उन्नाव रेप मामला: कुलदीप सिंह सेंगर को क्यों नहीं हटा पा रही भाजपा?


उन्नाव के चर्चित रेपकांड की पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। कार में टक्कर मारने वाला ट्रक फतेहपुर के सपा नेता व पूर्व जिला सचिव नंदू पाल का है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सपा नेता का कहना है कि फाइनेंसर की नजरों से  बचने के लिए ट्रक के नंबर प्लेट पर कालिख पोता हुआ था मामले को साजिश बताकर बेवजह तूल दिया जा रहा है जबकि यह एक हादसा है।यदि कहीं भी साजिश प्रतीत हो रही है तो सरकार इसकी सीबीआई जांच करा ले ताकि सच्चाई सामने आ सके।

हादसे की होगी सीबीआई जांच

केंद्र सरकार ने रायबरेली में उन्नाव की रेप पीड़िता की कार में टक्कर मारने के मामले उत्तर प्रदेश सरकार की सिफारिश को मंजूर करते हुए जांच सीबीआई को दी है।

ट्रक चालक,मालिक गिरफ्तार

पुलिस ने ट्रक चालक आशीष कुमार के अलावा ट्रक मालिक फतेहपुर के देवेन्द्र किशोर पाल और क्लीनर बांदा निवासी मोहन श्रीवास को भी सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है।


मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, भगवान के लिए इस अपराधी और उसके भाई को आपकी पार्टी ने जो ताकत दी है उसे छीन लीजिए. अभी भी देर नहीं हुई।-प्रियंका गांधी 


रेप के आरोपियों को भाजपा दे रही संरक्षण - मायावती 

क्या है मामला 
भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर(फाइल फोटो)

भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर वर्ष 2017 में बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की,उसकी चाची और मौसी अपने वकील के साथ रायबरेली जेल में बंद अपने रिश्तेदार महेश सिंह से रविवार को मुलाकात करने जा रही थी। रास्ते में रायबरेली के गुरुबख्श गंज क्षेत्र में उनकी कार और एक ट्रक के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में टक्कर हो गई थी।

इस हादसे में लड़की की मौसी ने स्थानीय अस्पताल में दम तोड़ दिया था। वहीं, हादसे में घायल कार सवार चाची को को लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था।इस घटना में घायल वकील की हालत बेहद नाजुक है और वह ट्रामा सेंटर में वेंटिलेटर पर हैं। वहीं, विधायक सेंगर पर आरोप लगाने वाली लड़की भी गम्भीर रूप से घायल हुई है।

वर्ष 2017 में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगने के बाद,सेंगर को गिरफ्तार किया गया था। मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई और तब से सेंगर जेल में हैं।

भाजपा विधायक जेल से फोन पर धमकी देता था ब्यान बदलने के लिए 

रायबरेली में हुए हादसे के बाद भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद तथा 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ सोमवार को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।

रायबरेली के गुरुबक्स गंज थाने में महेश सिंह की तहरीर पर सेंगर और उनके भाई मनोज सेंगर के साथ-साथ विनोद मिश्र, हरिपाल सिंह, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेन्द्र और रिंकू के खिलाफ नामजद तथा 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और साजिश रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

मुकदमे के वादी महेश सिंह ने तहरीर में आरोप लगाया है कि जेल में बंद विधायक कुलदीप सिंह सेंगर अपने साथियों के नंबर पर फोन मिला कर उसके घर पर जबरन बात किया करते थे और धमकी देते थे कि अगर जिंदा रहना है तो सारे मुकदमों में बयान बदल दो।

आरोप है कि पुलिस से इस बारे में कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। धमकी देने वालों में कुलदीप सेंगर, उनका भाई मनोज सेंगर तथा आठ अन्य नामजद आरोपी और 15-20 दूसरे लोग कहा करते थे कि विधायक से सुलह कर लो नहीं तो तुम सभी लोगों को किसी ना किसी तरह से घूमते-फिरते मरवा दिया जाएगा।

तहरीर में महेश ने आरोप लगाया है कि उसे एक साजिश के तहत उन्नाव से रायबरेली जेल भेजा गया। इस बारे में उसने अधिकारियों से गुजारिश भी की थी कि उसे उन्नाव जेल में ही रखा जाए नहीं तो उसके परिवार के लोगों की उससे मुलाकात के लिए आते वक्त रास्ते में कहीं ना कहीं हत्या करवा दी जाएगी।

तहरीर में कहा गया कि रायबरेली में हुई घटना को देख कर यह यकीन है कि टक्कर मारने वाले ट्रक के मालिक का संबंध विधायक सेंगर और उसके गुर्गों से है तथा हत्या करने की नीयत से ही घटना को अंजाम दिया गया। इन हत्याओं में सभी अभियुक्तों का हाथ है।

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