटी सोये थे। फायरिंग की आवाज सुनकर उठे परन्तु कुछ बोले नहीं। हम लोग जिस तरह दीवार फांदकर अन्दर आये थे वहीं से कूदकर भाग गये थे। सबेरे प्रकाश ने गांव के कुछ लोगों से यह कहा कि प्रेमी प्रेमिका ने आत्महत्या कर लिया है यह बात पूरे गांव में फैला दो।

वाराणसी पुलिस गिरफ्तार अभियुक्तों के  विरुद्ध आईपीसी की धार 302/ 34/ 120 बी के तहत केस दर्ज करके आगे की क़ानूनी कार्रवाई कर रही है।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में क्राइम ब्रांच से विक्रम सिंह, सब इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, हेड कॉन्स्टेबल पुनदेव सिंह, हेड कॉन्स्टेबल घनश्याम वर्मा, हेड कॉन्स्टेबल रामभवन, हेड कॉन्स्टेबल सुरेंद्र मौर्य, कॉन्स्टेबल रामबाबू, कॉन्स्टेबल कुलदीप, कॉन्स्टेबल चन्द्रसेन, कॉन्स्टेबल चालक सुनील राय, कॉन्स्टेबल विवेकमणि त्रिपाठी एवं थाना रोहनिया से प्रभारी निरीक्षक परशुराम त्रिपाठी और उनकी पुलिस टीम शामिल रही।
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