#SINGRAUL कई घरों का चिराग़ बुझाने वाला दैत्यनुमा कोल वाहन यथावत दौड़ेगा सड़क पर?


सड़क मार्ग द्वारा हो रहे कोल परिवहन पर लगे प्रतिबंध को हटाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एनसीएल, उससे जुड़ी बिजली घरों व कोल ट्रांसपोर्टरों को बड़ी राहत दी है। जिसके बाद अब एक बार पुनः क्षेत्र की सड़कों पर कोयला से लदे वाहन फर्राटे से दौड़ सकेंगे।वहीं सड़क मार्ग से कोल परिवहन जारी रखने की खबर मिलते ही आमजनता में मायूसी छा गई। उनका मानना है की फिर से कोल परिवहन में लगे ट्रेलर,हाईवा सारे नियमों को ताक पर रखकर फर्राटे भरेंगे,और प्रदूषण की भयावहता व सड़क दुर्घटनाओं को सहना और भोगना होगा।

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी की ओवर साइट कमेटी के उस निर्देश पर स्टे लगा दिया है, जिसमें सडक़ मार्ग से कोल परिवहन को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया था।

ओवर साइट कमेटी के निर्देश पर न्यायालय से स्थगन आदेश जारी होने के बाद यहां एनसीएल सहित अन्य ग्राहक कंपनियों को सडक़ मार्ग से कोल परिवहन करने के लिए फिलहाल छूट मिल गई है। ट्रांसपोर्टरों को भी इस स्थगन आदेश से राहत मिली है। हालांकि इस मामले में अभी न्यायालय में सुनवाई जारी रहेगी।

न्यायालय से राहत मिलने के कुछ ही घंटों बाद एनसीएल ने 22 जून को जारी उस आदेश को शिथिल कर दिया है, जो सडक़ मार्ग से कोल परिवहन प्रतिबंधित किए जाने को लेकर जारी किया गया था। यह आदेश कंपनी के सभी परियोजनाओं के प्रबंधकों के लिए था। एनसीएल की ओर से प्रबंधकों को यह आदेश ओवर साइट कमेटी के निर्देश के दबाव में आकर किया गया था।

ट्रांसपोर्टर का धरना अब भी जारी


सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सिंगरौली मोटर एसोसिएशन के बैनर तले ट्रक मालिक धरने पर डटे हुए हैं। उनकी मांग है कि एनसीएल व जिला प्रशासन लिखित में उन्हें आश्वस्त करें की कितने दिनों में फोरलेन सड़क तैयार कर ली जाएगी। 

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