उर्जान्चल : 24घण्टे में दर्जनों बार बिजली कटौती से जनता त्रस्त, योगी सरकार के कर्मचारी मस्त !


शक्तिनगर(सोनभद्र)।।देश की उर्जाधानी कहे जाने वाले "उर्जान्चल" जो देश को 20 % से अधिक विजली आपूर्ति करने का माद्दा रखता है और देश के विकाश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए दशको से देश के लिए "रीढ़" की "हड्डी" बना हुआ है।

उसके अपने उर्जान्चल के निवासियों जिनके जमीनों पर ये पावर हाउस खड़े है, जो देश के एक बड़े हिस्से को रोशन कर रहे है। उनकी बिजली व्यवस्था इस समय बेपटरी पर चल रही है।24 घण्टो में 24 बार हो रही है कटौती ,जनता होगयी है बेहाल,24 घण्टे बिजली देने का दवा करने वाली योगी सरकार कहा सो गई है, किसी को पता नही,लेकिन लोग है हलकान।

ज्ञात हो कि शक्तिनगर से अनपरा तक के गैर परियोजना क्षेत्र की विजली व्यवस्था इस समय पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जनता त्रस्त है, लेकिन अधिकारी, कर्मचारी वेखबर और मस्त है।

इस क्षेत्र के बिजली के पोलो और इसपर बिछाए गए तार व अन्य सामानों की हालत एकदम जर्जर हो चुकी है। जो एक हवा के झोंके को बर्दास्त तक नही कर पारहे है।जिर्ड शीर्ण तारो के चलते बिजली आती है और फिर कुछ मिनटों में फिर चली जाती है,यह सिलसिला अब अंतहीन हो गया है।जिससे जनता में अशन्तोष और आक्रोश व्यात है।स्थानीय लोग इसके विरोध में जन संघर्ष की तैयारी करने लगे है।


सूत्रों पर भरोसा करें तो समय- समय पर जिन तारो व पोलो को बदल कर उनका रिपेयर करना चाहिए था, वह नही किया गया, कहते है कि सामानों को बेच खाने के चलते उसका अभाव बना हुआ है।जिसके चलते लाखो जनता बेहाल है ,लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी तो माला माल है, जिन्हें आम जनता की "सुधि" लेने व बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कराने की फुर्सत ही नही।

इस इलाके के चप्पे चप्पे पर मकड़ जाल की तरह "चिपके कबाड़ माफियाओं के अड्डे पर जमे कबाड़ चोरो की फौज भी आये दिन तार- पोल काटना शुरू कर दिए है। जो बिजली व्यवस्था के लिए एक नई चुनौती बन बैठे है।"

बिजली व्यवस्था बेपटरी हो जाने से उर्जान्चल के बाजारों में भी इसका असर पड़ा है, इसके चलते इनके व्यापार पर भी विपरीत असर पड़ना शुरू हो गया है। बिजली पर आधारित छोटे कारखाने,मशीनों, गैरेजो, प्रिंटिंग प्रेस, आटा चक्की,टुल्लू पम्प,आदि सभी प्रभावित है।

परन्तु वील आती है पहले जैसी ही,विजली मिल नही रही, रोजगार अलग प्रभावित हो रहा,आदमी अलग है परेसान, पर बिल पर इसका नही पड़ा है कोई असर, जिससे लोगो मे नाराजगी बढ़ गयी है।
स्थानीय नागरिकों ने विजली विभाग के उच्चाधिकारियों का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है!
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