विद्युत विभाग मे स्थानांतरण नीति के नाम पर भ्रष्टाचार।


अजीत नारायण सिंह 
विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय वाराणसी मे स्थानांतरण नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है ताजा मामला प्रकाश आया है जिसमें अरुणेश्वर कुमार तिवारी का स्थानांतरण दिनांक 14.07.18 को कर दिया गया था उन्हें एक वर्ष बाद दिनांक 23.07.19 को अपराह्न मे दरसाते हुए दिनांक 25.07.19 को पत्र जारी कर कार्यमुक्त किया गया।

जबकि अरुणेश्वर कुमार तिवारी कार्यालय सहायक संघ वाराणसी मे जिला सचिव के पद पर संगठन का कार्य कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सूत्रों की माने तो अरुणेश्वर कुमार तिवारी से भी पुराने वर्षों से ए.के. श्रीवास्तव मुख्य अभियंता कार्यालय मे जमे हुए हैं उनका स्थानांतरण मुख्य अभियंता वाराणसी या तो स्वहित या उनके प्रबल प्रभाव से प्रभावित हो कर नहीं कर पा रहे हैं।यह तो स्वंय मुख्य अभियंता ही जाने।

जबकि निगम के स्थानांतरण नीति के पत्र संख्या *430 ज0प0श0 एवं प्र0सु0-01/पा0का0लि0/2019-100 (!) प्र0मु0/92 दिनांक 03.06.19 मे बिन्दु संख्या 10 के अनुसार मान्यता प्राप्त संघो के अध्यक्ष/सचिव को स्थानांतरण से मुक्त रखा गया है।

सूत्रों के अनुसार आप को बता दें कि ए.के. श्रीवास्तव ही मुख्य अभियंता कार्यालय पर स्थानांतरण का कार्य संपादित करते हैं इनका हाल यह है कि नियमों को ताख पर रख कर अभी हाल मे ही प्रवन्ध निदेशक कार्यालय द्वारा तीन कर्मचारियों का स्थानांतरण हुआ था उनमे से दो को कार्यमुक्त कर दिया गया था और एक को निजी स्वार्थ के कारण रोक दिया गया।

सूत्रों के अनुसार कुछ कर्मचारियों को कहते सुना गया कि ए.के. श्रीवास्तव एक संगठन के केंद्रीय पदाधिकारी हैं जिन्हें लखनऊ केन्द्र मे रह कर संगठन को मजबूत करना चाहिए।

टिप्पणी पोस्ट करें

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget