उत्तर प्रदेश : प्रशासन से जनता परेशान, भाजपा सरकार आखिर कहाँ सो रही है?- प्रियंका

बिजली विभाग की प्रताड़ना से तंग आकर नीरज ने लगाया मौत को गले




डिजिटल न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अधिकारियों के कथित उत्पीड़न से परेशान नीरज कुमार नामक व्यक्ति के खुदकुशी करने की खबर को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राज्य की जनता प्रशासन से परेशान है,लेकिन योगी आदित्यनाथ नाथ सरकार सो रही है।

प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, 'उत्तर प्रदेश में नीरज जैसे तमाम निवासी परेशान हैं। उनसे हर बात पर पैसे वसूले जा रहे हैं और उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। " 

उन्होंने कहा, "इस खबर से दिल परेशान हो उठा। भाजपा सरकार आखिर कहाँ सो रही है?"

बिजली विभाग की प्रताड़ना से तंग आकर नीरज ने लगाया मौत को गले!

उत्तर प्रदेश में पिछली सरकार के कार्यकाल तक नौकरशाहों को बेलगाम कहा जाता था, लेकिन 'जानलेवा' कहा जा रहा है। दरअसल यह बात इसलिए कही जा रही है क्योंकि उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के अधिकारियों के टॉर्चर से तंग आकर मुजफ्फरनगर का एक शख्स जान देने पर मजबूर हो गया,हालांकि,कुछ ऐसा ही हाल सोनभद्र जिले जिसे पॉवर हब के नाम से जाना जता है वहां का भी है। 

क्या है पूरा मामला?

द क्विंट की रिपोर्ट के अनुसार मृतक नीरज कुमार मुजफ्फरनगर के मीरापुर का रहने वाला था। नीरज के रिश्तेदार राजकुमार के मुताबिक, पिछले 1 साल से बिजली विभाग का एक जूनियर इंजीनियर नीरज को परेशान कर रहा था। बिजली काटने के नाम पर वह कई बार नीरज से मोटी रकम वसूल कर चुका था। पिछले दिनों भी उसने नीरज से 20 हजार रुपये जबरदस्ती ले लिए। राजकुमार के मुताबिक, इन पैसों को नीरज ने अपनी मां के इलाज के लिए रखा था।

राजकुमार ने बताया- बिजली विभाग वाले नीरज को उसके घर से नंगे पैर ही उठाकर ले गए थे। इसके बाद नीरज के साथ मारपीट भी की गई थी।जूनियर इंजीनियर की प्रताड़ना से तंग आकर नीरज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी, जिसमें उसने राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग की थी।

मरने से पहले किया बहन को फोन

9 जुलाई को नीरज आंख का इलाज कराने के बहाने बिजनौर पहुंचा। उसने अपनी बहन को फोन किया और कहा कि अब मैं जीना नहीं चाहता। इसके बाद उसने फोन काट दिया।

चश्मदीदों के मुताबिक,नीरज शाम तकरीबन 4 बजे डीएम दफ्तर के बाहर पहुंचा और उसने अचानक जहर खा लिया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, उसकी जान चली गई।

नीरज के पास मिले सामानों के आधार पर उसकी शिनाख्त की गई। उसके पास मील बैग से कई प्रार्थना पत्र मिले हैं, जिसमें उसने बिजली विभाग के अधिकारियों की प्रताड़ना का जिक्र किया है।

बेलगाम अफसरों पर लगाम कब?

उत्तर प्रदेश में बेलगाम अफसरों की प्रताड़ना की यह खबर नई जरूर है लेकिन हैरान नहीं करती। यहां रहने वाला हर शख्स किसी न किसी रूप में अफसरों की प्रताड़ना झेलता रहता है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अफसरों पर सख्ती दिखाने की बात तो करते हैं, लेकिन जमीन पर इस सख्ती का असर नहीं दिख रहा। यह असर दिखता तो नीरज जैसे युवक को जान नहीं देनी पड़ती।

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